भोपाल में कांग्रेस का चरखा सत्याग्रह: दिग्विजय का CEC ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला
पांच पाइंट में समझें पूरा मामला
- भोपाल में कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर चरखा सत्याग्रह शुरू किया।
- दिग्विजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए।
- सिंह का दावा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य भी हैं।
- कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण और चंदे के पैसों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
- सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद कांग्रेस अब जनता के बीच जाएगी।
कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया था। इसके विरोध में भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस अब चरखा सत्याग्रह कर रही है। इस सत्याग्रह में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की राम मंदिर ट्रस्ट सदस्यता पर सवाल उठाए हैं। नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई लेकिन कोई राहत नहीं मिली। अब पार्टी चरखा चलाकर गांधीवादी तरीके से विरोध दर्ज करा रही है।
नामांकन रद्द होने की वजह
मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा चुनाव में मध्यप्रदेश से कांग्रेस की उम्मीदवार थीं। उनके नामांकन में एक जरूरी जानकारी छूट गई। तेलंगाना की एक अदालत में उनके खिलाफ एक मामले में तलब किए जाने का जिक्र नामांकन पत्र में नहीं था। रिटर्निंग अधिकारी (Returning Officer- नामांकन जांचने वाला सरकारी अधिकारी) ने इसी आधार पर उनका नामांकन निरस्त कर दिया।
कोर्ट और आयोग से भी राहत नहीं
कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ी। पहले चुनाव आयोग में अपील की गई, फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। लेकिन दोनों जगह से कांग्रेस को निराशा हाथ लगी। न नामांकन बहाल हुआ, न कोई स्थगन मिला।
चरखे से गांधीवादी विरोध
अब कांग्रेस ने रणनीति बदली है। रोशनपुरा चौराहे पर पार्टी कार्यकर्ता चरखा चलाकर प्रतीकात्मक विरोध कर रहे हैं। इस सत्याग्रह को नाम दिया गया है - "लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह।" कार्यक्रम में खुद मीनाक्षी नटराजन और वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा भी मौजूद रहे।
दिग्विजय का CEC पर सीधा सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर एक बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट का सदस्य बताया जाता है। सिंह ने पूछा कि CEC (Chief Election Commissioner- मुख्य चुनाव आयुक्त) के पद पर रहते हुए किसी धार्मिक ट्रस्ट की सदस्यता कैसे संभव है।
राम मंदिर ट्रस्ट पर भी निशाना
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के मामले में भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देशभर के लोगों ने श्रद्धा के साथ मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। उनका आरोप है कि मंदिर निर्माण और उससे जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार हुआ है। सिंह ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
BJP पर भी हमला
कांग्रेस नेताओं ने सत्याग्रह के दौरान बीजेपी (BJP) पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव डाला जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश है।
पार्टी का ऐलान: विरोध जारी रहेगा
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा है कि यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। पार्टी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर दबाव बनाती रहेगी। रोशनपुरा चौराहे का यह सत्याग्रह फिलहाल जारी है।
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