भोपाल में पुष्प मयूर संस्था ने की अवैध प्लाट बिक्री : EOW ने दर्ज की FIR

Sanjay Dhiman | Jan 13, 2026, 16:04 IST
Photograph: (the sootr)
पुष्प मयूर गृह निर्माण सहकारी संस्था ने भोपाल में 5.50 एकड़ भूमि की अवैध बिक्री की। ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है।

NEWS IN SHORT

  • पुष्प मयूर गृह संस्था ने भोपाल में 5.50 एकड़ भूमि की अवैध बिक्री की।
  • भू-स्वामियों की जानकारी के बिना फर्जी दस्तावेजों से नामांतरण कर भूमि बेच दी गई।
  • 29 गैर-सदस्यों को अवैध प्लॉट बिक्री की गई, बिना टीएनसीपी अनुमति के।
  • जांच में पाया गया कि लेआउट प्लान्स बिना सरकारी स्वीकृति के तैयार किए गए।
  • ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी और कूटरिचत दस्तावेजों पर एफआईआर दर्ज की।

NEWS IN DETAIL

BHOPAL. भोपाल में पुष्प मयूर गृह निर्माण सहकारी संस्था के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने भू-स्वामियों के साथ धोखाधड़ी कर 5.50 एकड़ जमीन की अवैध रिजिस्ट्रियां कराई। इस घोटाले की शिकायत EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) में की गई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।



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धोखाधड़ी का खुलासा

EOW के अनुसार, संस्था के अध्यक्ष नवाब खान और अन्य आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल करके 5.50 एकड़ जमीन का नामांतरण किया। यह जमीन ग्राम खुदागंज, तहसील हजूर, भोपाल के खसरा नंबर 84 पर स्थित थी। जांच में यह पाया गया कि इस जमीन के स्वामियों ने किसी भी प्रकार के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। सारी प्रक्रिया धोखाधड़ी के तहत की गई।



अवैध रूप से भूखंड बेचे गए

अधिकारियों ने इस बात का खुलासा किया कि संस्था के 29 गैर-सदस्यों को अवैध रूप से प्लॉट बेचे गए। इसके बाद यह अवैध प्लॉट बिना टीएनसीपी (नगर एवं ग्राम निवेश) की अनुमति के बेच दिए गए। न केवल यह प्लॉट अवैध थे, बल्कि इन पर कोई भी मान्यता प्राप्त लेआउट योजना भी नहीं थी।



जांच में क्या सामने आया?

ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी पाया गया कि ये सभी लेआउट प्लान्स बिना सरकार की स्वीकृति के तैयार किए गए थे। सरकार को जानबूझकर आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए इन लेआउट प्लानों का इस्तेमाल किया गया। इसी कारण से अवैध रूप से बेचे गए भूखंडों पर सरकारी शुल्क और अनुमित भी जमा नहीं किया गया।



एफआईआर दर्ज

जांच के बाद, ईओडब्ल्यू ने मामले में एफआईआर दर्ज की। नवाब खान सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420, 467, 468, और 471 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की।



भू-स्वामियों की शिकायत

जिन भू-स्वामियों की जमीन को अवैध रूप से बेचा गया, वे भी इस मामले में शामिल हैं। वे आरोप लगा रहे हैं कि उनके स्वामित्व वाली जमीन को बिना उनकी सहमति और जानकारी के बेच दिया गया।



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निष्कर्ष

अब तक की जांच में कई कूटरचित दस्तावेजों और झूठे हस्ताक्षरों का खुलासा हुआ है। ईओडब्ल्यू मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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