भोपाल में इंदौर मॉडल लागू, रात 12 बजे से पहले बंद होंगे बार और क्लब
भोपाल में नाइट लाइफ पर अब सख्ती बढ़ाई जा रही है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बार और क्लब संचालकों के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि रात 11:30 बजे के बाद किसी भी हालत में बार और क्लब खुले नहीं रहेंगे।
कमिश्नर ने कहा कि तय समय के बाद म्यूजिक और अन्य गतिविधियां भी बंद कर दी जानी चाहिए। यदि इस नियम का पालन नहीं हुआ तो संबंधित संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय लगातार खबरें प्रकाशित करने के बाद लिया गया है।
भोपाल में सख्ती की खास बातें...
- रात 11:30 बजे के बाद शराब सर्विस पूरी तरह से बंद करना होगा।
- सभी पब-बार को रात 12 बजे तक बंद करना जरूरी होगा।
- नियम तोड़ने पर क्लब लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
- संचालकों को हर दिन पब-बार बंद होने की फोटो भेजकर सबूत देना होगा।
- पुलिस द्वारा डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी।
- सभी पब-बार में CCTV और सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य होगी, कोई ढिलाई नहीं।
अब भोपाल में भी इंदौर मॉडल लागू
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि अब इंदौर मॉडल को भोपाल में भी लागू किया जाएगा। इसके तहत सभी बार और क्लब को एक खास सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा। रात 12 बजे के बाद बार और क्लब के संचालकों को अपनी क्लोजिंग की फोटो ऑनलाइन अपलोड करनी होगी।
यह फोटो प्रूफ के रूप में काम करेगी कि बार और क्लब तय समय पर बंद कर दिए गए थे। अगर कोई संचालक तय समय पर फोटो अपलोड नहीं करता या नियमों का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग पुलिस द्वारा एक क्लिक पर की जा सकेगी, जिससे पुलिस को हर बार क्लब की स्थिति का पता चलता रहेगा।
डेली जांच की जिम्मेदारी थाना प्रभारियों की
पुलिस कमिश्नर ने इस नए व्यवस्था के तहत शहर के सभी थाना प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। अब उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में बार और क्लब की नियमित जांच करनी होगी, ताकि किसी भी नियम का उल्लंघन न हो।
अवैध नशे के व्यापार पर सरकार की सख्त
जिले के 41 अभियोजन अधिकारियों से शुक्रवार 24 अप्रैल को कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने नशे के व्यापार पर शासन की जीरो टॉलरेंस नीति को लागू करने की दिशा में काम करने की बात की।
मिश्रा ने अधिकारियों से कहा कि नशा व्यापार से जुड़े अपराधियों को सजा दिलाने के लिए सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जाए।
कलेक्टर मिश्रा की अध्यक्षता में जिला भोपाल और बैरसिया तहसील के अभियोजन अधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें जिले में दर्ज आपराधिक प्रकरणों में दोषसिद्धि प्रतिशत की समीक्षा की गई।
ये खबरें भी पढ़िए...
खेतों में पराली: सतना में आग का गोला बना जलती पराली से उठा बवंडर, महिला जिंदा जली
एमपी न्यूज: किसानों के लिए बड़ा फैसला : गेहूं खरीदी का टारगेट 100 लाख मीट्रिक टन
ट्रैक्टर चलाने वाले किसानों को बहरेपन का खतरा, ड्राइवरों में बढ़ा डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन
अमानक बीज से बर्बाद फसल पर सिसक रहे किसान, चुप्पी साधे बैठी सरकार