सूत्र की मुहिम के बाद भवन मालिकों को नोटिस, 24 घंटे में दुकान बंद करें, नहीं तो होगी सील
समझें क्या है पूरा मामला...
- अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के 19 भवनों को अंतिम नोटिस मिला है।
- 24 घंटे में दुकानें बंद न हुईं तो निगम सील करेगा।
- गुरुवार को निगम ने शहरभर में 589 नए नोटिस जारी किए थे।
- अब तक कुल नोटिस की संख्या 1500 पार कर चुकी है।
- यह कार्रवाई द सूत्र की लगातार खबरों के बाद हुई है।
भोपाल के रहवासी इलाकों में अवैध कारोबार पर अब सख्ती बढ़ गई है। नगर निगम ने 19 भवन मालिकों और किरायेदारों को अंतिम अल्टीमेटम दिया है। ये सभी अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के हैं। 24 घंटे के भीतर कमर्शियल गतिविधियां बंद करनी होंगी। ऐसा न करने पर संबंधित भवन और दुकानें सील कर दी जाएंगी।
19 भवनों को अंतिम नोटिस
निगम ने पहले भी इन इलाकों में 10 दिन का नोटिस दिया था। यह समय-सीमा बुधवार को खत्म हो गई। इसके बाद निगम की टीमें दोबारा सर्वे के लिए मौके पर पहुंचीं।
सर्वे में एक बात साफ हो गई। रोहित नगर के 10 भवनों में अब भी कारोबार मिला। अरेरा कॉलोनी के नौ भवनों में भी यही हाल था। इन्हीं 19 भवनों को अब अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है। तय समय में पालन नहीं होने पर सीधी कार्रवाई होगी।
589 नए नोटिस जारी
4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है। इसे देखते हुए निगम ने पूरे शहर में सर्वे तेज कर दिया है। अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़िया कलां की जांच हो रही है। साथ ही शहर के बाकी इलाकों की भी पड़ताल हो रही है।
गुरुवार, 30 जुलाई को निगम ने एक ही दिन में 589 नए नोटिस जारी किए है। इसके साथ जारी नोटिसों की कुल संख्या 1500 से ज्यादा हो गई है। निगम का एक अनुमान है कि भोपाल में करीब 30 हजार दुकानें आवासीय भवनों में चल रही हैं। यह आंकड़ा शहर की गंभीर स्थिति दिखाता है।
किन इलाकों में कितने नोटिस
गुरुवार को जारी हुए 589 नोटिस अलग-अलग इलाकों में बंटे हैं। कोलार रोड में सबसे ज्यादा 200 नोटिस दिए गए हैं। लालघाटी में 67 और चूनाभट्टी-मनीषा पुरम इलाके में 61 नोटिस जारी हुए।
अशोका गार्डन से 80 फीट रोड तक 60 नोटिस दिए गए। कोहेफिजा में 54, बैरागढ़ में 48 और त्रिलंगी में 45 नोटिस जारी हुए। इंद्रपुरी में 15 और करोंद में 39 नोटिस दिए गए।
इससे पहले भी तीन इलाकों में 429 नोटिस जारी हो चुके थे। ये नोटिस अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़िया कलां को मिलाकर दिए गए थे। यानी इन इलाकों में कार्रवाई की रफ्तार अब लगातार बढ़ रही है।
द सूत्र की खबरों का असर
यह पूरी कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। द सूत्र लंबे समय से इस मुद्दे को उठाता रहा है। अरेरा कॉलोनी, रचना नगर, गौतम नगर और रोहित नगर इसमें शामिल थे। इन इलाकों के अवैध कारोबार पर द सूत्र ने लगातार खबरें कीं। इनमें घरों को दुकानों में बदले जाने के मामले सामने रखे गए थे।
इन खबरों के बाद रहवासियों ने भी विरोध शुरू कर दिया था। लोगों ने कॉलोनियों में बैनर लगाकर निगम और सरकार को चेतावनी दी। रहवासियों ने सीएम मोहन यादव को भी पत्र भेजा था। मुख्य सचिव को भी शिकायत भेजी गई थी।
मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। कोर्ट ने अमेकस क्यूरी की निगरानी में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी थी। शुरुआत में निगम केवल 429 नोटिस ही जारी कर सका था। इस पर रहवासियों ने सीधे सवाल उठाए थे। अब दबाव बढ़ने के बाद निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है।
उपायुक्त का बयान
निगम के भवन अनुज्ञा विभाग में भुवन गुप्ता उपायुक्त हैं। उन्होंने भी इस मामले पर अपनी बात रखी।
उनके मुताबिक 19 भवन मालिकों और किरायेदारों को अंतिम नोटिस दिया गया है। यदि 24 घंटे में दुकानें खाली नहीं होतीं, तो नतीजा साफ होगा। ऐसे भवनों को सीधे सील कर दिया जाएगा। भुवन गुप्ता ने बताया कि शहरभर में 1500 से ज्यादा नोटिस जारी हुए। उनका कहना है कि यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
अब सबकी नजरें 4 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि निगम कोर्ट में क्या रिपोर्ट पेश करता है। रहवासी इलाकों को बाजार बनने से रोकने की लड़ाई अभी लंबी चल सकती है।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के शांति और स्वास्थ्य के अधिकार से जुड़ी है। मास्टर प्लान और भूमि उपयोग नियमों का पालन कराना प्रशासन की संवैधानिक जिम्मेदारी है। जब रिहायशी कॉलोनियां बाजार में बदल जाती हैं, तो बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं का स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
द सूत्र की लगातार रिपोर्टिंग से यह दिखता है कि जिम्मेदार पत्रकारिता प्रशासन को जवाबदेह बना सकती है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रही यह कार्रवाई कानून के राज और पारदर्शी शासन का उदाहरण है। इसलिए यह खबर हर भोपालवासी के लिए जानना जरूरी है।
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