एमपी से गुजरने वाली 20 से ज्यादा से ट्रेनें डायवर्ट, यहां देखें पूरी लिस्ट
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल से गुजरने वाली 24 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है।
- दानापुर मंडल और प्रयागराज स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य की वजह से यह बदलाव हुआ।
- यह डायवर्जन 30 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा।
- प्रयागराज रूट पर जाने वाली ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं।
- रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा से पहले ऑनलाइन स्थिति जरूर जांचें।
समर सीजन में बढ़ी यात्रियों की मुश्किलें
गर्मियों का मौसम शुरू होते ही भोपाल रेलवे स्टेशन पर भीड़ तेजी से बढ़ गई है। प्लेटफार्म पर यात्रियों की गहमागहमी बनी रहती है और ट्रेनें खचाखच भरी आ रही हैं। इंडियन रेलवे ने समर स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा भी की है, लेकिन राहत अभी भी कम है।
इस बीच मेंटेनेंस कार्य ने परेशानी और बढ़ा दी है। भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों के मुताबिक, दानापुर मंडल और प्रयागराज स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण भोपाल से गुजरने वाली 24 ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों पर डायवर्ट किया गया है। यह डायवर्जन 30 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा।
कौन सी ट्रेनें हुईं प्रभावित?
रेलवे की यात्रियों को सलाह
रेलवे विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन (रेलवे समर स्पेशल ट्रेन) की ताजा स्थिति ऑनलाइन जरूर जांच लें। NTES (National Train Enquiry System) ऐप या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रेन की लाइव लोकेशन और ट्रेन डायवर्ट रूट की पूरी जानकारी मिल सकती है। डायवर्जन की वजह से ट्रेन के प्लेटफार्म, समय और रूट में बदलाव हो सकता है।
सिंहस्थ 2028 को देखते हुए बड़ी तैयारी
इस बीच भोपाल रेलवे स्टेशन (भोपाल जंक्शन)पर एक बड़ी और स्थायी सुविधा बनाने की तैयारी भी चल रही है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर करीब 3000 यात्रियों की क्षमता वाला पक्का होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा। यह लगभग 10 हजार वर्गमीटर में फैला होगा।
यह होल्डिंग एरिया प्लेटफार्म नंबर 6 के पास रेन बसेरा के पास बनाया जाएगा। अभी त्योहारों या बड़े आयोजनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर बाहर टेंट लगाकर बैठाया जाता है। यह व्यवस्था न तो पर्याप्त होती है और न ही सुविधाजनक। स्थायी होल्डिंग एरिया इसी समस्या का स्थायी हल होगा।
खासतौर पर सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है। सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालु ट्रेन से यात्रा करते हैं और भोपाल स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री जमा होते हैं। स्थायी ढांचा होने से भीड़ प्रबंधन बेहतर हो सकेगा।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर उन लाखों यात्रियों के लिए जरूरी है जो गर्मियों में भोपाल होकर उत्तर भारत की यात्रा करते हैं। ट्रेन डायवर्जन की सही जानकारी न होने पर यात्री गलत प्लेटफार्म पर पहुंच सकते हैं या ट्रेन छूट सकती है। डिजिटल नैतिकता के नजरिए से भी यह खबर अहम है क्योंकि रेलवे ने खुद ऑनलाइन जांच की सलाह दी है। सही और समय पर जानकारी मिलने से यात्री अपनी योजना बदल सकते हैं और अनावश्यक परेशानी से बच सकते हैं। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की जानकारी भी जनहित में है।
FAQ
- भोपाल से कौन सी ट्रेनें डायवर्ट हुई हैं और कब तक?
भोपाल से गुजरने वाली 24 ट्रेनें 30 अप्रैल 2026 तक डायवर्ट रहेंगी। इनमें अहमदाबाद-दरभंगा, पुणे-दरभंगा, गोरखपुर-लोकमान्य तिलक, रक्सौल-लोकमान्य तिलक, पुणे-बनारस, छपरा-लोकमान्य तिलक, रांची-एलटी एक्सप्रेस और कई स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। यह डायवर्जन दानापुर मंडल और प्रयागराज स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य की वजह से किया गया है। - ट्रेन डायवर्जन की सही जानकारी कहां से मिलेगी?
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन स्थिति जरूर जांचें। NTES यानी National Train Enquiry System ऐप या भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रेन की लाइव लोकेशन, प्लेटफार्म नंबर और रूट में बदलाव की जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा स्टेशन के इन्क्वायरी काउंटर पर भी जानकारी ली जा सकती है। - भोपाल रेलवे स्टेशन पर होल्डिंग एरिया क्यों बनाया जा रहा है?
भोपाल रेलवे स्टेशन पर 3000 यात्रियों की क्षमता वाला स्थायी होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा जो लगभग 10 हजार वर्गमीटर में होगा। यह प्लेटफार्म नंबर 6 के पास बनेगा। अभी भीड़ बढ़ने पर बाहर टेंट लगाने पड़ते हैं। यह स्थायी ढांचा खासतौर पर सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है जब भोपाल स्टेशन से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा करेंगे।
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