रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड: 3 दिन बाद भी आरोपी केयरटेकर फरार, 50 हजार का इनाम घोषित
रिटायर्ड IAS की गला रेतकर हत्या
रातीबड़ के सूरज नगर में यह सनसनीखेज वारदात हुई थी। रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की 29-30 सितंबर की रात हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप उनके केयरटेकर वरुण कुमार पर लगा है। आरोपी ने सर्जिकल नाइफ से गला रेतकर हत्या की थी। वारदात के तीन दिन बीत चुके हैं। वहीं, आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
आरोपी केयरटेकर पर 50 हजार का इनाम
मध्यप्रदेश पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी पर 50 हजार का इनाम रखा है। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग शहरों में दबिश दे रही हैं। आरोपी की तलाश ग्वालियर, मथुरा, आगरा, पटियाला, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में की जा रही है। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
ग्वालियर स्टेशन से मिला आखिरी सीसीटीवी फुटेज
वारदात के बाद आरोपी सुबह 4.12 बजे केरला एक्सप्रेस से ग्वालियर पहुंचा था। ग्वालियर रेलवे स्टेशन से उसका आखिरी सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिला था। स्टेशन से बाहर निकलने के बाद वह किसी अन्य कैमरे में नहीं दिखा। पुलिस का मुख्य फोकस आखिरी फुटेज के बाद की गतिविधियों पर है। पुलिस राजस्थान जाने वाले रास्तों के कैमरे भी खंगाल रही है।
वारदात के बाद सिम चालू कर किया बंद
वरुण ने वारदात को अंजाम देने के बाद अपना मोबाइल बंद कर दिया। वारदात के बाद उसका पुराना सिम कुछ समय के लिए एक्टिव हुआ था। इसके बाद उसने उस सिम को दोबारा बंद कर दिया। पुलिस को अब तक उसकी मोबाइल लोकेशन नहीं मिल सकी है। रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल का मोबाइल भी अभी तक बरामद नहीं हुआ है।
रिश्तेदारों से पूछताछ में नहीं मिला सुराग
पुलिस ग्वालियर में आरोपी के पिता और बहन से पूछताछ कर चुकी है। उसकी दो सौतेली माताओं और रिश्तेदारों से भी सवाल किए गए। सभी ने आरोपी के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार कर दिया है। वरुण करीब 8-9 महीने पहले ग्वालियर अपने पिता के घर आया था। वह आगरा में रहने वाले रिश्तेदारों के संपर्क में भी रहा है।
1982 बैच के आईएएस अफसर थे राकेश अग्रवाल
राकेश अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के आईएएस अफसर थे। अपने लंबे प्रशासनिक सफर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं थी। वे कलेक्टर भी रहे और अलग-अलग विभागों में उप-सचिव से लेकर सचिव तक के पदों पर काम किया था। उन्होंने संयुक्त सचिव अतिरिक्त सचिव प्रबंध निदेशक और निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
उनका आखिरी दर्ज पद भोपाल की आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के महानिदेशक का था। पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने एलएलबी की थी। इसके साथ ही उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में पोस्टग्रेजुएशन और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एमबीए किया था। कानून राजनीति विज्ञान और मैनेजमेंट की पढ़ाई के साथ रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल ने प्रशासनिक सेवा में लंबा करियर बनाया था।
FAQs
- रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या कब हुई थी और उन पर हमला कैसे किया गया?
रेटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या 29-30 सितंबर की रात हुई थी। उन पर सर्जिकल नाइफ से गला रेतकर हमला किया गया था। - राकेश अग्रवाल के बारे में कुछ जानकारी दें, जैसे उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि और शिक्षा?
राकेश अग्रवाल 1982 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी थे। उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं, और उनके पास कानून, राजनीति विज्ञान और प्रबंधन में उच्च शिक्षा थी। उनका अंतिम पद भोपाल की आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का महानिदेशक था।