भोपाल में बालकनी से कचरा फेंका तो लगेगा जुर्माना, नगर निगम भेजेगा नोटिस
भोपाल में बालकनी या खिड़की से कचरा फेंकना अब अपराध माना जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (ngt) की सेंट्रल जोन बेंच ने यह सख्त आदेश दिया है।
ऐसा करने वालों को नगर निगम नोटिस भेजकर जुर्माना वसूल सकता है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी निवासियों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
राजधानी भोपाल की बहुमंजिला इमारतों में एक पुरानी समस्या सामने आई है। कई लोग बालकनी या खिड़की से सीधे नीचे कचरा फेंक देते हैं। इससे सफाई कर्मचारियों को रोज परेशानी झेलनी पड़ती है। अब इस लापरवाही पर कानूनी शिकंजा कसने जा रहा है।
यह पूरा मामला एक जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में भोपाल की कचरा संग्रहण, जलभराव और सीवेज व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस याचिका पर एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच में सुनवाई हुई। बेंच में जस्टिस एसके सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी शामिल थे।
कोर्ट ने क्या आदेश दिया
बेंच ने साफ कहा कि बालकनी से कचरा फेंकना अब आपराधिक और दंडनीय कृत्य माना जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ नगर निगम नोटिस जारी करेगा। नियमानुसार उनसे जुर्माना भी वसूला जा सकेगा। यह आदेश शहर की सभी बहुमंजिला इमारतों पर लागू होगा।
सुनवाई के दौरान नगर निगम के अधिवक्ता ओम शंकर श्रीवास्तव मौजूद रहे। कार्यपालन यंत्री आरके त्रिवेदी ने भी अपनी बात रखी। दोनों ने बताया कि ऊपरी मंजिलों से कचरा फेंकने से सफाई कर्मचारियों को भारी परेशानी होती है। इस वजह से सफाई का काम कई बार अटक जाता है।
RWA की भी तय हुई जिम्मेदारी
ट्रिब्यूनल ने इस मामले में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA – Resident Welfare Association) को भी जिम्मेदार ठहराया है। याचिकाकर्ता को इन एसोसिएशन के 4 से 5 सदस्यों के साथ एक समिति बनाने को कहा गया है। यह समिति रोजाना लोगों को जागरूक करने का काम करेगी।
अगर किसी सोसाइटी के निवासी नियमों का पालन नहीं करते, तो जिम्मेदारी सीधे रहवासी समिति की होगी। ऐसी स्थिति में समिति को ही कचरा तय जगह तक पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा। इससे हर सोसाइटी में जवाबदेही तय हो सकेगी।
अगली सुनवाई और आगे की कार्रवाई
यह जनहित याचिका संदीप पटेल ने दायर की है। एनजीटी ने नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB – Pollution Control Board) से तीन सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। दोनों विभागों को अब तय समय में जवाब देना होगा। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को तय की गई है।
इस आदेश के बाद भोपाल में लोगों के लिए सतर्क रहना जरूरी हो गया है। बालकनी या खिड़की से कचरा फेंकने की आदत अब महंगी पड़ सकती है। साथ ही सोसाइटी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी। इससे शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
लोकल कनेक्शन
यह खबर सीधे तौर पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़ी है। एनजीटी का यह आदेश भोपाल की बहुमंजिला इमारतों और नगर निगम पर सीधा असर डालेगा। शहर के निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को अब नए नियमों का पालन करना होगा।
FAQ
- बालकनी से कचरा फेंकने पर क्या कार्रवाई होगी?
नगर निगम ऐसे लोगों को नोटिस जारी करेगा और नियमानुसार जुर्माना वसूल सकता है। एनजीटी ने इसे आपराधिक और दंडनीय कृत्य बताया है। - इस मामले में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की क्या भूमिका होगी?
RWA को 4-5 सदस्यों की समिति बनानी होगी, जो रोज लोगों को जागरूक करेगी। अगर निवासी नियम नहीं मानते, तो कचरा तय जगह पहुंचाने की जिम्मेदारी समिति की होगी। - इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। इससे पहले नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तीन सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट देनी है।
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