कैब हड़ताल से यात्री परेशान, मनमाना किराया वसूल रहे ऑटो चालक

Aman Vaishnav | Aug 18, 2026, 12:15 IST
भोपाल में कैब हड़ताल
भोपाल में ओला-उबर कैब ड्राइवरों की हड़ताल से यात्री परेशान हैं। कैब न मिलने से भोपाल रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी का फायदा उठाकर ऑटो चालक कीमत से ज्यादा किराया वसूल रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल में टैक्सी चालक संघ की हड़ताल से ओला, उबर जैसी कैब सेवाएं ठप हैं।
  • सोमवार रात 12 बजे से यह बंद शुरू हुआ।
  • मंगलवार सुबह इसका असर भोपाल रेलवे स्टेशन पर साफ दिखा।
  • कैब न मिलने से यात्री ऑटो के भरोसे रहे, जिन्होंने डेढ़ से दो गुना किराया वसूला।
  • संगठन ने किराया तय करने समेत कई मांगें सरकार के सामने रखी हैं।

एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ टैक्सी चालक संघ ने भोपाल में हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार रात 12 बजे से ओला, उबर समेत सभी ऑनलाइन कैब बंद हैं। असर मंगलवार सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर दिखा।



यात्री बार-बार ऑनलाइन कैब बुक करने की कोशिश करते रहे, पर कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं हुई। मजबूरी में उन्हें ऑटो का सहारा लेना पड़ा, जिसका फायदा उठाकर कुछ चालकों ने डेढ़ से दो गुना किराया वसूला।



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ऑटो ही बना एकमात्र सहारा

कैब सेवा बंद होने से यात्रियों के पास ऑटो ही मुख्य विकल्प बचा है। यात्रियों का कहना है कि सामान्य दिनों में ऑनलाइन कैब आसानी से मिल जाती थी। लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।



जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन से टीटी नगर जाने का सामान्य किराया 80 से 90 रुपए है। वहीं हड़ताल के दौरान यह 150 से 170 रुपए तक वसूला गया।



इसी तरह स्टेशन से लालघाटी तक सामान्य किराया 90 से 100 रुपए रहता है। लेकिन अब 150 से 180 रुपए तक लिए जाने की बात सामने आई है।



इसके अलावा स्टेशन से पिपलानी थाने तक सामान्य किराया 170 से 190 रुपए है। यहां ओवर चार्जिंग के चलते 250 से 280 रुपए तक वसूले जाने की शिकायतें मिलीं।



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गाड़ी न चलाने की दे रहे समझाइश

हड़ताल के बीच भोपाल स्टेशन पर बुकिंग लेकर पहुंच रही कैब को लगातार रोका जा रहा है। संगठन से जुड़े लोग चालकों (टैक्सी ड्राइवर) को गाड़ी न चलाने की समझाइश दे रहे हैं और यात्रियों से भुगतान न करने के लिए कह रहे हैं।



ओवर चार्जिंग पर होगी कार्रवाई

भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्माने बताया कि कैब संगठन को बातचीत के लिए बुलाया गया है। उनका कहना था कि ओवर चार्जिंग की शिकायत मिलते ही कार्रवाई होगी।



किराया तय करना सबसे बड़ी मांग

टैक्सी चालकों की सबसे बड़ी मांग है कि सरकार टैक्सी का उचित और स्थायी किराया तय करे। संगठन का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियां मनमाना किराया तय कर रही हैं, जबकि ईंधन, किस्त, बीमा और मेंटेनेंस का खर्च लगातार बढ़ रहा है।



संघ ने 22 से 30 रुपए प्रति किलोमीटर किराए की मांग रखी है। इसके साथ ही 1 से 2 रुपए प्रति मिनट टाइम चार्ज और बेस फेयर लागू करने की भी मांग है।



संगठन चाहता है कि सरकार किराया तय करने के बाद कंपनियों को उसी दर पर टैक्सी चलाने का निर्देश दे।



बता दें कि यदि मांगें लागू होती हैं तो कई रूटों पर किराया बहुत बढ़ सकता है। अरेरा हिल्स से राजा भोज एयरपोर्ट का मौजूदा किराया 246 से 282 रुपए है, जो बढ़कर 416 से 552 रुपए तक हो सकता है।



वहीं लालघाटी से एमपी नगर का किराया भी 152 से 167 रुपए से बढ़कर 302 से 401 रुपए तक हो सकता है। दूरी के हिसाब से यह अंतर अलग-अलग हो सकता है।



निजी वाहनों पर भी रोक की मांग

संयुक्त मोर्चे ने एग्रीगेटर कंपनियों के जरिए चलाए जा रहे नॉन-कमर्शियल वाहनों पर भी रोक लगाने की मांग की है। इसमें प्राइवेट नंबर की कार, बाइक और ई-रिक्शा शामिल हैं।



संगठन का आरोप है कि इन वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल से कमर्शियल टैक्सी चालकों की कमाई प्रभावित हो रही है।



जून में भी हुआ था बहिष्कार

हड़ताल का सबसे ज्यादा असर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। कैब की कमी से यात्रियों को अतिरिक्त इंतजार भी करना पड़ सकता है।



बता दें कि टैक्सी चालक संघ इससे पहले 23, 24 और 25 जून को एयरपोर्ट राइड का बहिष्कार कर चुका है। संघ का कहना है कि उस दबाव में कंपनियों ने किराए में आंशिक सुधार किया था, पर प्रदर्शन खत्म होते ही पुराने रेट लौट आए। इसके बाद संगठन ने परिवहन मंत्री से मुलाकात कर मांगें रखी थीं।



मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन बंद

संयुक्त मोर्चे ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों ने मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन अनिश्चितकालीन टैक्सी बंद में बदल सकता है।



संगठन का कहना है कि ड्राइवर बढ़ते खर्च और कम किराए के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। इसलिए सरकार को जल्द हस्तक्षेप करना चाहिए।



धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन

हड़ताल के अगले चरण में संयुक्त मोर्चे की ओर से 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।



संगठन मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगा। संगठनों का कहना है कि धरना और बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।



जनता से मांगी माफी

संयुक्त मोर्चे ने टैक्सी बंद से भोपाल की जनता को हो रही परेशानी के लिए खेद जताया है। संगठन का कहना है कि ड्राइवर अपनी आजीविका बचाने के लिए मजबूर हैं, और किसी असामाजिक तत्व की गतिविधि के लिए संगठन जिम्मेदार नहीं होगा।



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