भोपाल में कांग्रेस का मेगा शो पड़ा भारी: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार गायब, गुटबाजी खुलकर सामने

Ramanand Tiwari | Apr 17, 2026, 23:39 IST
bhopal congress mega show
BHOPAL: भोपाल में कांग्रेस का संगठन सृजन कार्यक्रम अंदरूनी गुटबाजी की वजह से सुर्खियों में रहा। कार्यक्रम में प्रमुख नेताओं की गैरहाजिरी, विशेष रूप से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अनुपस्थिति ने पार्टी की एकजुटता को सवालों के घेरे में डाल दिया।

MP NEWS: भोपाल में कांग्रेस का बड़ा संगठन सृजन कार्यक्रम था। मकसद था ताकत दिखाना और संगठन को मजबूती देना। लेकिन सीन उल्टा हो गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ही कार्यक्रम में नहीं पहुंचे, जबकि वे शहर में मौजूद थे। इसके साथ ही कई बड़े नेता भी नदारद रहे, जिससे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।



क्या था पूरा मामला?

कांग्रेस ने प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए भोपाल में बड़ा कार्यक्रम रखा था। इसमें महिला कांग्रेस, ब्लॉक अध्यक्ष और प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं को जोड़ने की कोशिश की गई। लेकिन जहां एकजुटता दिखानी थी, वहीं बड़े नेताओं की गैरहाजिरी ने पूरी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए।



नेता प्रतिपक्ष की गैरहाजिरी क्यों बनी मुद्दा?

उमंग सिंघार का कार्यक्रम में नहीं आना सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। खास बात यह रही कि वे भोपाल में ही मौजूद थे, फिर भी मंच से दूरी बनाए रखी। राजनीतिक हलकों में इसे सामान्य अनुपस्थिति नहीं,बल्कि अंदरूनी असहमति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।



कौन-कौन रहा कार्यक्रम से दूर?

इस बड़े आयोजन में सिर्फ सिंघार ही नहीं, अजय सिंह भी शामिल होकर जल्दी चले गए। कई दिग्गज नेता भी नहीं पहुंचे। कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, मीनाक्षी नटराजन और गोविंद सिंह की गैरमौजूदगी ने कार्यक्रम की सियासी गंभीरता को प्रभावित किया।



कांग्रेस की रणनीति बनाम जमीनी हकीकत

कांग्रेस लगातार यह दावा कर रही है कि वह संगठन को ब्लॉक, जिला और गांव स्तर तक मजबूत कर रही है। कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के निर्देश दिए जा रहे हैं और सरकार के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाई जा रही है। लेकिन जब शीर्ष नेतृत्व ही एक मंच पर नहीं दिख रहा तो जमीनी कार्यकर्ताओं तक क्या संदेश जा रहा है।



पहले भी उठ चुके हैं ऐसे सवाल

यह पहली बार नहीं है, जब उमंग सिंघार की अनुपस्थिति चर्चा में आई हो। नवंबर 2024 में भी वे प्रदेश कार्यसमिति की अहम बैठक में शामिल नहीं हुए थे। तब आधिकारिक कारण स्वास्थ्य बताया गया था। लेकिन कई वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति ने उस समय भी गुटबाजी की चर्चा को हवा दी थी।



राजनीतिक विश्लेषण: क्या संकेत मिल रहे हैं?

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस तरह की तस्वीरें पार्टी के अंदर समन्वय की कमी को दिखाती हैं। जब बड़े नेता अलग-अलग नजर आते हैं, तो संगठनात्मक मजबूती का दावा कमजोर पड़ता है। आने वाले चुनावों के लिहाज से यह स्थिति कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकती है।



गुटबाजी की चर्चा तेज

भोपाल में कांग्रेस का बड़ा संगठन सृजन कार्यक्रम हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कार्यक्रम से गायब रहे। कई वरिष्ठ नेता भी नहीं पहुंचे। गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई है। संगठन मजबूत करने के दावों पर सवाल उठने लगे हैं।



चुनावी तैयारी पर असर की आशंका

कांग्रेस जिस मंच से एकजुटता का संदेश देना चाहती थी, वही मंच उसके अंदरूनी मतभेदों का आईना बन गया। अब सवाल सीधा है क्या कांग्रेस पहले अपनी अंदरूनी खींचतान सुलझाएगी या इसी हाल में चुनावी मैदान में उतरेगी?



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