भोपाल-इंदौर मेट्रो में 30 सेकंड में मिलेगा टिकट, नहीं लगानी होगी लंबी लाइन, 30 अक्टूबर से शुरु होगी नई सुविधा

Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 29, 2026, 13:52 IST
भोपाल इंदौर मेट्रो स्टेशन पर लगेंगी टिकट वेंडिंग मशीनें, टिकट के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लाइन
Bhopal and Indore Metro will introduce self-service ticket vending machines from October 30, 2026. Passengers will be able to purchase printed QR tickets in just 30 seconds.
भोपाल और इंदौर मेट्रो में 30 अक्टूबर 2026 से नई सुविधा मिलेगी। अब यात्रियों को टिकट के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। यात्री मशीन से खुद अपना क्यूआर कोड वाला टिकट निकाल सकेंगे। इसके लिए यूपीआई से पेमेंट करना होगा। टिकट मिलने में करीब 30 सेकंड लगेंगे। इससे टिकट काउंटर पर भीड़ कम होने की उम्मीद है। वहीं, 31 दिसंबर 2026 तक टिकटों पर अलग-अलग छूट भी मिलेगी।

30 अक्टूबर से मेट्रो स्टेशनों पर मिलेंगी टिकट वेंडिंग मशीनें

30 अक्टूबर से मेट्रो स्टेशनों पर टिकट वेंडिंग मशीनें शुरू होंगी। अब यात्रियों को टिकट काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे खुद मशीन से अपना टिकट निकाल सकेंगे।



मेट्रो प्रबंधन ने प्रमुख स्टेशनों पर दो-दो मशीनें लगाई हैं। यात्रियों को सबसे पहले मशीन पर अपना स्टेशन चुनना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर टिकट का किराया दिखाई देगा। फिर यात्री भुगतान करके अपना टिकट निकाल सकेंगे। मशीन से क्यूआर कोड वाला टिकट मिलेगा।



Metro Ticket Vending Machine से टिकट निकालना भी काफी आसान होगा। मेट्रो प्रबंधन का दावा है कि इसमें करीब 30 सेकंड लगेंगे।



6 आसान स्टेप में ऐसे निकालें मेट्रो टिकट

अगर आप पहली बार टिकट वेंडिंग मशीन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। टिकट निकालने के लिए इन छह स्टेप का पालन करना होगा।



  1. सबसे पहले टिकट वेंडिंग मशीन की स्क्रीन पर Buy QR Ticket का विकल्प चुनें।
  2. इसके बाद जिस स्टेशन तक जाना चाहते हैं, उसे चुनें।
  3. स्क्रीन पर यात्रा का कुल किराया दिखाई देगा।
  4. भुगतान करने के लिए स्क्रीन पर यूपीआई क्यूआर कोड आएगा।
  5. अपने मोबाइल के यूपीआई एप से कोड स्कैन करके भुगतान करें।
  6. भुगतान सफल होते ही मशीन से प्रिंटेड क्यूआर टिकट निकल आएगा।

इस टिकट को लेकर यात्री मेट्रो में सफर कर सकेंगे।



दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए भी खास सुविधा

टिकट वेंडिंग मशीनों में दृष्टिबाधित (Blind) यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। इन मशीनों में ब्रेल लिपि की सुविधा दी गई है। इससे दृष्टिबाधित (Blind) यात्रियों को मशीन के इस्तेमाल में मदद मिल सकेगी।



मेट्रो प्रबंधन का उद्देश्य टिकट लेने की व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाना है।



टिकट काउंटर पर 70 प्रतिशत तक कम हो सकती है भीड़

मेट्रो स्टेशनों पर अब टिकट लेने के लिए लंबी लाइन नहीं लगेगी। टिकट वेंडिंग मशीनें शुरू होने से यात्रियों को राहत मिल सकती है। मेट्रो प्रबंधन के मुताबिक, टिकट काउंटर पर भीड़ कम होने की उम्मीद है। खासकर ज्यादा भीड़ वाले समय में यात्रियों को कम इंतजार करना पड़ेगा।



प्रबंधन का अनुमान है कि Peak Hours में भीड़ 70 प्रतिशत तक घटेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा। टिकट देने के लिए कर्मचारियों की जरूरत भी कम होगी। हालांकि, भीड़ कितनी कम होगी, यह मशीनें शुरू होने के बाद पता चलेगा।



भोपाल मेट्रो में अभी कितने यात्री कर रहे सफर?

भोपाल मेट्रो में अभी ज्यादा यात्री सफर नहीं कर रहे हैं। आम दिनों में यात्रियों की संख्या काफी कम रहती है।



भोपाल मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इस रूट पर रोजाना करीब 150 से 500 यात्री सफर करते हैं।



हालांकि, शनिवार और रविवार को यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इन दिनों करीब एक हजार से एक हजार 200 लोग मेट्रो से सफर करते हैं।



यानी आम दिनों के मुकाबले छुट्टियों में ज्यादा लोग मेट्रो से चलते हैं।



रोजाना लाखों का खर्च, टिकटों से कमाई बेहद कम

भोपाल मेट्रो को चलाने में हर दिन लाखों रुपए खर्च होते हैं। लेकिन टिकटों से होने वाली कमाई बेहद कम है।



आंकड़ों के मुताबिक, मेट्रो पर सालाना करीब 20 से 25 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इसमें मेट्रो चलाने और रखरखाव का खर्च शामिल है।



यानी हर दिन करीब 5.5 से 7 लाख रुपए खर्च होते हैं। लेकिन टिकटों से इतनी कमाई नहीं हो पा रही है।



रिपोर्ट के मुताबिक, टिकटों से परिचालन खर्च का दो प्रतिशत भी नहीं निकल रहा है। यानी मेट्रो चलाने का खर्च टिकटों की कमाई से कहीं ज्यादा है।



31 दिसंबर तक मेट्रो टिकट पर मिलेगी छूट

मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। यात्रियों को टिकट खरीदने पर अलग-अलग तरह की छूट मिलेगी। यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी।



सिंगल जर्नी टिकट:एक तरफ के टिकट पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट मिलेगी। हालांकि, 20 रुपए के बेस टिकट पर यह छूट नहीं मिलेगी।



रिटर्न जर्नी टिकट:आने-जाने का टिकट एक साथ लेने पर 30 प्रतिशत छूट मिलेगी।



ग्रुप टिकट: समूह में टिकट लेने पर 35 प्रतिशत छूट मिलेगी। अब सिर्फ दो लोग भी ग्रुप टिकट ले सकेंगे।



एप वॉलेट:एमपीएमआरसीएल एप के वॉलेट में पैसे डालने पर बोनस मिलेगा। रिचार्ज की रकम के हिसाब से 8 से 15 प्रतिशत बोनस मिलेगा। यात्री अपनी सुविधा के हिसाब से टिकट चुन सकेंगे।



यात्रियों को नई सुविधा से क्या फायदा होगा?

टिकट वेंडिंग मशीनों की शुरुआत से भोपाल और इंदौर मेट्रो के यात्रियों को टिकट लेने का नया विकल्प मिलेगा। अब उन्हें हर बार टिकट काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी।



वे मशीन से स्टेशन चुनकर यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे। इसके बाद टिकट लेकर सीधे एएफसी गेट पर जा सकेंगे। इससे टिकट खरीदने में समय बचने की उम्मीद है।



मेट्रो प्रबंधन को भी टिकट काउंटर पर भीड़ कम करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल भोपाल मेट्रो में कम यात्री सफर कर रहे हैं। ऐसे में मेट्रो प्रबंधन यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर काम कर रहा है।



अब 30 अक्टूबर से टिकट वेंडिंग मशीनों की शुरुआत होने जा रही है। इसके बाद यात्रियों को टिकट लेने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान होने की उम्मीद है।



FAQ

  1. भोपाल और इंदौर मेट्रो में टिकट वेंडिंग मशीनें कब से शुरू होंगी?
    भोपाल और इंदौर मेट्रो के संचालित कॉरिडोर के स्टेशनों पर 30 अक्टूबर 2026 से टिकट वेंडिंग मशीनें शुरू करने की तैयारी है। यात्री इन मशीनों से खुद टिकट निकाल सकेंगे।
  2. मेट्रो की टिकट वेंडिंग मशीन से कितने सेकंड में टिकट मिलेगा?
    मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, यात्री करीब 30 सेकंड में मशीन से क्यूआर कोड वाला टिकट निकाल सकेंगे। इसके लिए स्टेशन चुनकर यूपीआई से भुगतान करना होगा।
  3. भोपाल मेट्रो में मशीन से टिकट कैसे निकाल सकते हैं?
    मशीन की स्क्रीन पर Buy QR Ticket चुनें। इसके बाद गंतव्य स्टेशन चुनकर किराया देखें। यूपीआई से भुगतान करने पर मशीन से प्रिंटेड क्यूआर टिकट निकल आएगा।
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