गैस के लिए एजेंसियों के चक्कर काटना बंद! अब ब्लिंकिट से घर बैठे मिलेगा सिलेंडर
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल में मंगलवार से 10 किलो का फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर मिलना शुरू हो रहा है।
- शुरुआत में यह सुविधा भोपाल की 3 चुनिंदा गैस एजेंसियों के जरिए दी जाएगी।
- लोग ब्लिंकिट ऐप पर जाकर इस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
- ऑर्डर मिलने के बाद गैस एजेंसी सिर्फ 4 घंटे के अंदर सिलेंडर आपके घर तक पहुंचा देगी।
- इस सिलेंडर को लेने के लिए बस एक पहचान पत्र देना होगा।
भोपाल के लोगों के लिए एक बहुत ही काम की खबर है। इंदौर में मिली सफलता के बाद अब भोपाल में भी 10 किलो वाला फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर मिलने जा रहा है।
आप रिफिलिंग या नए कनेक्शन के लिए बार-बार चक्कर काटते-काटते परेशान हो चुके हैं, तो अब यह झंझट खत्म होने वाला है।
मंगलवार 04 अगस्त से शहर के लोग आसानी से छोटा सिलेंडर ऑर्डर कर सकेंगे। इसके लिए आपको कहीं जाने की भी जरूरत नहीं है, सीधे अपने फोन से ही ऑर्डर हो जाएगा।
किन गैस एजेंसियों से मिलेगी यह सुविधा?
फिलहाल भोपाल की तीन बड़ी एजेंसियों को इस काम से जोड़ा गया है। अगर आप इन इलाकों के आसपास रहते हैं, तो आपको यह सुविधा सबसे पहले मिलेगी:
- रघु गैस एजेंसी (होशंगाबाद रोड)
- अभिमन्यु गैस एजेंसी
- ओम डिस्ट्रीब्यूटर्स (टीटी नगर क्षेत्र)
ब्लिंकिट से करें ऑर्डर
गैस एजेंसी के मालिकों ने बताया है कि पूरी प्रक्रिया को बहुत आसान बनाया गया है। आपको बस अपने मोबाइल में ब्लिंकिट (Blinkit) ऐप खोलना है और वहां से सिलेंडर बुक कर देना है।
जैसे ही आप बुकिंग करेंगे, आपका ऑर्डर तुरंत नजदीकी एजेंसी तक पहुंच जाएगा। एजेंसी की टीम अगले 4 घंटे के अंदर सिलेंडर आपके घर डिलीवर कर देगी।
अब घर-घर पहुंच रहा मैसेज
दूसरी ओर ये भी जान लें कि गैस कंपनियों ने अब उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजना शुरू कर दिया है। इस मैसेज में साफ लिखा है कि 16 अगस्त तक आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी यानी e-KYC करानी होगी।
यदि तय समय में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो घरेलू दर पर एलपीजी यानी LPG सिलेंडर नहीं मिलेगा। इस मैसेज ने लाखों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर उन घरों में जहां अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
एमपी में लाखों उपभोक्ता अटके
मध्यप्रदेश में स्थिति काफी गंभीर नजर आ रही है। राज्य में कुल एक करोड़ 73 लाख सक्रिय घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इनमें से 39 लाख 84 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी बाकी है। यह कुल उपभोक्ताओं का करीब 22.21 प्रतिशत हिस्सा है।
यानी हर पांचवां उपभोक्ता अभी भी सत्यापन से दूर है। अकेले भोपाल शहर की बात करें तो यहां सात लाख 55 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से एक लाख 94 हजार उपभोक्ताओं ने अब तक केवाईसी नहीं कराई है।
यह आंकड़ा बताता है कि शहरी इलाकों में भी लापरवाही कम नहीं है। समय रहते यह प्रक्रिया पूरी न हुई तो बड़ी संख्या में परिवार परेशान हो सकते हैं।
गैर-घरेलू दर पर देना पड़ सकता है सिलेंडर
गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक स्थिति और भी सख्त हो सकती है। उनका कहना है कि जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी नहीं होगी, उन्हें घरेलू सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।
ऐसे उपभोक्ताओं को गैर-घरेलू यानी कमर्शियल दर पर सिलेंडर लेना पड़ सकता है। दोनों सिलेंडर की कीमत में जमीन-आसमान का फर्क है।
अभी 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 947.50 रुपए है। वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2935 रुपए है। यदि घरेलू उपभोक्ता को कमर्शियल दर चुकानी पड़ी तो जेब पर सीधा बोझ बढ़ेगा।
हालांकि गैस कंपनियों ने अभी तक इसका कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है। इस वजह से उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
भोपाल में पहले से रुकी डिलीवरी
यह समस्या सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं है। भोपाल में तो असर दिखना पहले ही शुरू हो चुका है। जानकारी के अनुसार सिर्फ पांच दिन में शहर में एक लाख 35 हजार उपभोक्ताओं की सिलेंडर डिलीवरी रोकी जा चुकी है।
यह शहर के कुल उपभोक्ताओं का करीब 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा है।
गैस एजेंसियों का कहना है कि यह निर्देश खुद गैस कंपनियों से आया है। वहीं, यह आदेश लिखित में नहीं बल्कि मौखिक रूप से दिया गया है।
इसी वजह से एजेंसी संचालक भी असमंजस में हैं। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन इंदौर के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने भी इस मामले की पुष्टि की है। उनका कहना है कि गैस कंपनियों ने सभी एजेंसियों को मौखिक निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से भोपाल में 15 से 20 प्रतिशत उपभोक्ताओं की डिलीवरी रुक चुकी है।
घर बैठे तीन तरीकों से हो सकती है केवाईसी
उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि केवाईसी कराना बहुत मुश्किल नहीं है। इसके लिए तीन आसान तरीके मौजूद हैं।
पहला तरीका है इंडियनऑयल वन यानी IndianOil ONE एप का इस्तेमाल। इस एप के जरिए उपभोक्ता घर बैठे ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
दूसरा तरीका है नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर सत्यापन कराना। इसके लिए आधार कार्ड और गैस कनेक्शन की जानकारी साथ ले जानी होगी।
तीसरा तरीका सबसे आसान माना जा रहा है। सिलेंडर डिलीवरी के समय अधिकृत कर्मचारी की मदद से भी केवाईसी कराई जा सकती है। यह सुविधा खासकर बुजुर्ग और अकेले रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया
ई-केवाईसी का मुख्य मकसद फर्जी कनेक्शन और सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को रोकना है। सरकार और गैस कंपनियां लंबे समय से इसे जरूरी बताती रही हैं। यह प्रक्रिया उज्ज्वला योजना और सामान्य घरेलू कनेक्शन वाले सभी ग्राहकों के लिए जरूरी है।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब तक यह काम पूरा नहीं कर पाए हैं। कई लोगों को सही प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं है। वहीं कुछ लोग समय की कमी के चलते एजेंसी नहीं जा पाते। अब जबकि डेडलाइन नजदीक आ रही है, उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लेना चाहिए।
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