दरवाजा खुलते ही उड़ गए होश, भोपाल में कांग्रेस विधायक के कमरे में आपत्तिजनक हालत में मिले युवक-युवती
दोपहर के करीब 3 बजे थे। विधायक अपने कमरे पर पहुंचे और जैसे ही दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वीआईपी सुरक्षा के दावों के बीच उनके कमरे में ऐसा कुछ हो रहा था, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल यह पूरा मामला विधायक विश्राम गृह भोपाल (MLA Rest House Bhopal) के खंड क्रमांक-3 का है। यहां कमरा नंबर 13 और 14 कांग्रेस विधायक दिनेश जैन (Congress MLA Dinesh Jain) को आधिकारिक रूप से रहने के लिए दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार उस दोपहर जब विधायक अपने कमरों के पास पहुंचे और दरवाजा खोला, तो अंदर पुलिस की वर्दी पहले युवक-युवती आपत्तिजनक हालत में थे।
विधायक को सामने देखकर दोनों बुरी तरह घबरा गए। उन्हें समझ नहीं आया कि क्या करें। पकड़े जाने के डर से दोनों हाथ-पैर जोड़कर गिड़गिड़ाने लगे और माफी मांगने लगे। विधायक अभी पूरे मामले को समझ ही रहे थे कि इसी बीच दोनों ने मौके का फायदा उठाया और वहां से भाग निकले।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने विश्राम गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कोई भी व्यक्ति कभी भी दाखिल हो सकता है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे नजर आ रही है।
काउंटर पर जमा रहती है कमरे की चाबी
घटना के बाद विधायक दिनेश जैन ने विश्राम गृह के स्टाफ और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि जब भी वे भोपाल से बाहर रहते हैं, तो उनके कमरों की चाबी मुख्य काउंटर पर मौजूद केयरटेकर के पास जमा रहती है। साफ-सफाई और रखरखाव जैसे कामों के लिए ही कर्मचारियों को चाबी दी जाती है। विधायक का कहना है कि इस तरह की लापरवाही का फायदा उठाकर कोई भी अनजान व्यक्ति कमरे में रुक सकता है। इससे किसी बड़ी आपराधिक वारदात या साजिश को अंजाम देने का खतरा भी बना रहता है।
विधानसभा सचिवालय के निर्देश पर PWD ने शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा सचिवालय ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। सचिवालय के निर्देश पर लो PWD ने मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि विधायक के कमरे में अनधिकृत लोगों के प्रवेश और पूरी घटना की जांच की जा रही है।
चीफ इंजीनियर बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी भोपाल के चीफ इंजीनियर एससी वर्मा ने कहा कि मामला हमारे संज्ञान में आया है। विधायक के कमरे में अनधिकृत लोगों के प्रवेश और पूरी घटना की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी कर्मचारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये खबर क्यों जरूरी है?
वीआईपी इलाकों और सरकारी परिसरों में सुरक्षा के ढीले रवैये से जनता का व्यवस्था पर भरोसा कम होता है। जब चुने हुए जनप्रतिनिधियों के कमरे ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा और जिम्मेदार कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठते हैं।