मुंबई से दोगुना होगा भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया का विस्तार, दो हजार से ज्यादा गांव शामिल
News in Short
- मेट्रोपॉलिटन एरिया में राजगढ़ जिले के सबसे ज्यादा 698 गांव शामिल हुए हैं।
- सीहोर के 599 और राजधानी भोपाल के 527 गांवों को जगह मिली है।
- रायसेन के 408, विदिशा के 191 और नर्मदापुरम के 87 गांव शामिल हैं।
- कुल 12 हजार 98 वर्ग किमी क्षेत्र में विकास की नई योजनाएं तैयार होंगी।
- इकोनॉमिक और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
News In Detail
भोपाल अब विकास के मामले में मुंबई से भी आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार भोपाल और उसके आसपास के पांच जिलों को मिलाकर एक बहुत बड़ा मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने जा रही है जो क्षेत्रफल में मुंबई से लगभग दोगुना होगा।
इस योजना के तहत भोपाल के आसपास के दो हजार से ज्यादा गांवों को शहरों जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इन गांवों को आधुनिक कर नया रूप दिया जाएगा। इस योजना की DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) अगले 10 महीनों में तैयार कर ली जाएगी।
भोपाल मेट्रोपॉलिटन का क्षेत्र 12 हजार 98 वर्ग किमी
विधि से मंजूरी मिलने के बाद मई में इन गांवों की भी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उसके बाद मेट्रोपॉलिटन का असली काम शुरू होगा।
इसके तहत अथॉरिटी से जुड़ी कमेटियां बनाई जाएंगी। मेट्रोपॉलिटन एक्ट पहले ही तैयार हो चुका है। अब बस अथॉरिटी के कामकाज के नियमों का इंतजार है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का क्षेत्र 12 हजार 98 वर्ग किमी तय किया गया है।
नर्मदापुरम का सबसे कम हिस्सा
जमीन के हिसाब से सीहोर और राजगढ़ का क्षेत्र भोपाल से बड़ा है, लेकिन भोपाल जिले का तीन-चौथाई हिस्सा इसमें शामिल हो गया है। सबसे कम हिस्सा नर्मदापुरम का है।
अब जब दायरा तय हो चुका है तो शासन स्तर पर अफसरों और कर्मचारियों की नियुक्ति के जरिए सेटअप तैयार किया जाएगा। भोपाल जिले के बैरसिया के 210, हुजूर के 257 और कोलार तहसील के 60 गांवों को इसमें शामिल किया गया है।
भविष्य में मेट्रोपॉलिटन का विस्तार
भविष्य में मेट्रो को मंडीदीप, सीहोर और बैरागढ़ तक भी फैलाना है। इसके अलावा भोपाल और इंदौर के बीच फोरलेन रोड (जिसमें सर्विस रोड के साथ सिक्स लेन भी प्रस्तावित है) पर इकोनॉमिक कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की योजना है।
इस योजना में मंडीदीप, पीलूखेड़ी, बाबई-मोहासा, तामोट, इटारसी, मालीखेड़ी और बगरोदा जैसे इंडस्ट्रियल एरिया को कवर किया जाएगा। इससे इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनाना आसान होगा।
रोड नेटवर्क के साथ भोपाल मेट्रोपॉलिटन का पश्चिमी हिस्सा उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन से जुड़ जाएगा।
FAQ
- भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया कुल कितने क्षेत्र में फैला है?
भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का कुल क्षेत्रफल काफी बड़ा है। इसे 12 हजार 98 वर्ग किमी तय किया गया है। इसमें छह जिलों के हजारों गांव शामिल किए गए हैं। अब इसी दायरे में सारा विकास कार्य होगा।
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