दर्शन करने पहुंचे तो गायब मिले भगवान, एमपी के कमाली मंदिर से हटाई मूर्तियां
समझें क्या है पूरा मामला...
- पुराने भोपाल के कमाली मंदिर से गुरुवार, 09 जुलाई को प्रतिमाएं हटाई गईं।
- सुबह दर्शन को पहुंचे श्रद्धालुओं को मूर्तियां अपनी जगह पर नहीं मिलीं।
- कुछ देर बाद प्रतिमाएं परिसर में ही दूसरी जगह मिल गईं।
- श्रद्धालुओं ने उन्हें वापस पुराने स्थान पर रख दिया और प्रदर्शन शुरू किया।
- रात में ट्रस्ट अध्यक्ष ने शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की बात स्वीकार कर ली।
सुबह से शुरू हुआ हंगामा
दरअसल पुराने भोपाल के घोड़ा नक्कास स्थित कमाली मंदिर में गुरुवार, 09 जुलाई की सुबह हड़कंप मच गया। नियमित पूजा के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को शिवलिंग, दुर्गा मां, भैरो बाबा और वीर महाराज की प्रतिमाएं अपने स्थान पर नहीं मिलीं। देखते ही देखते मंदिर से मूर्तियां गायब होने की चर्चा पूरे इलाके में फैल गई।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। हिंदू उत्सव समिति और अन्य संगठनों के पदाधिकारी भी वहां जमा हो गए।
खोजबीन में पता चला कि प्रतिमाएं मंदिर परिसर में ही दूसरी जगह रखी गई थीं। इसके बाद श्रद्धालुओं ने खुद हाथ ठेलों से इन प्रतिमाओं को पुराने स्थान पर वापस स्थापित कर दिया।
दोपहर होते-होते सैकड़ों महिलाएं और श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए। महंत राजू महाराज से बातचीत के बाद उन्हें प्रतिमाएं हटाने की पूरी जानकारी मिली।
इसके बाद वहां जोरदार नारेबाजी हुई। हालांकि दुर्गा माता की बड़ी प्रतिमा को छोड़कर बाकी सभी मूर्तियां पुरानी जगह पर रख दी गईं।
ट्रस्ट का बदलता बयान
विवाद के दौरान मंदिर ट्रस्ट का रुख दिनभर बदलता रहा। सुबह ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि कोई शॉपिंग कॉम्प्लेक्स नहीं बनाया जा रहा। बताया गया कि दुर्गा मंदिर और चबूतरा जर्जर हो चुके हैं।
बारिश में इनके गिरने का खतरा था, इसलिए प्रतिमाओं को अस्थायी रूप से हटाया गया। ट्रस्ट का कहना था कि नया मंदिर बनने के बाद प्रतिमाएं वहीं स्थापित की जाएंगी।
वहीं रात होते-होते ट्रस्ट अध्यक्ष महंत राधा मोहन दास का बयान पूरी तरह बदल गया। उन्होंने माना कि परिसर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा।
हालांकि महंत ने यह भी कहा कि यह मंदिर की जमीन पर नहीं बनेगा। उनके अनुसार मंदिर के लिए डेढ़ एकड़ जमीन पहले ही अलग रखी जा चुकी है।
मोहन दास ने बताया कि कॉम्प्लेक्स का नक्शा पहले ही पास हो चुका है, हालांकि इस पर कितना खर्च आएगा, यह उन्होंने स्पष्ट नहीं किया।
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का नक्शा
इस पूरे विवाद के बीच एक नक्शा भी सामने आया है, जो इसी मंदिर परिसर में प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का बताया जा रहा है। यह नक्शा करीब 48 हजार वर्गफीट जमीन पर तैयार किया गया है। इसमें कुल 122 दुकानें दिखाई गई हैं। नक्शे के बीचोंबीच एक अष्टकोणीय आकृति भी है, जो मंदिर जैसी नजर आती है।
हिंदू उत्सव समिति भोपाल अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में पहले से ही चेतन मार्केट संचालित हो रहा है। उनके अनुसार इससे ट्रस्ट को हर महीने लाखों रुपए किराया मिलता है।
चंद्रशेखर का कहना था कि अब उसी परिसर में नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी चल रही है। यह भी सामने आया कि कमाली कॉम्प्लेक्स की दुकानों की बुकिंग के लिए फ्लेक्स बैनर पहले से ही लगाए जा चुके हैं।
मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
बता दें कि घोड़ा नक्कास स्थित कमाली मंदिर पुराने भोपाल के प्रमुख आस्था केंद्रों में गिना जाता है। हिंदू एकता मंच के अध्यक्ष पं. ओम मेहता और चंद्रशेखर सोनी के अनुसार, यह मंदिर मुख्य रूप से हनुमान जी को समर्पित है। परिसर में दुर्गा मंदिर, शिवलिंग, भैरो बाबा और वीर महाराज की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।
मान्यता है कि नवाबी काल में बेगम शाहजहां ने बाबा कमाली यानी कमलदास को यह भूमि दान में दी थी। इसी वजह से मंदिर का नाम कमाली मंदिर पड़ा। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पुराने भोपाल की पहचान का हिस्सा है।
पुलिस और सांसद की एंट्री
जानकारी मिलते ही दोपहर करीब 3 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। श्रद्धालुओं ने एसीपी राकेश बघेल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। श्रद्धालुओं का कहना था कि मंदिर परिसर से जुड़े किसी भी फैसले में उनकी राय ली जानी चाहिए थी।
शाम होते-होते स्थानीय बीजेपी सांसद आलोक शर्मा का भी बयान सामने आया। उन्होंने साफ कहा कि मंदिर की जमीन पर किसी भी हालत में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स नहीं बनने दिया जाएगा।
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