अगस्त का मौसम: झमाझम बारिश या सिर्फ उमस का दौर? जानें पूरे महीने का वेदर रिपोर्ट

Aman Vaishnav | Aug 02, 2026, 13:12 IST
अगस्त में भोपाल का मौसम
भोपाल में जुलाई के दौरान उम्मीद से कम पानी बरसा है। इससे अगस्त महीने की शुरुआत हल्की फुहारों और धूप के साथ हुई है। वहीं शहर में पिछले 12 सालों का ट्रेंड देखें तो 6 बार सामान्य से ज्यादा और 6 बार सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल में जुलाई का महीना बारिश के लिहाज से कमजोर रहा है।
  • शहर में जरूरत से कम पानी बरसा है।
  • अब अगस्त की शुरुआत भी मिले-जुले मौसम से हुई है।
  • कहीं घने काले बादल छाए हैं, तो कहीं हल्की फुहारें पड़ रही हैं।
  • बीच-बीच में धूप भी निकल रही है।

मौसम विभाग यानी आईएमडी ने अगस्त में देशभर में सामान्य की करीब 94% बारिश का अनुमान जताया है। अगर यही पैटर्न भोपाल में भी लागू हुआ, तो शहर में करीब 12.25 इंच यानी 311.2 मिमी बारिश हो सकती है।



यह सामान्य से थोड़ी कम होगी। भोपाल में अगस्त की सामान्य बारिश का कोटा 13.04 इंच यानी करीब 331.2 मिलीमीटर है।



कम बारिश का मतलब यह नहीं कि नुकसान होगा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मात्रा जलाशयों और खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त रहेगी।



पहला सप्ताह: धीमी शुरुआत

अगस्त के पहले सप्ताह में बड़े बारिश वाले सिस्टम का भोपाल पर सीमित असर रहने की संभावना (आईएमडी अनुमान) है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास एक सिस्टम सक्रिय है, लेकिन इसका असर ज्यादातर उत्तर भारत तक सीमित रह सकता है।



शहर में बादल, हल्की धूप और कहीं-कहीं फुहारों वाला मौसम रह सकता है। दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। इससे उमस भी महसूस हो सकती है।



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दूसरा सप्ताह: हल्की से मध्यम बारिश

बताया जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया लो-प्रेशर सिस्टम बन सकता है। अगर इसकी दिशा मध्य प्रदेश की ओर रही, तो दो से तीन दिन हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।



लगातार भारी बारिश की संभावना फिलहाल कम है। बादल और धूप का यह मिला-जुला क्रम जारी रहेगा।



तीसरा सप्ताह: बारिश तेज होने के संकेत

अगस्त का यह तीसरा सप्ताह टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। तापमान बढ़ने और वातावरण में नमी अधिक रहने पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर बन सकते हैं।



अगर मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय रही, तो कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है।



चौथा सप्ताह: महीने का सबसे अहम दौर

अंतिम सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में मजबूत मानसूनी सिस्टम बनने की संभावना सबसे अधिक रहती है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों से पर्याप्त नमी मिली, तो लगातार दो से चार दिन अच्छी बारिश हो सकती है।



यही दौर पूरे महीने की बारिश का संतुलन तय करेगा। शुरुआती कमी को यह हद तक पूरा भी कर सकता है।



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12 साल का बारिश ट्रेंड

भोपाल में 2014 से 2025 के बीच अगस्त की बारिश का ट्रेंड मिला-जुला रहा है। इन 12 वर्षों में छह बार महीने के 13.04 इंच के कोटे से ज्यादा बारिश हुई। बाकी छह बार यह कोटे से कम रही।



साल दर साल आंकड़े देखें तो 2015 और 2022 में 30.25 इंच के साथ सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हुई। वहीं 2023 में सिर्फ 4.37 इंच बारिश हुई, जो दशक की सबसे कम रही। 2025 में भी अगस्त में सिर्फ 4.98 इंच बारिश हुई थी।



यह आंकड़े बताते हैं कि भोपाल में अगस्त की बारिश हर साल एक जैसी नहीं रहती। कभी यह सामान्य से बहुत ज्यादा होती है, तो कभी बहुत कम।



ट्रफ तय करेगी अगस्त की बारिश

अगस्त में कितनी बारिश होगी, यह काफी हद तक मानसून ट्रफ की स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर ट्रफ मध्य भारत के ऊपर सक्रिय रही, तो अच्छी बारिश होने की संभावना बनेगी।



वहीं अगर यह उत्तर प्रदेश से आगे हिमालयी तराई की ओर खिसक गई, तो मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसा ही कुछ 2023 में हुआ था। तब इसी वजह से भोपाल में दशक की सबसे कम 4.37 इंच यानी 111.1 मिमी बारिश दर्ज हुई थी।



फिलहाल मौसम विभाग की निगाहें अगस्त के चौथे सप्ताह पर टिकी हैं। यही दौर तय करेगा कि भोपाल में मानसून सीजन का यह महीना कैसा रहता है।



IMD का 94% बारिश का अनुमान क्या मतलब है?

मौसम विभाग जब किसी महीने में 94% सामान्य बारिश का अनुमान देता है, तो इसका मतलब यह नहीं होता कि पूरे महीने हर दिन कम बारिश होगी।



इसका अर्थ केवल इतना है कि महीने के अंत तक कुल बारिश सामान्य औसत से करीब 6% कम रह सकती है। कई बार कुछ दिनों में भारी बारिश और बाकी दिनों में सूखा रहने से भी यह औसत पूरा हो जाता है।



मानसून ट्रफ क्या होती है?

मानसून ट्रफ एक कम दबाव (Low Pressure) की लंबी पट्टी होती है, जो पूरे मानसून की गतिविधियों को प्रभावित करती है।



जब यह मध्य प्रदेश के ऊपर या उसके आसपास सक्रिय रहती है, तब प्रदेश में अच्छी बारिश होती है। वहीं इसके उत्तर की ओर खिसकने पर बारिश कम हो जाती है और कई इलाकों में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बन जाती है।



कम बारिश से क्या असर पड़ सकता है?

अगर अगस्त में बारिश सामान्य से थोड़ी कम भी रहती है, तो इसका बड़ा असर तभी पड़ेगा जब पूरे महीने लंबे समय तक सूखा बना रहे। फिलहाल मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अनुमानित बारिश जलाशयों, खरीफ फसलों और भूजल स्तर के लिए पर्याप्त रह सकती है। हालांकि सितंबर में भी अच्छी बारिश होना जरूरी होगा।



12 साल का ट्रेंड क्या संकेत देता है?

पिछले 12 वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि भोपाल में अगस्त की बारिश का कोई तय पैटर्न नहीं रहा है। कई वर्षों में सामान्य से दोगुनी बारिश दर्ज हुई, जबकि कुछ वर्षों में सामान्य का एक-तिहाई भी पानी नहीं बरसा।



इसलिए पूरे महीने के मौसम का अनुमान केवल शुरुआती एक-दो सप्ताह के आधार पर नहीं लगाया जा सकता। अगस्त के अंतिम दिनों में बनने वाले मानसूनी सिस्टम अक्सर पूरे महीने का आंकड़ा बदल देते हैं।



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