गुजरात की तर्ज पर भोपाल में बनेगी EKAI CITY, केंद्र देगा दस हजार करोड़
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात की GIFT सिटी (Gujarat International Finance Tec-City) की तर्ज पर भोपाल में EKAI CITY बनाने का ऐलान किया है। EKAI CITY (Education, Knowledge and AI City) को केंद्र सरकार करीब 10 हजार करोड़ रुपए की फंडिंग देगी और राज्य सरकार भी निवेश करेगी।
उज्जैन में मेडिकल, साइंस और टेक्निकल एजुकेशन का एक Centre of Excellence (COE – उत्कृष्टता केंद्र) करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। अमेरिका की 4 यूनिवर्सिटी मध्यप्रदेश में अपना अध्ययन परिसर खोलना चाहती हैं। MP में अभी 1,200 से अधिक टेक स्टार्टअप काम कर रहे हैं और टेक सेक्टर में 12,500 करोड़ रुपए का निवेश आ चुका है।
भोपाल में बनेगी EKAI CITY
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बड़ा ऐलान किया कि गुजरात की GIFT सिटी की तर्ज पर भोपाल में भी एक अत्याधुनिक शहर बनाया जाएगा।
इसे EKAI CITY यानी Education, Knowledge and AI City के रूप में विकसित किया जाएगा। यह एक ऐसा शहर होगा जहां शिक्षा, ज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence ) एक साथ काम करेंगे।
केंद्र देगा 10 हजार करोड़
इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार करीब 10 हजार करोड़ रुपए की फंडिंग करेगी। राज्य सरकार भी अपनी ओर से राशि मिलाएगी। CM यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके लिए केंद्र सरकार से समन्वय तेज किया जाए।
उज्जैन में 400 करोड़ का Centre of Excellence
उज्जैन में पहले से मेडी सिटी, साइंस सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेज बन रहे हैं। CM यादव ने कहा कि यहां मेडिकल, साइंस और टेक्निकल एजुकेशन का एक Centre of Excellence (COE) भी स्थापित किया जाए।
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि उज्जैन में डीपटेक रिसर्च पार्क (Deeptech Research Park) की स्थापना का प्रस्ताव पहले ही केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। अब इसी प्रस्ताव में COE को भी शामिल कर संशोधित प्रस्ताव भेजा जाएगा। यह केंद्र करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा।
अमेरिका की 4 यूनिवर्सिटी MP में आना चाहती हैं
बैठक में एक और बड़ी जानकारी सामने आई। अमेरिका की 4 यूनिवर्सिटी मध्यप्रदेश में अपना अध्ययन परिसर खोलने में रुचि दिखा रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि उनसे समन्वय किया जा रहा है।
यदि यह योजना सफल होती है तो MP के छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा के लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा।
MP बन रहा देश का टेक हब
प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेलवेंद्रम ने बताया कि मध्यप्रदेश एक उभरता हुआ टेक हब बन रहा है। आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं।
प्रदेश में अभी 5 IT SEZ (Special Economic Zone – विशेष आर्थिक क्षेत्र), 15 से अधिक IT पार्क, 50 से अधिक बड़ी IT कंपनियां और 1,200 से अधिक टेक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। टेक सेक्टर में अब तक करीब 12,500 करोड़ रुपए का निवेश आ चुका है और करीब 50,000 नए रोजगार पैदा हुए हैं।
पाइपलाइन में और निवेश
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि उद्योग विभाग के पास 10 लाख वर्ग फीट जमीन उपलब्ध है। निवेशकों को जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा करीब 5,892 करोड़ रुपए की मेगा परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।
FAQ
- EKAI CITY क्या है और यह GIFT सिटी से कैसे अलग है?
EKAI CITY का पूरा नाम Education, Knowledge and AI City है। इसे भोपाल में गुजरात की GIFT सिटी की तर्ज पर बनाया जाएगा। GIFT सिटी जहां फाइनेंशियल सर्विसेज पर केंद्रित है, वहीं EKAI CITY शिक्षा, ज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित होगी। - उज्जैन में Centre of Excellence क्या होगा?
उज्जैन में 400 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल, साइंस और टेक्निकल एजुकेशन का एक केंद्र बनेगा। इसमें पहले से प्रस्तावित डीपटेक रिसर्च पार्क भी शामिल होगा। यह केंद्र उज्जैन की मेडी सिटी, साइंस सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ मिलकर एक बड़े शिक्षा केंद्र का रूप लेगा। - MP में टेक सेक्टर की मौजूदा स्थिति क्या है?
MP में अभी 1,200 से अधिक टेक स्टार्टअप, 50 से अधिक बड़ी IT कंपनियां और 15 से अधिक IT पार्क काम कर रहे हैं। टेक सेक्टर में 12,500 करोड़ रुपए का निवेश आ चुका है और 50,000 नए रोजगार पैदा हुए हैं।
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