मूंग खरीदी को लेकर 3 दिन से आंदोलन कर रहे किसान, अब सूखी बाटी खाने को मजबूर
मूंग खरीदी की मांग को लेकर मध्यप्रदेश में किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। कुछ किसान तीन दिनों से मैदान में डटे हुए हैं। लगातार धरने की वजह से अब उनके सामने एक नई मुश्किल खड़ी हो गई है। किसानों के पास भोजन बनाने के लिए पर्याप्त राशन नहीं बचा है। भोपाल प्रदर्शन में शामिल एक किसान ने द सूत्र से अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि वे मांग पूरी होने तक अनिश्चित काल के लिए बैठे हैं। उनका कहना है कि तीन दिन से प्रदर्शन में डटे रहने से राशन कम पड़ने लगा है।
किसान ने आगे बताया कि अब उनके पास सीमित सामान बचा है। वे प्रदर्शन स्थल पर ही बाटी बनाकर गुजारा कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर आंदोलन और लंबा चला तो हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में बाटी के साथ सिर्फ कांदा यानी प्याज खाकर दिन गुजारने पड़ेंगे। यह बयान बताता है कि किसान अपनी मांग को लेकर कितने मजबूत इरादों के साथ बैठे हैं।
Gen Z किसानों ने भी थामा मोर्चा
इस बार आंदोलन में एक नया रंग भी देखने को मिला है। बड़ी संख्या में युवा किसान भी मैदान में उतरे हैं। यह पीढ़ी अब खुलकर अपनी मांगें रखने लगी है। ट्रैक्टरों के साथ युवा किसान भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे हैं। इससे आंदोलन को नई ताकत मिली है। भोपाल में यह किसान कारवां लगातार बढ़ता जा रहा है। पुराने और नए दोनों तरह के किसान एक साथ मंच पर नजर आ रहे हैं।
सीएम आवास के घेराव की तैयारी
किसानों ने अब मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा कड़ा कर दिया गया है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में आगे बढ़ सकते हैं। इसी वजह से शहर के कई अहम रास्तों पर पहले से इंतजाम कर दिए गए हैं।
सड़कों पर सख्त बैरिकेडिंग
पुलिस ने बुधवार यानी 29 जुलाई को नर्मदापुरम रोड पर सख्ती और बढ़ा दी। बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को आगे बढ़ने से रोका गया है। इस वजह से होशंगाबाद रोड और आसपास के इलाकों में लोगों को दिक्कत हुई। मंगलवार रात भी नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा था। होशंगाबाद रोड, एम्स, बंसल प्लाजा और कटारा हिल्स रोड पर लंबा जाम लगा रहा। सीएम हाउस के घेराव के ऐलान के बाद यह सख्ती और बढ़ गई है।
रोशनपुरा से पॉलिटेक्निक जाने वाले रास्ते पर भी पुलिस ने ट्रक खड़े कर बैरिकेडिंग की है। इस वजह से इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही फिलहाल सीमित कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि हालात को देखते हुए यह कदम जरूरी था।
स्कूलों की छुट्टी का आदेश
हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कई स्कूलों की छुट्टी का आदेश जारी कर दिया गया है। नर्मदापुरम रोड के आसपास के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। अभिभावकों को भी पहले से इसकी सूचना दे दी गई है।
धरना स्थल पर दाल-बाटी का भोजन
धरना स्थल का माहौल भी खास तरह का बना हुआ है। कई किसान दोपहर के भोजन के लिए दाल-बाटी बना रहे हैं। सीमित संसाधनों में भी किसान एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। यही सादा भोजन अब उनकी रोजाना की जरूरत बन गया है। यह तस्वीर बताती है कि किसान कितनी मुश्किल हालात में भी डटे हुए हैं।
मूंग खरीदी और ई-टोकन असली मुद्दा
इस पूरे प्रदर्शन की जड़ में मूंग खरीदी और ई-टोकन सिस्टम की मांग है। किसानों का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया में परेशानी हो रही है। ई-टोकन सिस्टम को लेकर भी कई शिकायतें सामने आई हैं। किसान चाहते हैं कि उनकी फसल की खरीदी समय पर और सही तरीके से हो। यही वजह है कि वे लगातार तीसरे दिन भी सड़क पर डटे हुए हैं।
आगे क्या हो सकता है
फिलहाल प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत की स्थिति साफ नहीं है। किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है। सीएम आवास तक कूच की तैयारी से माहौल और गरमा सकता है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
FAQ
- भोपाल में किसान किस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं?
किसान मूंग खरीदी और ई-टोकन सिस्टम में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि खरीदी प्रक्रिया में देरी और परेशानी हो रही है। इसी वजह से वे तीसरे दिन भी भोपाल में डटे हुए हैं।
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