मानस भवन न्यास घोटाला : कमाई के लालच में न्यासियों ने बेच दी लीज की जमीन, ईओडब्ल्यू और प्रशासन ने शुरु की जांच

Sanjay Sharma | Mar 18, 2026, 23:23 IST
Photograph: (the sootr)
बैरसिया में मानस प्रचार आध्यात्मिक केन्द्र न्यास पर लीज की सरकारी जमीन बेचने का गंभीर आरोप। प्रशासन और ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की, आरोपों में वित्तीय अनियमितताओं का भी जिक्र।

News in Short :

1. बैरसिया के मानस प्रचार आध्यात्मिक केन्द्र न्यास पर गंभीर आरोप लगे हैं।


2. जमीन हेराफेरी और नियमों का उल्लंघन करने की शिकायत की गई है।


3. एसडीएम बैरसिया ने जांच दल गठित कर जांच शुरू की।


4. आरोप है कि लीज भूमि गलत तरीके से बेची गई और निर्माण कार्य में गड़बड़ी की गई।


5. प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए विशेष जांच का आदेश दिया है।



BHOPAL. बैरसिया में मानस प्रचार आध्यात्मिक केन्द्र न्यास द्वारा लीज पर मिली सरकारी जमीन बेंचने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू और जिला प्रशासन ने पड़ताल शुरू कर दी हे। न्यास के पदाधिकारियों द्वारा जमीन खुर्द बुर्द करने के साथ ही आर्थिक गड़बड़ी की शिकायत भी की गई है।



News in Detail :

बैरसिया में स्थित मानस प्रचार आध्यात्मिक केन्द्र न्यास को शासन से लीज पर जमीन मिली थी। साल 2005 से 2025 के बीच न्यास के अधिकारियों ने नियमों का पालन किए बिना दो दुकानदारों को लीज का हिस्सा बेच दिया। यह मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता राजेन्द्र शर्मा ने कलेक्टर और ईओडब्ल्यू को इसकी शिकायत की। इसके बाद कलेक्टर ने जांच शुरू करने के लिए एक दल गठित किया। साथ ही, ईओडब्ल्यू ने भी न्यास के वित्तीय दस्तावेज और जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त की जांच शुरू कर दी है। अब यह मुद्दा गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी।



न्यास के खिलाफ शिकायत

जिला प्रशासन और ईओडब्ल्यू को की गई शिकायत के अनुसार न्यासियों द्वारा आध्यात्मिक केंद्र की लीज के एक हिस्से को होटल कारोबारियों को बेचा गया है। जमीन सरकार से लीज पर मिली है और इसे बेचा नहीं जा सकता। नियमों की अनदेखी करते हुए न्यास के पदाधिकारियों ने कमाई के लालच में जमीन का कब्जा होटल संचालकों को सौंप दिया है।



पदाधिकारियों ने तोड़े नियम

शिकायतकर्ता राजेन्द्र शर्मा के अनुसार मानस भवन न्यास की प्रबंध समिति के चुनाव कराने में भी गड़बड़ी की गई है। 2005 से 2025 के बीच एक ही व्यक्ति अध्यक्ष पद पर काबिज रहा है। जबकि निर्धारित अवधि में चुनाव कराने का नियम है। यही नहीं, पदाधिकारियों की आपसी साठगांठ के चलते न्यास में दिवंगत हो चुके सदस्यों के पुत्रों को बिना चुनाव या किसी प्रक्रिया को अपनाए ही सदस्य बना दिया गया।



जमकर हुई आर्थिक गड़बड़ी

ईओडब्ल्यू और कलेक्टर से की गई शिकायत में न्यास की वित्तीय अनियमितता का ब्योरा भी सौंपा गया है। शिकायत में बताया गया है कि न्यास के पदाधिकारियों ने भवन और मंदिर के निर्माण के नाम पर लाखों रुपए के हिसाब में गड़बड़ी की है। जनसहयोग और दान में मिली राशि का उपयोग गुपचुप तरीके से कराया गया और इसमें भी अन्य लोगों को जानकारी से दूर रखा गया है।



एडीएम ने शुरू की जांच

कलेक्टर आईएएस कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के आदेश के बाद मानस भवन न्यास की गड़बड़ी की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम आशुतोष शर्मा का कहना है कि बैरसिया तहसीलदार दीपक चौरसिया को विस्तृत जांच की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए उनके नेतृत्व में टीम गठित की गई है जो हर बिंदु की पड़ताल करेगी। अनियमितता की पुष्टि और लीज की जमीन की खरीद-फरोख्त के तथ्य सामने आने पर प्रशासन कार्रवाई तय करेगा।



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