अब इलेक्ट्रिक वाहन से चलेंगे अफसर, भोपाल बनेगा प्रदेश का पहला ईवी नगर निगम
समझें क्या है पूरा मामला...
- नगर निगम अधिकारी सरकारी कामों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करेंगे।
- पहले फेज में प्रशासन ने 50 इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने का फैसला किया है।
- ई-वाहनों को चार्ज करने के लिए 30 नए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
- शुरुआत में यह सीनियर अफसरों को मिलेंगी।
प्रदेश का पहला ई-व्हीकल फ्रेंडली निकाय
भोपाल नगर निगम पर्यावरण को बचाने और सरकारी खर्च को कम करने के लिए एक अच्छा कदम उठाने जा रहा है। अब नगर निगम के बड़े अधिकारी जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहनों में घूमते हुए दिखाई देंगे। इसके लिए निगम प्रशासन ने टेंडर जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
इस नई व्यवस्था के लागू होते ही भोपाल प्रदेश का पहला ऐसा नगरीय निकाय बन जाएगा, जो शासकीय कार्यों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करेगा।
इन सीनियर अफसरों को मिलेंगी नई गाड़ियां
जानकारी के अनुसार पहले फेज में 50 गाड़ियां बेड़े में शामिल की जा रही हैं। ये गाड़ियां सबसे पहले नगर निगम के सीनियर अधिकारियों को दी जाएंगी।
- नगर निगम आयुक्त
- अपर आयुक्त
- उपायुक्त
- सहायक आयुक्त
30 नए चार्जिंग स्टेशन
नगर निगम के परिवहन विभाग ने इन वाहनों को चलाने और इनकी देखरेख के लिए तीन साल का टेंडर जारी किया है। जो भी एजेंसी चुनी जाएगी, वही इन गाड़ियों की उपलब्धता, संचालन और मेंटेनेंस का काम संभालेगी।
गाड़ियां सड़कों पर आने से पहले उनके चार्जिंग की पूरी व्यवस्था की जा रही है। नगर निगम कार्यालयों और शहर के प्रमुख जगहों पर 30 नए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
नगर निगम के विद्युत शाखा के कार्यपालन यंत्री आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति
यह पूरी कवायद मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति-2025 के नियमों को ध्यान में रखकर की जा रही है। बता दें कि यह नीति 27 मार्च 2025 से लागू की गई है।
इसमें सरकारी विभागों और संस्थाओं में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसी नीति के तहत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी निकायों को धीरे-धीरे ई-वाहन अपनाने के निर्देश दिए हैं।
2500 ई-वाहनों का साझा बेड़ा
इस पूरे प्रोजेक्ट में भोपाल स्मार्ट सिटी भी एक बड़ा रोल निभाने जा रही है। स्मार्ट सिटी एक ईवी एग्रीगेटर के रूप में काम करेगी। साथ ही अलग-अलग सरकारी विभागों के लिए लगभग 2500 इलेक्ट्रिक वाहनों का एक साझा बेड़ा तैयार करेगी।
खास बात ये है कि गाड़ियां सरकारी विभागों को किराए पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे विभागों को खुद नई गाड़ियां खरीदने की लंबी और उबाऊ कागजी प्रक्रिया से मुक्ति मिल जाएगी। वे अपनी जरूरत के हिसाब से सीधे स्मार्ट सिटी से इलेक्ट्रिक वाहन ले सकेंगे।
इस योजना के तहत भोपाल स्मार्ट सिटी और BCLL (Bhopal City Link Limited) मिलकर शहर के मुख्य प्रशासनिक और कमर्शियल इलाकों में लगभग 70 चार्जिंग स्टेशन भी तैयार करेंगे।
ये खबरें भी पढ़िए...
पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही बढ़ी EV की डिमांड, 5 महीने में बिके हजारों इलेक्ट्रिक वाहन
धूम मचाने आ रही निसान की बेबी पेट्रोल, क्रेटा से होगा मुकाबला!
बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस लेगी सख्त एक्शन
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब RTO के चक्कर का झंझट खत्म, लेकिन नाबालिग ने गाड़ी चलाई तो खैर नहीं!