भोपाल के पूर्व IAS को जान से मारने की धमकी, बिल्डर पर लगाया आरोप
भोपाल की प्रीमियर ऑर्चर्ड कॉलोनी के निवासी और पूर्व आईएएस आरबी प्रजापति ने पुलिस कमिश्नर भोपाल और जोन-4 के डिप्टी कमिश्नर को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में कॉलोनी के पूर्व बिल्डर मेसर्स S.V. Infra Developer के संचालक नितिन अग्रवाल पर दबाव बनाने, प्रलोभन देने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि कॉलोनी में बिल्डर ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से अभिन्यास (नक्शा/लेआउट) संशोधन की अनुमति मांगी थी, जिसका कॉलोनीवासी विरोध कर रहे हैं।
क्या है पूरा विवाद?
भोपाल की प्रीमियर ऑर्चर्ड कॉलोनी, करोंद बायपास रोड को लेकर एक बड़ा कानूनी विवाद चल रहा है। कॉलोनी के पूर्व बिल्डर मेसर्स SV Infra Developer Bhopal ने संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश (Town and Country Planning) विभाग से कॉलोनी के लेआउट में संशोधन की अनुमति मांगी थी। इस संशोधन के खिलाफ कॉलोनीवासियों ने आपत्ति दर्ज कराई है। इस मामले में लगातार शिकायतों का दौर चलता रहा।
धमकी कब और कैसे मिली?
पूरे मामले में नया मोड़ तब आया, जब सरकारी प्रक्रिया के बीच सीधे धमकी भरे कॉल आने लगे। शिकायत के अनुसार 12 मार्च 2026 को सुनवाई से लौटते वक्त व्हाट्सएप से शिकायतकर्ता के नंबर पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम जतिन हसवानी बताया और कहा कि वह संयुक्त संचालक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की तरफ से "व्यक्तिगत रूप से मिलकर खुश करना चाहते हैं।" पूर्व आईएएस ने इस व्यक्तिगत मुलाकात से साफ इनकार किया।
शिकायत के अनुसार सबसे गंभीर मामला 27 मार्च 2026 को रात 8.18 बजे हुआ। एक मोबाइल से कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना सरनेम ठाकुर बताया और कहा कि वह "बावड़िया कला में रहते हैं और जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र देने का काम करते हैं और लाइजनिंग का काम करते हैं।" जब प्रजापति ने पूछा कि "जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र देने का क्या आशय है," तो जवाब मिला "मैं सारे काम करता हूं जन्म से लेकर मरण तक।" शिकायतकर्ता ने इसे जान से मारने की सीधी धमकी माना। उन्होंने कॉल काट दी।
पूर्व IAS का बड़ा आरोप
आरबी प्रजापति ने अपनी शिकायत में साफ लिखा है कि पूर्व बिल्डर नितिन अग्रवाल पहले उन्हें प्रलोभन देकर दबाना चाहते हैं। जब वे इसमें सफल नहीं हुए तो उन्होंने धमकी का रास्ता अपनाया।
पुलिस से क्या मांग की गई?
पूर्व आईएएस ने भोपाल पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर जोन-4 से मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही शिकायत की प्रतिलिपि थाना निशातपुरा के ई-मेल और व्हाट्सएप पर भी भेजी गई है। सोसाइटी के प्रशासक मुकेश गुप्ता को यह भी निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि सोसाइटी में आवाछनीय तत्वों का प्रवेश रोका जाए।
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पूर्व IAS को धमकी