भोपाल में एलन समेत 6 कोचिंग संस्थान सील, अग्नि सुरक्षा में मिली खामी

Amresh Kushwaha | Jul 04, 2026, 08:40 IST
भोपाल में एलन समेत 6 कोचिंग संस्थान सील
भोपाल नगर निगम ने अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एलन इंस्टीट्यूट समेत 6 कोचिंग संस्थान सील किए हैं। नोटिस के बावजूद खामियां नहीं सुधरीं, जिसके बाद भवन खाली कराकर सील किया गया।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल में नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है।
  • इसमें छह कोचिंग संस्थान सील कर दिए गए हैं।
  • यह कार्रवाई शुक्रवार को अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर हुई है।
  • इनमें लालघाटी स्थित एलन इंस्टीट्यूट भी शामिल है।
  • इंद्रपुरी के गोयल टावर में चल रही पांच अन्य कोचिंग भी सील हुई हैं।

भोपाल में अग्नि सुरक्षा को लेकर नगर निगम सख्त हो गया है। शुक्रवार, 03 जुलाई को निगम ने छह कोचिंग संस्थानों पर ताला लगा दिया है। इस कार्रवाई में लालघाटी का एलन इंस्टीट्यूट शामिल है। इंद्रपुरी के गोयल टावर की पांच कोचिंग भी इसमें शामिल हैं।



निगम का कहना है कि इन संस्थानों को पहले भी नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद संचालकों ने तय समय में सुरक्षा व्यवस्था नहीं की। इसके बाद भवन खाली कराकर सील करने की कार्रवाई की गई।



एलन में कई खामिया

निगमायुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर एक संयुक्त टीम बनाई गई। इस टीम में फायर ब्रिगेड और राजस्व विभाग के अफसर शामिल थे। टीम ने लालघाटी स्थित भवन क्रमांक-89 का निरीक्षण किया। यहां एलन करियर इंस्टीट्यूट चल रहा है।



जांच में भवन में कोई आपातकालीन सीढ़ी नहीं मिली। फायर हाइड्रेंट सिस्टम का पैनल भी ऑटो मोड पर नहीं चल रहा था। इसे अलग जनरेटर से भी नहीं जोड़ा गया था। इन खामियों को गंभीर माना गया। इसके बाद भवन खाली कराया गया और सील कर दिया गया।



गोयल टावर की 5 कोचिंग बंद

इसी अभियान में टीम इंद्रपुरी के गोयल टावर भी पहुंची। यहां पांच अलग-अलग कोचिंग संस्थान चल रहे थे। इनमें अय्यूब खान कोचिंग, श्रेयांश कोचिंग और कीर्तिमान अकादमी शामिल हैं। एब्सिल्यूट इंस्टीट्यूट और एनआईटीडीपी ट्रेनिंग ऑनलाइन इंस्टीट्यूट भी इस भवन में थे।



निरीक्षण में इस पूरे भवन में कोई आपातकालीन सीढ़ी नहीं मिली। अग्निशमन यंत्रों की वैधता भी समाप्त हो चुकी थी। भवन में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था भी नहीं थी। इन कमियों को देखते हुए पांचों कोचिंग सील कर दी गईं।



नोटिस के बाद भी नहीं सुधार

नगर निगम के मुताबिक इन संस्थानों को 25 जून 2026 को नोटिस मिला था। नोटिस में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कमियां दूर करने के निर्देश थे। संचालकों को इसके लिए एक तय समय सीमा भी दी गई थी।



इसके बावजूद तय समय में जरूरी सुधार नहीं किए गए थे। जब टीम ने दोबारा निरीक्षण किया, तो स्थिति वैसी ही मिली। किसी भी संस्थान में सुरक्षा उपकरण या सीढ़ी नहीं जोड़ी गई थी। इसके बाद निगम ने सीलिंग की सख्त कार्रवाई की।



निगम की कार्रवाई क्यों

भोपाल कोचिंग का बड़ा हब माना जाता है। यहां हजारों छात्र रोज कोचिंग जाते हैं। ज्यादातर कोचिंग सेंटर बड़ी इमारतों में चलते हैं। इन इमारतों में एक साथ कई मंजिल पर क्लास चलती हैं। ऐसे भवनों में आपातकालीन सीढ़ी होना नियम के तहत जरूरी है। फायर एनओसी यानी फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (Fire No Objection Certificate) भी लेना जरूरी होता है। बिना इस सर्टिफिकेट के भवन को सुरक्षित नहीं माना जाता। नगर निगम समय-समय पर ऐसे भवनों की जांच करता रहता है।



अग्नि सुरक्षा के नियम कोचिंग संस्थानों के लिए बेहद जरूरी होते हैं। कोचिंग सेंटर में हर दिन सैकड़ों छात्र पढ़ने आते हैं। आपातकालीन सीढ़ी और फायर सिस्टम का सही होना बहुत जरूरी है। आग जैसी घटना में बिना सीढ़ी के बचना मुश्किल हो सकता है।



देश के कई शहरों में कोचिंग संस्थानों में आग की घटनाएं हो चुकी हैं। इसी वजह से नगर निगम अब सख्ती बरत रहा है। भोपाल में हुई यह कार्रवाई भी उसी सतर्कता का हिस्सा मानी जा रही है।



आगे क्या असर होगा

इस कार्रवाई के बाद अन्य कोचिंग संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। कई संस्थान अपने भवन की सुरक्षा व्यवस्था जल्दी जांचने में जुटे हैं। निगम का कहना है कि आगे भी ऐसी जांच जारी रहेगी।



जिन संस्थानों में खामियां मिलेंगी, उन पर भी कार्रवाई हो सकती है। छात्रों और पालकों को यह जानना जरूरी है कि सेंटर सुरक्षित है या नहीं। आने वाले दिनों में निगम की टीम और भवनों का निरीक्षण कर सकती है।



निगम चला रहा सुरक्षा अभियान

सरकारी नियमों के तहत हर बड़े कोचिंग भवन में सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। निगम अब अन्य कोचिंग संस्थानों की भी सूची बना रहा है। जिन भवनों में पहले से नोटिस दिया गया था, उनकी दोबारा जांच होगी। नियमित जांच से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। यह एक अहम कदम माना जा रहा है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगम ने अभियान चलाया है। संचालकों से नियमों का पालन करने को कहा गया है। नियम पूरे होने पर ही भवन फिर से खोला जाएगा।



भोपाल में यह अभियान आगे भी जारी रह सकता है। निगम की टीम अन्य इलाकों की कोचिंग का भी जायजा लेगी। जिन भवनों में एक साथ कई संस्थान चलते हैं, वहां जांच और सख्त होगी। इससे छात्रों को सुरक्षित माहौल में पढ़ने का मौका मिलेगा।



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