दो लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाया उदयपुरा नगर परिषद का उपयंत्री, ये है पूरा मामला
भोपाल लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार 28 अप्रैल को एक बड़ी कार्रवाई की है। रायसेन जिले के उदयपुरा नगर परिषद में पदस्थ उपयंत्री दीपांशु पटेरिया को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। इस मामले में नगर परिषद के सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी शंकर साहू को भी आरोपी बनाया गया है।
रिश्वत में मांगे थे पांच लाख रुपए
लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता जयंत चतुर्वेदी नवीन बिल्डकॉम नाम की एक फर्म चलाते हैं। उन्होंने उदयपुरा नगर परिषद में बस स्टैंड और मेन रोड के निर्माण काम किए थे।
इन कामों से जुड़ी सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि जारी करने और अनुभव प्रमाण पत्र देने के बदले, उपयंत्री दीपांशु पटेरिया और सहायक ग्रेड-2 शंकर साहू ने उनसे पांच लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
दो लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
जयंत चतुर्वेदी ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल से की थी। शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। मंगलवार को दीपांशु पटेरिया भोपाल में स्वच्छता अभियान के तहत एक कार्यशाला में शामिल होने आए थे।
कार्यशाला खत्म होने के बाद लोकायुक्त टीम ने भोपाल में दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
दीपांशु पटेरिया को किया निलंबित
शुरुआती जानकारी के मुताबिक संबंधित निर्माण कार्य की कुल लागत करीब एक करोड़ 13 लाख रुपए थी। इसमें से लगभग 72 लाख रुपए का भुगतान पहले ही हो चुका था।
बाकी बची हुई रकम के अंतिम भुगतान के बदले उपयंत्री दीपांशु पटेरिया ने रिश्वत मांगी थी। जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली नगरीय प्रशासन विभाग ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए दीपांशु पटेरिया को निलंबित कर दिया।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की बड़ी पहल माना जा रहा है। वहीं लोकायुक्त की इस ट्रैप कार्रवाई के बाद नगरीय निकायों में हड़कंप मच गया है।
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