मैं तुम्हारे बिना जी नहीं पाऊंगा! ब्रेकअप से बौखलाए डॉक्टर ने ex girlfriend और उसके भाई को मारी गोली
डॉक्टर ने पूर्व प्रेमिका पर चलाई गोली
बता दें कि घायल युवती श्वेता ठाकुर भी पेशे से डॉक्टर है। दोनों ने बीएचएमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे PG कर रहे हैं।
श्वेता मूल रूप से सूरत (गुजरात) की रहने वाली है। जबकि आरोपी नवीन राजगढ़ का निवासी है। दोनों आमने-सामने की बिल्डिंग में ही फ्लैट्स में रहते थे। मंगलवार रात करीब 11:30 बजे श्वेता अपनी सहेली और कजिन भाई आशुतोष ठाकुर के साथ खाना खाकर टहलने के बाद वापस लौटी थी।
इसी दौरान नवीन वहां पहुंच गया और श्वेता पर बातचीत करने का दबाव बनाने लगा। श्वेता किसी भी तमाशे से बचने के लिए अपने भाई और नवीन को बातचीत के लिए अपने फ्लैट के अंदर ले गई।
बातचीत के दौरान निकाली पिस्टल
फ्लैट में बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर नवीन ने अपनी कमर से देसी पिस्टल निकाल ली। उसने सीधे श्वेता पर एक गोली चलाई और बीच-बचाव करने सामने आए उसके कजिन भाई आशुतोष पर भी दो गोलियां दाग दीं।
अचानक गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए और इलाके में हड़कंप मच गया। दोनों घायलों को तुरंत हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अब दोनों की हालत खतरे से पूरी तरह बाहर बताई जा रही है।
सुसाइड नोट में लिखा: मैं उसके बिना जी नहीं पाऊंगा
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी नवीन ने अपने कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे भी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब नवीन के फ्लैट की तलाशी ली तो वहां से वारदात में इस्तेमाल देसी पिस्टल और एक सुसाइड नोट मिला। इस सुसाइड नोट में नवीन ने साफ लिखा था कि वह श्वेता के बिना जी नहीं पा रहा है। इसलिए यह घातक कदम उठा रहा है।
एडिशनल डीसीपी (जोन-04) संजीव कुमार पाठक ने बताया कि पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
यह खबर क्यों जरूरी है?
यह मामला सिर्फ एक अपराध की घटना नहीं है। यह समाज की एक गंभीर समस्या की ओर भी इशारा करता है। डॉक्टर जैसे पढ़े-लिखे और जिम्मेदार पेशे से जुड़े युवा भी ब्रेकअप के बाद हिंसक हो रहे हैं। इससे पता चलता है कि भावनाओं को संभालना कितना जरूरी है।
रिश्ते में अनबन हो या ब्रेकअप, बात करके रास्ता निकाला जा सकता है, लेकिन गुस्से में हथियार उठा लेना बेहद खतरनाक है। रिहायशी इलाकों में अवैध हथियारों की आसानी से पहुंच भी चिंता की बात है। यह कानून और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
यह घटना सभी के लिए एक चेतावनी है। रिश्तों में तनाव और गुस्से को समय रहते पहचानना जरूरी है। साथ ही ऐसी स्थिति को सही तरीके से संभालना भी उतना ही जरूरी है।