सिंहस्थ से पहले भोपाल रेलवे स्टेशन पर बनेगा नया होल्डिंग एरिया, भीड़ से मिलेगी राहत
रेलवे ने अब बड़े आयोजनों, त्योहारों और पीक सीजन में बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। पहले जब यात्रियों की संख्या ज्यादा होती थी तो प्लेटफॉर्म के बाहर अस्थायी टेंट या पंडाल लगाकर इंतजाम किए जाते थे। अब रेलवे इसे स्थायी तरीके से हल करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
प्लेटफार्म के पास बनेगा होल्डिंग एरिया
इस नए प्लान के तहत भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह के पास रेन बसेरा के नजदीक आठ से दस हजार वर्गमीटर क्षेत्र में एक बड़ा होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा।
इसमें तीन हजार से ज्यादा लोग आराम से बैठ सकेंगे। खास तौर पर उज्जैन सिंहस्थ 2028 को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
जानकारी देने के लिए लगेगी एलईडी स्क्रीन
इस नए होल्डिंग एरिया में यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई जाएंगी। साथ ही ट्रेन की जानकारी देने के लिए एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी।
सिंहस्थ के अलावा ये सुविधाएं अन्य बड़े आयोजनों के लिए भी उपयोगी रहेंगी। भोपाल में हर साल तबलीगी आलमी इज्तिमा होता है। इसमें 10 लाख से ज्यादा लोग आते हैं। सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में भी साल में दो बार बड़े आयोजन होते हैं, जिनमें देशभर से लाखों लोग आते हैं।
इसके अलावा छठ, दिवाली, होली जैसे त्योहारों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने से अफरातफरी की स्थिति बन जाती है।
मध्यप्रदेश में भारतीय रेलवे का विस्तार
इसके अलावा मध्यप्रदेश में भारतीय रेलवे का नेटवर्क अब और बड़ा होने जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने 11 नए रेल रूट तैयार करने की योजना को मंजूरी दे दी है।
इसके तहत कई ऐसे इलाके भी रेल कनेक्टिविटी से जुड़ने वाले हैं, जहां आज तक ट्रेन नहीं जाती थी। इन इलाकों में अब ट्रेन का सफर आसान होगा, जिससे न केवल यात्री सुविधा में बढ़ोतरी होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
नए रूट्स पर सर्वे
भारतीय रेलवे बोर्ड ने मध्यप्रदेश के 11 प्रमुख रूटों पर सर्वे के लिए मंजूरी दी है। इसमें प्रमुख रूट्स भोपाल से सागर, छतरपुर, दमोह, खजुराहो तक होंगे। इसके अलावा, हरदा, खजुराहो, डिंडौरी, बालाघाट, श्योपुर और झांसी जैसे इलाकों तक भी ट्रेन कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए सर्वे कराए जा रहे हैं।
कहां-कहां होगा फायदा?
रेलवे बोर्ड ने जिन रूटों पर सर्वे की मंजूरी दी है, उनमें कई ऐसे इलाकों को पहली बार ट्रेन की सुविधा मिलने जा रही है, जहां आजादी के 75 साल बाद भी कोई रेल कनेक्टिविटी नहीं थी। ये इलाके अब रेलवे नेटवर्क से जुड़ने जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को कई फायदे होंगे।
सर्वे के परिणाम पर निर्भर करेगा विस्तार
रेलवे बोर्ड का कहना है कि अगर सर्वे के परिणाम सकारात्मक रहते हैं तो इन रूटों पर नई रेल लाइनों के लिए मंजूरी मिल जाएगी। सर्वे में शामिल रूटों की लंबाई भी काफी अधिक है, जैसे मक्सी से हरदा (140 किमी), बालाघाट से भरवेली (45 किमी), और वारासिवनी से खैरलांजी (50 किमी)।
रेलवे सर्वे से कई क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
यह सर्वे उन इलाकों के लिए है, जहां यातायात सुविधाओं का अभाव था। अब इन्हें रेलवे कनेक्टिविटी से जोड़ने से यात्रियों के लिए यात्रा सरल और किफायती होगी। साथ ही, इन इलाकों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे आर्थिक विकास की गति भी तेज होगी।
इन 11 रूटों पर सर्वे काे मिली मंजूरी
रेलवे ने उन रूट्स को चुना है जो सामरिक और पर्यटन, दोनों लिहाज से बेहद जरूरी हैं। आइए जानते हैं वो कौन से इलाके हैं जहां सर्वे की टीम जल्द ही पहुंचने वाली है:
- झांसी से सवाई माधोपुर रूट: यह रूट लगभग 290 किलोमीटर लंबा होगा। यह शिवपुरी और श्योपुर जैसे इलाकों को सीधे राजस्थान से जोड़ेगा।
- जबलपुर-डिंडौरी-पेंड्रा रोड: डिंडौरी जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। 240 किलोमीटर का यह सफर विकास की नई राह खोलेगा।
- पेंड्रा रोड से अमरकंटक और मंडला: मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक तक अब ट्रेन से पहुंचना आसान होगा। 200 किलोमीटर की यह लाइन घंसौर तक जाएगी।
- दमोह से खजुराहो: बुंदेलखंड के लिए यह बड़ी जीत है। हटा नगर होते हुए 125 किलोमीटर की यह लाइन पर्यटन को नई ऊंचाई देगी।
- मक्सी से हरदा: 140 किलोमीटर का यह रूट मालवा और निमाड़ के बीच की दूरी को कम करेगा।
- रीवा से जयसिंह नगर: विंध्य के विकास के लिए 130 किलोमीटर लंबी यह लाइन मील का पत्थर साबित होगी।
- बालाघाट से उकवा: महज 45 किलोमीटर की यह लाइन खनिज संपदा के परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
- वारासिवनी से तिरोड़ी: 50 किलोमीटर का यह रूट स्थानीय व्यापार को नई ताकत देगा।
- सिवनी से कटंगी: 92 किलोमीटर का यह रूट पेंच और आसपास के इलाकों को फायदा पहुंचाएगा।
- जयसिंह नगर से शहडोल: 50 किलोमीटर की यह छोटी लेकिन महत्वपूर्ण कड़ी शहडोल संभाग को मजबूत करेगी।
- भोपाल-सागर-छतरपुर-खजुराहो: यह सबसे बड़ा और अहम रूट है जो राजधानी को सीधे बुंदेलखंड के पर्यटन हब से जोड़ेगा।
ये खबरें भी पढ़िए...
भारतीय रेलवे चलाएगा 900 स्पेशल ट्रेनें, यात्रा होगी आसान
एमपी में रेलवे का बड़ा विस्तार! 11 नई रेल लाइनों के सर्वे को मंजूरी
मध्यप्रदेश न्यूज: रेलवे स्टेशन पर अब मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं! जल्द होगा रिडवलपमेंट
एमपी न्यूज: एयरपोर्ट पर अब सिर्फ 10 रुपए में मिलेगी चाय! जल्द शुरु होगा उड़ान यात्री कैफे