चार राज्यों के किसानों के करोड़ों खा गया आउटसोर्स कर्मचारी! रिश्तेदारों के खाते में भेजे पैसे
समझें क्या है पूरा मामला...
- एमपी नगर की एक फसल बीमा कंपनी में बड़ी धोखाधड़ी सामने आई है।
- कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारी राजेश विश्वकर्मा पर आरोप लगे हैं।
- राजेश ने किसानों के बीमा क्लेम की रकम अपने रिश्तेदारों के खातों में भेजी।
- यह रकम कुल 3.62 करोड़ रुपए है।
- पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
दरअसल यह मामला एमपी नगर स्थित एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड में सामने आया है। कंपनी के एक आउटसोर्स कर्मचारी ने किसानों के फसल बीमा क्लेम की रकम में बड़ी हेराफेरी की है। यह हेराफेरी हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के किसानों के पैसों से जुड़ी है।
आरोपित राजेश विश्वकर्मा पर किसानों की क्लेम राशि अपने रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खातों में डलवाने का आरोप है। यह बात कंपनी की आंतरिक जांच में सामने आई है।
जांच में पता चला कि उसने एनसीआइपी (NCIP – National Crop Insurance Portal) पोर्टल पर किसानों के बैंक खाते बदल दिए थे। इसके साथ ही कंपनी के पे-प्रो भुगतान सिस्टम में भी सेंध लगाई गई।
अब यह भी सामने आया है कि आरोपित के अपने बैंक खाते खाली मिले हैं। इससे जांच एजेंसियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
शिकायत में क्या कहा गया
कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक पाटिल ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। शुरुआती जांच में सामने आया कि पोर्टल पर अनधिकृत लॉगिन कर 10 खातों में 45.79 लाख रुपए भेजे गए थे।
वहीं आगे की जांच में यह रकम बढ़कर 77.04 लाख रुपए हो गई। इसके लिए 13 अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
आरोप है कि किसानों के खातों की जानकारी बदलकर बीमा क्लेम की रकम दूसरे खातों में भेजी गई। यह पूरा काम बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया।
29 खातों से जुड़ा दूसरा हिस्सा
आंतरिक जांच में एक और बड़ा मामला सामने आया है। पे-प्रो सिस्टम से 2.85 करोड़ रुपए की अतिरिक्त हेराफेरी हुई। इस काम के लिए 29 अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
आरोपित ने किसानों के नाम से फर्जी ई-मेल आइडी भी बनाई। इसके अलावा अधिकारियों के जाली पत्र, मुहर और दस्तावेज तैयार किए गए। इन सबका इस्तेमाल कर भुगतान दूसरे खातों में भेजा गया।
दोनों तरीकों को मिलाकर कुल 32 अलग-अलग बैंक खातों में 3.62 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। यह पूरी शिकायत में साफ लिखा गया है।
छह महीने बाद खुला मामला
किसानों को छह महीने तक अपने बीमा क्लेम की रकम नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। इसी शिकायत के आधार पर कंपनी ने जांच शुरू की।
जानकारी के अनुसार शनिवार, 27 सितंबर की शाम एमपी नगर पुलिस ने राजेश विश्वकर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया। कंपनी ने पुलिस से तीन मांगें की हैं।
- पहली बाकी संदिग्ध खातों की जांच हो।
- दूसरी हेराफेरी की रकम फ्रीज की जाए।
- तीसरी आरोपित की जल्द गिरफ्तारी हो।
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