भोपाल नगर निगम फर्जी ई-बिल घोटाले पर एक्शन, अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर को हटाकर वरुण वड़ेरिया को जिम्मेदारी
News in Short
- भोपाल नगर निगम में फर्जी ई-बिल घोटाले के बाद प्रशासनिक फेरबदल हुआ।
- गुणवंत सेवतकर को हटाकर लूप लाइन में भेजा गया, वरुण वड़ेरिया बने अपर आयुक्त।
- सेवतकर को वित्त विभाग में वापस भेजा गया, फिलहाल कोई अहम जिम्मेदारी नहीं।
- वड़ेरिया को निगम की वित्त शाखा में सुधार और पारदर्शिता लाने की जिम्मेदारी मिली।
- लोकायुक्त की जांच में फर्जी ई-बिल से करोड़ों रुपये का भुगतान किए जाने का खुलासा।
News in Detail
BHOPAL.भोपाल नगर निगम में फर्जी ई-बिल घोटाले के बाद राज्य शासन ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। इस घोटाले के मामले में लोकायुक्त की जांच के बाद वित्त विभाग के अपर आयुक्त, गुणवंत सेवतकर को उनके पद से हटा दिया गया है और उन्हें लूप लाइन में भेज दिया गया है। अब उनकी जगह वरुण वड़ेरिया को नया अपर आयुक्त (वित्त) नियुक्त किया गया है। यह निर्णय शासन के उच्च अधिकारियों द्वारा लिया गया है, जो घोटाले की गंभीरता को देखते हुए लिया गया है।
सेवतकर को पद से हटाकर भेजा गया मूल विभाग में
गुणवंत सेवतकर को हटाकर उन्हें उनके मूल विभाग में भेज दिया गया है। अब वह संयुक्त संचालक कार्यालय, आयुक्त कोष एवं लेखा भोपाल में पदस्थ होंगे। फिलहाल उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी गई है। यह कदम लोकायुक्त कार्रवाई के बाद उठाया गया है, जिसमें फर्जी ई-बिल बनाने और बिना काम किए करोड़ों रुपए का भुगतान करने की बातें सामने आई थीं।
वरुण वड़ेरिया को नई जिम्मेदारी
अब, वरुण वड़ेरिया को नगर निगम की वित्त शाखा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह पहले लघु उद्योग निगम में वित्त नियंत्रक और स्मार्ट सिटी परियोजना में वित्त अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं। अब उनके सामने निगम की वित्तीय व्यवस्था को सुधारने और पारदर्शिता लाने की चुनौती है।
लोकायुक्त कार्रवाई का प्रभाव
लोकायुक्त की जांच में यह बात सामने आई थी कि जलकार्य और केंद्रीय वर्कशॉप जैसे विभागों के नाम पर फर्जी बिल बनाए गए थे। इन बिलों के माध्यम से चहेती फर्मों को बिना काम किए ही करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। लोकायुक्त ने इस मामले में डिजिटल डेटा भी जब्त किया है, जिससे घोटाले की गंभीरता का खुलासा हुआ है।
अन्य प्रशासनिक फेरबदल
इसके अलावा, शासन ने रामजी लाल गोलिया को लघु उद्योग निगम के वित्त नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। वड़ेरिया को नई जिम्मेदारी संभालने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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नगर निगम के फर्जी बिल घोटाले