टॉयलेट जाने के लिए फ्लाइओवर बनवाए नगर निगम, लोगों ने की अजीब मांग, जानें कहां का है मामला

Sanjay Dhiman | May 05, 2026, 16:32 IST
Photograph: (the sootr)
भोपाल में नगर निगम ने रेलवे की जमीन पर सुलभ शौचालय बनवा डाला। रेलवे ने बाउंड्री वॉल बनाकर शौचालय तक पहुंचने वाला रास्ता बंद कर दिया। लोग इसे नगर निगम की गैर-जिम्मेदारी मानते हुए नाराज हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

News in Short

  • भोपाल नगर निगम ने ऐशबाग में रेलवे की जमीन पर सरकारी शौचालय बनवा दिया।
  • काम पूरा होने से पहले ही रेलवे ने सामने ऊंची बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी।
  • दीवार बनने से टॉयलेट का रास्ता बंद हो गया और अब वहां जाना नामुमकिन है।
  • स्थानीय लोगों ने पहले ही चेतावनी दी थी, लेकिन अधिकारियों ने जिद में काम कराया।
  • जनता अब तंज कस रही है कि क्या टॉयलेट जाने के लिए सरकार फ्लाईओवर बनाएगी?

News in Detail

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल वैसे तो अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। लेकिन आजकल यहां के ऐशबाग इलाके में एक अजीबोगरीब मामला चर्चा में बना हुआ है। नगर निगम ने यहां एक ऐसा सुलभ शौचालय खड़ा कर दिया है, जिसे देखकर जनता का सिर चकरा रहा है। मामला वार्ड नंबर 40 के 90 डिग्री पुल के पास का है। यहां भोपाल नगर निगम ने लाखों रुपए खर्च करके जनता के लिए शौचालय बनाया।



दिक्कत यह है कि यह टॉयलेट रेलवे की जमीन पर बना दिया गया है। जब शौचालय लगभग बनकर तैयार हुआ, तब रेलवे को अपनी जमीन की याद आई। रेलवे विभाग ने अपनी सीमा में बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी और टॉयलेट जाने के रास्ते को बंद कर दिया। अब आलम यह है कि टॉयलेट तो खड़ा है, लेकिन जनता वहां तक पहुंच नहीं सकती। लोग अब पूछ रहे हैं कि क्या सरकार यहां फ्लाइओवर बनवाएगी?



जनता ने चेताया था पर अफसरों ने का मनमानी

इस पूरे ड्रामे में सबसे बड़ी लापरवाही नगर निगम के बड़े अधिकारियों की सामने आ रही है। जब इस सुलभ शौचालय का काम शुरू हुआ था, तब स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई थी। मोहल्ले वालों ने साफ कहा था कि यह जमीन रेलवे की है। लोगों ने अफसरों को आगाह किया था कि यहां निर्माण करना सरकारी पैसे की बर्बादी होगी।



लेकिन सरकारी सिस्टम की अपनी चाल होती है, जिसे जनता की सलाह पसंद नहीं आती। नगर निगम के इंजीनियरों और ठेकेदारों ने लोगों की कोई बात नहीं सुनी। उन्होंने आनन-फानन में निर्माण जारी रखा और जनता के टैक्स का पैसा पानी में बहा दिया। अब जब रेलवे ने दीवार बना दी है, तो नगर निगम के पास कोई जवाब नहीं है।



सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों का गुस्सा

सामाजिक कार्यकर्ता अलमास अली ने बताया कि उन्होंने शौचालय की मांग बहुत पहले की थी। इलाके में इसकी बहुत जरूरत थी, लेकिन ऐसी जगह नहीं जहां कोई जा न सके। अब रेलवे की बाउंड्री वॉल बन जाने से यह टॉयलेट पूरी तरह से बेकार हो गया है। स्थानीय पार्षद पर भी सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने जमीन की जांच क्यों नहीं की।



लोग अब सोशल मीडिया पर नगर निगम की इस 'अकलमंदी' का जमकर मजाक उड़ा रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्या अब टॉयलेट जाने के लिए अंडरपास बनेगा? या फिर सरकार एक छोटा फ्लाइओवर बनवाएगी ताकि लोग दीवार फांदकर उस पार जा सकें? सरकारी पैसे का ऐसा दुरुपयोग देखकर लोग काफी नाराज नजर आ रहे है।



सरकारी पैसे की बर्बादी का जिम्मेदार कौन?

इस मामले ने एक बार फिर सिस्टम के बीच तालमेल की कमी को उजागर किया है। रेलवे और नगर निगम के बीच कोई बातचीत नहीं हुई और काम शुरू हो गया। अब लाखों रुपए की लागत से बना यह सुलभ शौचालय खंडहर बनने की कगार पर है। जनता पूछ रही है कि इस नुकसान की भरपाई आखिर कौन से अधिकारी की जेब से होगी?



ऐशबाग के इस 90 डिग्री पुल वाले टॉयलेट की चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। यह मामला शासन और प्रशासन की लापरवाही का एक जीता-जागता उदाहरण बन गया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस दीवार को गिरवाती है या फिर टॉयलेट को तोड़ती है। फिलहाल तो जनता की जरूरत अधूरी है और सरकारी पैसा पूरी तरह बर्बाद हो चुका है।



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