पुलिस की फिटनेस का खुली पोल, 62% जवान 1 घंटे में 10 किमी भी नहीं दौड़ पाए

Aman Vaishnav | Sept 04, 2026, 15:00 IST
पुलिस की फिटनेस का खुला राज
पुलिसकर्मियों को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए आला अफसरों ने हर शनिवार दौड़ लगाने की नई पहल शुरू की है। वहीं इस दौड़ का चौंकाने वाला नतीजा सामने आया है। करीब 62% पुलिसकर्मी तय समय में दौड़ पूरी नहीं कर पाए।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल पुलिस के लिए हर शनिवार दौड़ अनिवार्य कर दी गई है।
  • पहले ही राउंड में 396 जवानों ने फिटनेस टेस्ट दिया।
  • इनमें से 248 पुलिसकर्मी तय समय में दूरी पूरी नहीं कर सके।
  • यह कुल आंकड़े का करीब 62% है।
  • पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अभ्यास के लिए और समय मिलेगा।

फिटनेस टेस्ट क्यों शुरू हुआ

आला अफसर चाहते हैं पुलिस फिट और चुस्त-दुरुस्त रहे। इसी वजह से हर शनिवार दौड़ की नई पहल शुरू हुई है। जुलाई से यह व्यवस्था लागू है। विभाग के सर्कुलर में फिटनेस के मानक पहले से तय हैं।



फिटनेस क्यों जरूरी है

बता दें कि पुलिस का काम शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। ड्यूटी के दौरान भागदौड़ और चुस्ती जरूरी होती है। इसी वजह से महकमा फिटनेस पर जोर दे रहा है। दौड़ जैसी गतिविधियां जवानों को ड्यूटी के लिए तैयार रखती हैं।



पहले नतीजे ने चौंकाया

शुरुआती हफ्तों के नतीजे आए तो अफसरों के माथे पर बल पड़ गए। जानकारी के अनुसार करीब 62% पुलिसकर्मी कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए।



जिन युवा जवानों से उम्मीद थी उनमें भी 63% दौड़ पूरी नहीं कर पाए। सभी 12 एसीपी संभागों में 560 पुलिसकर्मी टेस्ट में शामिल हुए। इनमें से 349 तय समय में दूरी पूरी नहीं कर सके।



उम्र अनुसार तीन लक्ष्य

पुलिस विभाग ने उम्र के आधार पर तीन अलग लक्ष्य तय किए हैं। हर वर्ग के लिए दूरी और समय अलग रखा गया है।



45 साल से कम उम्र

इस वर्ग को 60 मिनट में 10 किमी दौड़ना था। कुल 396 पुलिसकर्मी दौड़े। इनमें सिर्फ 148 तय समय में पहुंच सके। यानी 248 जवान यानी 62% से ज्यादा फेल हुए।



मस्जिद बाग में 70, निशातपुरा में 49 और कोतवाली संभाग में 21 जवान दौड़े। इनमें से एक भी तय समय में दूरी पूरी नहीं कर सका। शाहजहांनाबाद में 53 जवानों में से सिर्फ 4 ही 60 मिनट के भीतर 10 किमी पूरी कर पाए।



45 से 55 साल उम्र

इस वर्ग को 45 मिनट में 5 किमी दौड़ना था। कुल 118 जवान इस वर्ग में शामिल हुए। इनमें से 65 जवान पीछे रह गए। यानी हर दो में से एक पुलिसकर्मी टेस्ट में फेल हुआ। यह करीब 55% फेल दर है।



55 साल से ज्यादा उम्र

इस वर्ग के लिए 25 मिनट में 3 किमी दौड़ने का लक्ष्य रखा गया। कुल 46 जवानों में से सिर्फ 10 ही समय पर पहुंच सके। मिसरोद में इस वर्ग के सभी 14 पुलिसकर्मी टेस्ट में नाकाम रहे। निशातपुरा में भी सभी 8 पुलिसकर्मी लक्ष्य हासिल नहीं कर सके।



कहां बेहतर प्रदर्शन रहा

हर जगह नतीजे खराब नहीं रहे। कुछ थानों ने बेहतर प्रदर्शन भी किया। जहांगीराबाद में सभी 26 युवा पुलिसकर्मियों ने तय समय में दौड़ पूरी की। टीटी नगर में भी सभी 22 युवा जवान लक्ष्य तक पहुंचे। चूनाभट्टी में 36 में से 30 जवानों ने दौड़ पूरी की।



कुछ जगह सिर्फ स्ट्रेचिंग

कई थानों में जवानों ने दौड़ लगाने के बजाय सिर्फ स्ट्रेचिंग की। वहीं 55 साल से ज्यादा उम्र के कुछ पुलिसकर्मियों ने बीमारी का हवाला दिया। इन जवानों ने दौड़ की जगह योग करना चुना।



कमिश्नर ने क्या कहा

पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने नतीजों पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि विभाग के सर्कुलर में फिटनेस के मानक पहले से तय हैं। इसी आधार पर जुलाई से दौड़ शुरू की गई है।



जो जवान अभी मानक पूरे नहीं कर पा रहे उन्हें अभ्यास के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। वहीं उन्होंने यह भी साफ किया कि पुलिस को फिट तो बनना ही होगा।



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