जोधपुर की तर्ज पर बदलेगा भोपाल का पुराना शहर, मकान-दुकानों का रंग-रूप होगा एक जैसा

Arohi Raj | Oct 21, 2026, 16:21 IST
भोपाल का पुराना शहर जोधपुर की ब्लू सिटी जैसा बनेगा।
राजस्थान के जोधपुर की तरह अब भोपाल के पुराने शहर को भी खास पहचान देने की तैयारी है। यहां मकान और दुकानों के साइनबोर्ड एक जैसे रंग और डिजाइन में नजर आ सकते हैं। इससे पुरानी गलियों और बाजारों का रूप निखारने की योजना है। जिला प्रशासन ने नगर एवं ग्राम निवेश विभाग (T&CP) को प्रस्ताव भेजा है। इस व्यवस्था को नए मास्टर प्लान में शामिल करने की तैयारी है।
Much like Jodhpur in Rajasthan, plans are underway to give the old city of Bhopal a distinct identity. Houses and shop signboards here may soon feature a uniform color scheme and design.

ब्लू सिटी की तरह ओल्ड भोपाल को खूबसूरत बनाने का प्लान

बता दें राजस्थान का जोधपुर अपने नीले रंग के मकानों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इसे इसी वजह से ब्लू सिटी कहा जाता है। शहर के पुराने हिस्से में मेहरानगढ़ किले के आसपास नीले रंग के कई मकान दिखाई देते हैं। यहां की संकरी गलियां, ऐतिहासिक इमारतें और नीले रंग के घर मिलकर एक अलग नजारा बनाते हैं। यही खासियत जोधपुर को दूसरे शहरों से अलग पहचान देती है।



इसी तरह भोपाल के पुराने शहर की भी अपनी ऐतिहासिक पहचान है। यहां की पुरानी गलियां, पारंपरिक बाजार और रियासतकालीन इमारतें (Princely Era Buildings) शहर की विरासत को दर्शाती हैं। हालांकि, अलग-अलग रंगों और डिजाइन वाले साइनबोर्ड इस खूबसूरती को प्रभावित करते हैं।



कई जगह बड़े और चमकीले बोर्ड पुरानी इमारतों की सुंदरता को भी छिपा देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पुराने भोपाल को व्यवस्थित और आकर्षक रूप देने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, साइनबोर्ड के लिए कौन-से रंग और डिजाइन तय होंगे, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।



नए मास्टर प्लान में शामिल होगी व्यवस्था

भोपाल के पुराने शहर को नया रूप देने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। प्रशासन चाहता है कि मकान-दुकानों के साइनबोर्ड एक जैसे रखने की व्यवस्था नए मास्टर प्लान में शामिल हो। इससे पुराने शहर की गलियों और बाजारों को व्यवस्थित रूप देने में मदद मिलेगी।



इस योजना का मकसद सिर्फ साइनबोर्ड बदलना नहीं है। इसके जरिए ऐतिहासिक इमारतों और पारंपरिक बाजारों की खूबसूरती उभारने की कोशिश होगी। प्रशासन की योजना सफल रही, तो पुराने भोपाल को हेरिटेज सिटी के रूप में पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।



हालांकि, अभी यह प्रस्ताव के स्तर पर है। इसे लागू करने के लिए संबंधित विभागों की मंजूरी और आगे की प्रक्रिया जरूरी होगी। इसके बाद ही साइनबोर्ड के रंग, आकार और डिजाइन से जुड़े नियम तय हो सकेंगे।



पर्यटन को मिल सकता है बढ़ावा

इस बदलाव से पुराने शहर में घूमने आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। हालांकि, केवल साइनबोर्ड बदलने से पर्यटन बढ़ने की गारंटी नहीं है। साफ-सफाई, बिजली के तारों की व्यवस्था और ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण भी जरूरी होगा।



अगर योजना सही तरीके से लागू होती है, तो पुराने भोपाल की पहचान को नया रूप मिल सकता है। अब देखना होगा कि प्रस्ताव को मास्टर प्लान में जगह मिलती है या नहीं। इसके बाद ही बदलाव की समयसीमा और नियम स्पष्ट हो पाएंगे।



5 नंबर बाजार में भी एक जैसे साइनबोर्ड की तैयारी

भोपाल के 5 नंबर बाजार को भी एक जैसा लुक देने की योजना बनाई गई थी। इसका मकसद बाजार को व्यवस्थित और आकर्षक बनाना है। फिलहाल, शासन की रीडेंसिफिकेशन पॉलिसी के तहत हाउसिंग बोर्ड यहां विकास कार्य करा रहा है।



इस योजना में आवासीय और व्यावसायिक परिसरों (Residential and Commercial Premises) का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद पूरे बाजार को एक जैसा स्वरूप देने की तैयारी है। इसके तहत दुकानों के साइनबोर्ड के रंग और डिजाइन भी समान रखे जा सकते हैं। अब पुराने भोपाल के बड़े हिस्से में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है। इससे बाजारों में समानता आएगी। शहर की पुरानी पहचान को बेहतर तरीके से सामने लाने में मदद मिल सकती है।



चौक बाजार में अधूरे रह गए विकास कार्य

भोपाल के चौक बाजार को भी हेरिटेज इलाके के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। तत्कालीन महापौर आलोक शर्मा के कार्यकाल में इस दिशा में काम शुरू हुआ था। उस समय करीब पांच करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई गई थी।



मकसद चौक बाजार को उसके पुराने ऐतिहासिक स्वरूप की तरह विकसित करना था। इसके लिए लाल पत्थर लगाने और अंडरग्राउंड पाइप लाइन करने जैसे काम प्रस्तावित थे। इससे बाजार का रूप बेहतर होने और ओवरहेड वायरिंग से राहत मिलने की उम्मीद थी।



जानकारी के मुताबिक, काम पूरी तरह नहीं हो सके। आज भी चौक बाजार में बिजली के तार जगह-जगह फैले हुए हैं। इससे बाजार की सुंदरता प्रभावित होती है। ऐसे में साइनबोर्ड के साथ दूसरे बुनियादी सुधार भी जरूरी होंगे।



FAQs



  1. भोपाल पुराने शहर को नया रूप देने की योजना क्या है?
    भोपाल के पुराने शहर को नया रूप देने के लिए जिला प्रशासन ने एक योजना बनाई है, जिसके तहत मकान और दुकानों के साइनबोर्ड एक जैसे रखने की व्यवस्था नए मास्टर प्लान में शामिल की जाएगी। इसका उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक इमारतों और पारंपरिक बाजारों की खूबसूरती को उजागर करना है।
  2. साइनबोर्ड के लिए रंग और डिजाइन का चुनाव कब होगा?
    साइनबोर्ड के रंग और डिजाइन का चुनाव अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। इसे लागू करने के लिए संबंधित विभागों की मंजूरी की आवश्यकता होगी, जिसके बाद ही नियम तय किए जा सकेंगे।
  3. पुराने भोपाल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
    पुराने भोपाल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन का लक्ष्य है कि साइनबोर्ड के साथ-साथ अन्य बुनियादी सुधार भी किए जाएं, जैसे कि साफ-सफाई और ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण। ये कदम शहर की पहचान को नया रूप देने में मदद करेंगे।
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