24 करोड़ में बना MP का हाईटेक वृद्धाश्रम, अब भी खाली, जानें क्यों रहने नहीं आते बुजुर्ग

Jitendra Shrivastava | May 08, 2026, 15:50 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. भोपाल के 24 करोड़ रुपए से बने पेड वृद्धाश्रम में 56 में से सिर्फ 2 बुजुर्ग हैं। सरकार अब इसे नो प्रॉफिट नो लॉस पर चलाने की तैयारी में है। जानें क्या कारण है कि बुजुर्ग इसमें रहने को तैयार नहीं है...

News In Short

  • 24 करोड़ रुपए की लागत से बना वृद्धाश्रम खाली।
  • 56 में से सिर्फ 2 बुजुर्ग ले रहे हैं सुविधाएं।
  • मासिक किराया 45,000 से 80,000 रुपए तक।
  • सरकार नो प्रॉफिट नो लॉस पर चलाने की योजना में।
  • जनवरी में CM मोहन यादव ने किया था उद्घाटन।

News In Detail

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बना अत्याधुनिक पेड वृद्धाश्रम (Paid Old Age Home) आज भी लगभग खाली पड़ा है। 24 करोड़ रुपए की लागत से बने इस लग्जरी वृद्धाश्रम (Luxury Old Age Home) में 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है, लेकिन अभी सिर्फ दो लोग ही रह रहे हैं। इसकी मुख्य वजह है इसका बेहद ऊंचा किराया। सरकार अब इसे सुलभ बनाने की कोशिश में है।



भोपाल का हाईटेक वृद्धाश्रम

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अत्याधुनिक पेड वृद्धाश्रम (Paid Old Age Home) बनाया गया है। यह वृद्धाश्रम शहर के लिंक रोड नंबर 3 पर स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल 5.25 एकड़ है। इसमें आधुनिक सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया गया है। इसे जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उद्घाटन किया था।



24 करोड़ का लग्जरी आश्रम

इस भव्य वृद्धाश्रम के निर्माण में 24 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। राज्य के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने इसे बनवाया है। इसमें 34 कमरे बनाए गए हैं। इन कमरों में 56 बुजुर्ग नागरिक एक साथ रह सकते हैं। सिंगल कमरे से लेकर आलीशान सुइट तक के विकल्प उपलब्ध हैं।



सिर्फ दो बुजुर्ग ही रह रहे

उद्घाटन के बाद से आज तक यह वृद्धाश्रम लगभग खाली है। 56 की क्षमता में से सिर्फ दो बुजुर्ग ही रह रहे हैं। बाकी सभी कमरे पूरी तरह तैयार हैं। फिर भी इनमें कोई नहीं आ रहा। यह स्थिति प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है।



ऊंचा किराया बड़ी रुकावट

इस वृद्धाश्रम में रहने का खर्च काफी अधिक है। एक बुजुर्ग के लिए प्रति माह 45,000 रुपए से ज्यादा खर्च आता है। कुछ सुइट के लिए यह राशि 80,000 रुपए तक पहुंचती है। ज्यादातर बुजुर्ग और उनके परिवार इसे वहन नहीं कर सकते। इसीलिए यह पेड वृद्धाश्रम (Paid Old Age Home) खाली पड़ा है।



क्या हैं सुविधाएं

यह वृद्धाश्रम पूरी तरह वातानुकूलित है। यहां फिजियोथेरेपी सेंटर, मेडिकल रूम और लॉन्ड्री जैसी सुविधाएं हैं। टहलने के लिए पक्का रास्ता बनाया गया है। मनोरंजन और आराम के लिए अलग कक्ष हैं। देखभाल करने वाला प्रशिक्षित स्टाफ भी हमेशा उपलब्ध है।



एनजीओ करता है संचालन

इस वृद्धाश्रम का संचालन एक एनजीओ के हाथों में है। बुकिंग पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होती है। बुजुर्ग अपनी जरूरत के अनुसार कमरा बुक कर सकते हैं। अभी तक इस प्रक्रिया में बेहद कम लोगों ने रुचि दिखाई है। एनजीओ और सरकार दोनों इस समस्या के समाधान में लगे हैं।



सरकार बदलेगी रणनीति

कम प्रतिक्रिया को देखते हुए राज्य सरकार ने नया निर्णय लिया है। अब इसे सामाजिक न्याय विभाग सीधे चलाएगा। सरकार इसे नो प्रॉफिट नो लॉस (No Profit No Loss) के आधार पर चलाने की योजना बना रही है। इससे किराया घटेगा और अधिक बुजुर्ग यहाँ आ सकेंगे। यह बदलाव बुजुर्गों के लिए राहत की खबर है।



बुजुर्गों की देखभाल की जरूरत

भारत में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। वृद्ध नागरिकों (Senior Citizens) के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जरूरी है। सरकारी वृद्धाश्रम (Government Old Age Home) की मांग भी बढ़ रही है। लेकिन सुविधाएं सस्ती और सुलभ होनी चाहिए। यही असली चुनौती है जिसे MP सरकार हल करने की कोशिश कर रही है।



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