भोपाल किसान आंदोलन का बदला रंग, Gen Z ने थामा किसानों का हाथ, ट्रैक्टर के साथ मैदान में उतरे
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल में किसानों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है।
- मूंग खरीदी और ई-टोकन सिस्टम मुख्य मांगें हैं।
- किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच की तैयारी में हैं।
- इस बार प्रदर्शन में बड़ी संख्या में Gen Z किसान भी शामिल हुए हैं।
- पुलिस ने कई रास्ते बंद कर बैरिकेडिंग कर दी है।
युवा किसानों का जोश
इस बार किसान आंदोलन में एक नया रंग दिखा है। बड़ी तादाद में युवा किसान भी मैदान में उतरे हैं। यह पीढ़ी अब खुलकर अपनी मांगें रखने लगी है। भोपाल में किसानों का यह कारवां लगातार बढ़ता जा रहा है।
सड़कों पर बैरिकेडिंग
बता दें कि पुलिस ने बुधवार, 29 जुलाई को नर्मदापुरम रोड पर सख्ती बढ़ा दी है। बैरिकेडिंग कर किसानों को आगे बढ़ने से रोका गया है। इससे होशंगाबाद रोड और आसपास के इलाकों में लोग परेशान रहे हैं। मंगलवार रात भी नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा था।
होशंगाबाद रोड, एम्स, बंसल प्लाजा और कटारा हिल्स रोड पर जाम रहा। सीएम हाउस के घेराव के ऐलान के बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
स्कूलों की छुट्टी का आदेश
किसान आंदोलन भोपाल केहालात बिगड़ते देख प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कई स्कूलों के छुट्टी का आदेश जारी किया है। नर्मदापुरम रोड के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे।
धरना स्थल का माहौल
भोपाल में पुलिस ने रोशनपुरा से पॉलिटेक्निक जाने वाले रास्ते पर ट्रक खड़े करके बैरिकेडिंग कर दी है। सुरक्षा के चलते इस रास्ते पर गाड़ियों की आवाजाही को फिलहाल नियंत्रित किया जा रहा है।
कई सारे किसान दोपहर के भोजन के लिए दाल-बाटी बना रहे हैं।
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