भोपाल के इस क्षेत्र में PNG पहुंची नहीं और LPG सप्लाई पर लग गई रोक, HC ने पूछा- लोगों के चूल्हे कैसे जलेंगे

Neel Tiwari | Oct 06, 2026, 14:54 IST
भोपाल में PNG और LPG विवाद पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई।
भोपाल में PNG कनेक्शन मिलने से पहले LPG सप्लाई रोकने के आरोप पर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट ने पूछा कि अगर PNG की व्यवस्था नहीं हुई तो लोगों के चूल्हे कैसे जलेंगे? कोर्ट के पूछने पर याचिकाकर्ता ने अयोध्या बायपास का उदाहरण दिया। अब सरकार की ओर से बुधवार, 07 अक्टूबर को इस इलाके की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

LPG बनाम PNG का मामला हाईकोर्ट पहुंचा

भोपाल में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध होने से पहले ही LPG सप्लाई रोकने का मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। यह याचिका अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय सचिव विजय श्रीवास्तव के माध्यम से दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अक्सा मुकर्रम पैरवी कर रही हैं। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस अल्पेश कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिविजन बेंच में हुई।



कोर्ट ने कहा- कैसे जलेंगे चूल्हे?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उस स्थिति को चिंता का विषय बताया, जिसमें किसी इलाके को LPG सप्लाई रोकने के लिए नोटिफाई कर दिया जाए, लेकिन वहां PNG की व्यवस्था ही न हो। कोर्ट ने साफ सवाल किया कि अगर LPG भी बंद हो गई। PNG भी नहीं पहुंची, तो आखिर लोगों के चूल्हे कैसे जलेंगे?



सरकार ने कहा- ऐसी कोई स्थिति नहीं

कोर्ट की चिंता पर सरकार की ओर से कहा गया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं है। सरकार का कहना था कि एलपीजी सप्लाई बंद करने की कार्रवाई उन इलाकों में की जा रही है, जहां PNG उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। सरकार पहले ही कोर्ट को बता चुकी है कि LPG से PNG पर शिफ्ट करने का यह नीतिगत फैसला है। LPG कनेक्शन वापस लेने से पहले PNG कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।



कोर्ट ने पूछा- ऐसा इलाका बताइए

सरकार के जवाब के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता अक्सा मुकर्रम से एक सवाल पूछा। कोर्ट ने पूछा कि ऐसा कोई इलाका बताएं जहां PNG की व्यवस्था किए बिना एलपीजी सप्लाई रोक दी गई हो। इस पर उन्होंने भोपाल के अयोध्या बायपास रोड के पूरे इलाके का उदाहरण कोर्ट के सामने रखा।



अयोध्या बायपास में PNG नहीं, LPG बंद होने का दावा

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अयोध्या बायपास रोड के आसपास की कई कॉलोनियों में अभी तक PNG कनेक्शन नहीं पहुंचा है। इसके बावजूद वहां LPG सप्लाई रोक दी गई है। इस दलील ने सरकार के उस दावे पर सवाल खड़ा कर दिया कि, PNG उपलब्ध होने के बाद ही LPG कनेक्शन बंद किए जा रहे हैं।



अब सरकार को जमीन की स्थिति बतानी होगी

अयोध्या बायपास का उदाहरण सामने आने के बाद सरकार को स्पष्ट करना होगा कि वहां वास्तव में PNG की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। अगर नहीं है तो LPG सप्लाई क्यों रोकी गई। कोर्ट के सवाल से साफ है कि सिर्फ सरकारी नीति नहीं, बल्कि उसका जमीन पर सही तरीके से लागू होना भी जांच के दायरे में है।



24 मार्च के आदेश को याचिका में दी गई चुनौती

बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत केंद्र सरकार के 24 मार्च 2026 के आदेश से हुई है। याचिका के मुताबिक जिन इलाकों में PNG उपलब्ध है, वहां संबंधित LPG उपभोक्ताओं को सूचना देकर तीन महीने के भीतर LPG सप्लाई बंद करने की व्यवस्था की गई है। अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस का आरोप है कि इससे उपभोक्ताओं पर PNG लेने का दबाव बन रहा है। साथ ही निजी PNG कंपनियों को फायदा पहुंच सकता है।



उपभोक्ता की पसंद खत्म करने का आरोप

याचिका में कहा गया है कि LPG कनेक्शन सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि परिवार से जुड़ा है। ऐसे में उपभोक्ता को अपनी सुविधा के अनुसार LPG या PNG चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया है कि नए नियम से उपभोक्ताओं का यह विकल्प खत्म किया जा रहा है।



25 और 45 दिन वाले नियम पर भी सवाल

याचिका में LPG रिफिल की अवधि को लेकर भी आपत्ति की गई है। इसमें बताया गया है कि शहरी उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन की अवधि तय की गई। दूसरी ओर ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन बाद रिफिल की पात्रता तय की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि LPG जैसी जरूरी चीज के लिए शहर और गांव के उपभोक्ताओं के बीच ऐसा अंतर नहीं होना चाहिए।



ऑनलाइन बुकिंग, OTP और e-KYC भी विवाद में

याचिकाकर्ता ने LPG लेने के लिए ऑनलाइन बुकिंग, OTP से डिलीवरी की पुष्टि और e-KYC की अनिवार्यता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बुजुर्ग और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था परेशानी खड़ी कर सकती है। मोबाइल, नेटवर्क या डिजिटल सुविधा नहीं होने पर लोगों को LPG लेने में दिक्कत हो सकती है।



निजी PNG कंपनियों पर भी लगाए गंभीर आरोप

याचिका में थिंक गैस, अडानी गैस और अवंतिका गैस जैसी निजी PNG कंपनियों का भी जिक्र है। आरोप है कि कुछ जगहों पर निजी कंपनियों की ओर से LPG बंद होने की जानकारी देकर PNG कनेक्शन लेने के लिए दबाव बनाया गया। याचिकाकर्ता ने उपभोक्ताओं का डेटा निजी कंपनियों के साथ साझा किए जाने पर भी सवाल उठाया है।



PNG से पहले LPG रोकने पर सवाल

इस पूरे मामले में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी इलाके में PNG कनेक्शन पहुंचे बिना LPG सप्लाई रोक दी गई है। अयोध्या बायपास का उदाहरण सामने आने के बाद कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। अब सरकार की ओर से कल बुधवार, 07 अक्टूबर को इस इलाके की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी। इसके बाद कोर्ट मामले की अगली सुनवाई तय करेगा।



Tags:
  • भोपाल में पीएनजी कनेक्शन
  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
  • अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस
  • चीफ जस्टिस अल्पेश कोगजे
  • जस्टिस विवेक जैन
  • एलपीजी सप्लाई बंद
  • अयोध्या बायपास
  • एलपीजी उपभोक्ता