भोपाल ATS जांच में खुलासा, युवाओं का ब्रेनवॉश करने नईम दिखाता था ओसामा के वीडियो
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल ATS ने देश विरोधी गतिविधियों में चार आरोपित पकड़े।
- फराज ने पूछताछ में नईम को लेकर अहम जानकारी दी।
- नईम ओसामा और अल जवाहरी के वीडियो दिखाता था।
- चार राज्यों से चार आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं।
- जांच एजेंसियों को बड़े नेटवर्क की आशंका है।
भोपाल ATS जांच में नया खुलासा
देश विरोधी गतिविधियों के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता ATS (Anti Terrorism Squad) को पूछताछ में नए इनपुट मिले हैं। भोपाल से गिरफ्तार मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह ने कई अहम बातें बताई हैं।
पूछताछ में फराज ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला का नाम लिया। उसने बताया कि नईम वर्ष 2025 में भोपाल आया था। वह कई दिन तक उसके घर पर रुका था। फराज ने यह भी बताया कि इससे पहले नईम इज्तिमा में शामिल होने भी भोपाल आया था। उस दौरान वह करीब तीन दिन शहर में रहा था।
ओसामा और अल जवाहरी के वीडियो
पूछताछ में एक और अहम जानकारी सामने आई। फराज के अनुसार नईम उसे अलकायदा के पूर्व प्रमुख ओसामा बिन लादेन और अयमान अल जवाहरी के वीडियो देखने के लिए कहता था। जांच एजेंसियां इस जानकारी को गंभीरता से देख रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे वीडियो कट्टर सोच फैलाने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। जांच में यह आशंका भी सामने आई है। समूह से जुड़े अन्य लोगों को भी ऐसे वीडियो दिखाए गए होंगे। हालांकि इस पहलू की जांच अभी जारी है।
हिंसक वीडियो भी मिले
जांच एजेंसियों को कुछ आरोपितों के पास हिंसक वीडियो भी मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है। अधिकारी पता लगा रहे हैं कि ये वीडियो कहां से मिले। यह भी जांच हो रही है कि इन्हें किस मकसद से रखा गया था। डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी जारी है। इससे कई नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
अब तक चार राज्यों से गिरफ्तारी
अब तक चार राज्यों से चार आरोपित पकड़े गए हैं। ATS के अनुसार सभी आरोपित एक ही पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे। जांच में इसी कड़ी की पड़ताल की जा रही है।
- भोपाल से मोहम्मद फराज गिरफ्तार हुआ।
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नईम अब्दुल्ला पकड़ा गया।
- राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव गिरफ्तार हुआ।
- बिहार के मधुबनी से इजहार उल हक को गिरफ्तार किया गया।
पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़ाव
पूछताछ में सामने आया कि इजहार उल हक सबसे पहले पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़ा था। जांच के अनुसार उसका संपर्क वर्ष 2020 से था। अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि बाकी तीन आरोपितों को इजहार ने सीधे नहीं जोड़ा था। बताया गया कि सभी इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग समूहों के जरिए संपर्क में आए। बाद में वे एक-दूसरे से जुड़े।
देशव्यापी नेटवर्क की जांच
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों को बड़े नेटवर्क की आशंका है। उनका कहना है कि अन्य राज्यों में भी ऐसे लोग सक्रिय हो सकते हैं। इसी वजह से जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर आरोपितों की दोबारा रिमांड मांगी जा सकती है। इससे पूछताछ आगे बढ़ेगी।
जांच अभी जारी
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है। शुरुआती पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आरोपितों से फिर पूछताछ होगी। जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी। ATS अभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। मोबाइल, चैट और अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच एजेंसियां सभी कड़ियों को जोड़ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है। आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
ये खबरें भी पढ़ें...
मोहर्रम में वैन ब्लास्ट का मामला: संदेश का सच तलाश रहीं ATS और फोरेंसिक टीमें
फराज को युवाओं का ब्रेनवॉश करने का मिला था टास्क, ATS की पूछताछ में खुलासा
ATS ने भोपाल में संदिग्ध युवक को पकड़ा, मोबाइल में मिली पाकिस्तानी PDF फाइल
बड़नगर मोहर्रम जुलूस में वैन को 40 फीट ऊपर लटकाकर ब्लास्ट किया, 4 पर नामजद FIR