भोपाल में मृत पार्टनर के परिवार से धोखाधड़ी पर EOW की FIR

Sanjay Dhiman | Jan 07, 2026, 18:29 IST
Photograph: (the sootr)
भोपाल में EOW ने ईरा इंफ्रास्ट्रक्चर के मालिक विनोद अग्रवाल पर धोखाधड़ी के मामले में FIR दर्ज की गई। मृत पार्टनर के परिवार को बेदखल करने फर्जी दस्तावेज बनाए थे।

BHOPAL. भोपाल के विनोद और अनीता अग्रवाल के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने वर्ष 2012 में एक फर्जी पार्टनरशिप डीड तैयार कर मृत पार्टनर विजय अग्रवाल के परिवार के साथ धोखाधड़ी की।



धोखाधड़ी का उद्देश्य

विजय अग्रवाल, जो कि ईरा इंफ्रास्ट्रक्चर के 40% पार्टनर थे, इनका 2012 में निधन हो गया था। आरोपियों ने उनकी मृत्यु के बाद उनके परिवार को फर्म से बाहर करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। यह मामला गंभीर धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है। आरोपियों ने विजय अग्रवाल के परिवार को धोखा देने के लिए पुराने दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।



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कूटरचित दस्तावेज

आरोपियों ने 11 अप्रैल 2012 की तारीख में एक नई पार्टनरशिप डीड तैयार की। इस डीड में विजय अग्रवाल की जगह उनकी पत्नी अनीता अग्रवाल को पार्टनर दिखाया गया। हालांकि, जांच में पाया गया कि यह डीड 2023 में नोटरी से प्रमाणित की गई थी, जो धोखाधड़ी का स्पष्ट प्रमाण है।



स्टाम्प पेपर का दुरुपयोग

इस डीड के लिए इस्तेमाल किए गए स्टाम्प पेपर पहले ही किसी अन्य रजिस्ट्री के लिए जारी किए जा चुके थे। इन्हें आरोपियों ने बिना अधिकार के इस्तेमाल किया। स्टाम्प वेंडर ने पुष्टि की कि ये स्टाम्प आरोपियों को बेचे नहीं गए थे।



भूमि विवाद

आरोपियों ने ग्राम सनखेड़ी में स्थित 1.4 एकड़ भूमि पर, जो कि 2012 में विजय अग्रवाल द्वारा खरीदी गई थी। बिना उत्तराधिकारियों की सहमति के बिना ज्वाइंट वेंचर और विकास कार्य शुरू कर दिया। इसका भुगतान भी विजय अग्रवाल के बैंक खाते से किया गया था।



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आरोप और धाराएं

EOW ने आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है, जिनमें शामिल हैं:



  • धारा 120-बी: आपराधिक षड्यंत्र
  • धारा 420: धोखाधड़ी
  • धारा 467: बहुमूल्य दस्तावेज़ की कूटरचना
  • धारा 468: धोखाधड़ी के उद्देश्य से कूटरचना
  • धारा 471: कूटरचित दस्तावेज का असली के रूप में उपयोग

यह मामला इस बात का संकेत है कि कुछ लोग पैसों के लालच में कूटरचना और धोखाधड़ी की हदें पार कर देते हैं। जांच जारी है और इस पर जल्द ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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