भोपाल बनेगा भिक्षावृत्ति मुक्त शहर, इंदौर मॉडल होगा लागू, कलेक्टर का प्लान

Sanjay Dhiman | Aug 20, 2026, 22:41 IST
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भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने भिक्षावृत्ति मुक्त भोपाल के लिए इंदौर मॉडल लागू करने की बात कही। रेस्क्यू के साथ पुनर्वास और काउंसलिंग पर जोर रहेगा।

भोपाल को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने इंदौर मॉडल अपनाने की घोषणा की। गुरुवार को इस बारे में समीक्षा बैठक हुई। रेस्क्यू के साथ पुनर्वास और काउंसलिंग पर खास ध्यान रहेगा। इसी बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा हुई।



भोपाल में भीख मांगने की समस्या को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें 'नशा मुक्त भारत अभियान' और 'भिक्षावृत्ति मुक्त भोपाल अभियान' पर चर्चा हुई।



कलेक्टर ने कहा कि भोपाल में इंदौर जैसा मॉडल लागू किया जाएगा। इंदौर में भिक्षावृत्ति के खिलाफ चलाया गया अभियान काफी सफल रहा है। वहां का पुनर्वास केंद्रित तरीका अब भोपाल में अपनाया जाएगा।



इंदौर मॉडल से मिलेगी राह

कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि सामाजिक न्याय विभाग,भोपाल नगर निगम और संस्था प्रवेश मिलकर काम करेंगे। तीनों विभाग समन्वय से बड़ा अभियान चलाएंगे। इंदौर के सफल पुनर्वास मॉडल से सीखकर कार्ययोजना तैयार होगी।



यह मॉडल केवल भीख मांगने वालों को हटाने पर केंद्रित नहीं है। इसका मकसद उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है। इसीलिए रेस्क्यू के साथ पुनर्वास को जरूरी माना गया है।



रेस्क्यू के साथ पुनर्वास

कलेक्टर ने साफ कहा कि भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों का सिर्फ रेस्क्यू काफी नहीं है। उनके पुनर्वास और काउंसलिंग की भी प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलेगा।



अधिकारियों को व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद है कि लोग भीख देने की बजाय पुनर्वास में मदद करें।



नशा मुक्ति पर भी फोकस

इसी बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने जिला ड्रग डिमांड रिडक्शन प्लान को असरदार तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। नशे से प्रभावित हॉट-स्पॉट चिन्हित करने को कहा गया है।



स्कूल और कॉलेजों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने की योजना है। सामाजिक न्याय विभाग को सूक्ष्म स्तर पर विस्तृत प्लान बनाने का काम सौंपा गया है।



गोपनीय रहेगी पहचान

कलेक्टर मिश्रा ने नागरिकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी बिना डर के साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।



कैसे दें सूचना

नागरिक टोल-फ्री नंबर 1933 पर सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा पोर्टल ncbmanas.gov.in पर भी जानकारी दी जा सकती है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार निरीक्षण कर रही हैं। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी है।



भोपाल प्रशासन का यह कदम शहर को साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस अभियान की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।



FAQ

  1. भोपाल में भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान क्या है?
    यह भोपाल को भीख मांगने की समस्या से मुक्त करने की कवायद है। इसमें रेस्क्यू के साथ पुनर्वास पर जोर रहेगा। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने इसकी घोषणा की है।
  2. भिक्षावृत्ति मुक्त इंदौर मॉडल क्या है?
    इंदौर में भिक्षावृत्ति के खिलाफ चलाया गया सफल पुनर्वास केंद्रित अभियान है। इसी मॉडल को अब भोपाल में लागू किया जाएगा। इसका मकसद लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना है।
  3. नशे की तस्करी की सूचना कहां दें?
    नागरिक टोल-फ्री नंबर 1933 पर सूचना दे सकते हैं। पोर्टल ncbmanas.gov.in पर भी जानकारी दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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