अब अकेले रहने वाले बुजुर्गों का होगा सर्वे, घर-घर जाकर जानकारी जुटाएगा प्रशासन, रिटायर्ड IAS की हत्या के बाद उठा कदम
बता दें कि पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत हबीबगंज और शाहपुरा थाना क्षेत्र से होगी। सर्वे पूरा होने के बाद एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। इसके जरिए बुजुर्गों को 24 घंटे मदद मिल सकेगी। इस सर्वे का मकसद यह पता लगाना है कि कौन बुजुर्ग अकेले रह रहा है और किसे मदद की जरूरत है।
भोपाल में 85 से 120 साल के 7796 मतदाता
भोपाल में 85 से 120 साल की उम्र के 7 हजार 796 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 4 हजार 134 महिलाएं हैं। सबसे ज्यादा 1640 मतदाता बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में हैं। वहीं, उत्तर विधानसभा में 632, गोविंदपुरा में 1452 और हुजूर में 1445 मतदाता हैं। इन सभी क्षेत्रों में कुल 2 हजार 289 पोलिंग बूथ हैं।
कलेक्टर बोले- डेटा से पता चलेगी बुजुर्गों की जरूरत
कलेक्टर प्रियांक मिश्रा के मुताबिक इस पायलट प्रोजेक्ट से जुटाए गए डेटा के आधार पर पता चलेगा कि किन बुजुर्गों को नियमित संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं या सुरक्षा से जुड़ी मदद की जरूरत है।
बता दें कि पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत हबीबगंज और शाहपुरा थाना क्षेत्रों की कॉलोनियों से होगी। इस काम में वॉलंटियर्स, एनजीओ और कॉलोनियों के अध्यक्ष-सचिव भी मदद करेंगे। स्थानीय लोगों की पहचान और जानकारी से सर्वे करना आसान होगा।
15 से 20 दिन में सर्वे पूरा करने की तैयारी
प्रशासन की कोशिश है कि सर्वे 15 से 20 दिन में पूरा कर लिया जाए। इसमें ऐसे बुजुर्गों को भी शामिल किया जा सकता है, जो दिनभर घर में अकेले रहते हैं। यहां तक कि सिर्फ अपने जीवनसाथी के साथ रहने वाले बुजुर्गों का भी सर्वे होगा। इसके लिए उम्र 60 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए।
बुजुर्गों से सेहत से लेकर सुरक्षा तक की जानकारी लेंगे
सर्वे के दौरान बुजुर्गों की सेहत, दिनचर्या और देखभाल से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। उनसे पूछा जाएगा कि उन्हें कोई बीमारी तो नहीं है और उनकी तबीयत कैसी रहती है। घर में उनके अलावा कौन रहता है, इसका भी ब्योरा लिया जाएगा। इसके साथ ही सुरक्षा के इंतजाम और इमरजेंसी में किससे संपर्क करना है इसकी जानकारी भी दर्ज होगी।
बुजुर्गों को मिलेगा 24 घंटे मदद वाला हेल्पलाइन नंबर
सर्वे पूरा होने के बाद बुजुर्गों को हेल्पलाइन नंबर देने की योजना है। इसके जरिए उन्हें 24 घंटे मदद पहुंचाने का मकसद है। वहीं गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।
29-30 सितंबर की रात हुई थी हत्या
बता दें कि भोपाल में रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल (Retired IAS Rakesh Agarwal) की 29-30 सितंबर की रात गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। यह सनसनीखेज वारदात रातीबड़ के सूरज नगर में हुई थी। आरोपी ने सर्जिकल नाइफ से गला रेतकर हत्या की थी।
1982 बैच के आईएएस अफसर थे राकेश अग्रवाल
राकेश अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के आईएएस अफसर थे। अपने लंबे प्रशासनिक सफर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं थी। वे कलेक्टर भी रहे और अलग-अलग विभागों में उप-सचिव से लेकर सचिव तक के पदों पर काम किया था। उन्होंने संयुक्त सचिव अतिरिक्त सचिव प्रबंध निदेशक और निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
उनका आखिरी दर्ज पद भोपाल की आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के महानिदेशक का था। पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने एलएलबी की थी। इसके साथ ही उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में पोस्टग्रेजुएशन और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एमबीए किया था। कानून राजनीति विज्ञान और मैनेजमेंट की पढ़ाई के साथ रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल ने प्रशासनिक सेवा में लंबा करियर बनाया था।