तू बाहर निकल जा, तेरी यहां कोई जरूरत नहीं...रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की डांट के बाद आरोपी ने की थी हत्या
गेट पर पूर्व अफसर की नेम प्लेट देखकर उसे लगा था कि यहां हाथ मारते ही मोटी रकम हाथ लग जाएगी। काम शुरू करने के तीसरे दिन ही बात इतनी बिगड़ गई कि उसने बुजुर्ग पूर्व आईएएस की बेरहमी से जान ले ली। 30 सितंबर को जब घर के भीतर राकेश अग्रवाल का खून से लथपथ शव मिला, तब इस सनसनीखेज साजिश की परतें खुलना शुरू हुईं।
रात 12 बजे की डांट और खूनी वारदात
आरोपी वरुण वाल्मीकि से पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाली रात करीब 12 बजे राकेश अग्रवाल किसी बात को लेकर बहुत गुस्से में थे। उन्होंने वरुण को बुरी तरह फटकार लगाते हुए कहा कि तू यहां क्यों आया है, तेरी यहां कोई जरूरत नहीं है, बाहर निकल जा। यह डांट वरुण के मन में बुरी तरह खटकने लगी। उसी रात रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल (रिटायर्ड आईएएस हत्याकांड) अपनी पत्नी पर भी काफी नाराज हुए थे।
मामला शांत कराने के लिए पत्नी ने उन्हें नींद की गोली दी और बिस्तर पर लिटाकर खुद अपने कमरे में सोने चली गईं। जब चारों तरफ सन्नाटा पसर गया, तब रात 1:40 से 2:20 बजे के बीच वरुण दबे पांव कमरे में घुस गया। इसके बाद उसने धारदार हथियार निकाला और गहरी नींद में सो रहे राकेश अग्रवाल का गला रेतकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
धमाके की साजिश के बाद शहर से फरार
हत्या के बाद आरोपी के दिमाग में सबूत मिटाने का खतरनाक प्लान चल रहा था। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने खुलासा किया कि वरुण ने पूरे मकान में धमाका कराने की नीयत से रसोई के दोनों गैस सिलेंडर खोल दिए थे। इतना ही नहीं, उसने कपड़ों के ऊपर बिजली की प्रेस रखकर उसका स्विच भी ऑन कर दिया था ताकि शॉर्ट सर्किट या चिंगारी से आग भड़क जाए और सब कुछ खाक हो जाए। गनीमत रही कि कुछ देर बाद पत्नी की नींद खुली और उन्होंने धुआं या बदबू भांपते हुए फौरन प्रेस का स्विच बंद किया और पुलिस को सूचना दी।
रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या को अंजाम देकर वरुण रात करीब 2:30 बजे घर से निकला। इसकी तस्वीर सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। वह सीधे स्टेशन भागा और सुबह 4:12 बजे केरल एक्सप्रेस में सवार होकर रफूचक्कर हो गया। यानी हत्या के बाद घर से निकलने के महज 2 घंटे के अंदर वह भोपाल की सीमा पार कर चुका था। जिस घर से वह लाखों रुपए समेटना चाहता था, वहां से उसके हाथ सिर्फ कुछ नकदी और 23-24 डॉलर ही लग सके।
आगरा से पकड़ा गया, चेहरे पर थी बेशर्म मुस्कान
वारदात की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीम ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के आगरा से दबोच लिया। जब मंगलवार को पुलिस उसे पकड़कर लाई तब भी उसके चेहरे पर कोई पछतावा या डर नहीं था। वह बेशर्मी से मुस्कुरा रहा था।
पूछताछ में आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं...
वरुण की मां पंजाब के पटियाला की रहने वाली थीं।
वरुण जब सिर्फ तीन साल का था, तभी उसकी मां ने उसके पिता राजकुमार को छोड़ दिया था और वह बेटे को लेकर आगरा में बस गई थीं।
वरुण ने आगरा में रहते हुए सातवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की थी।
शुरुआत में वह साड़ियों की दुकानों पर काम करता था। पिछले तीन सालों से वह अलग-अलग घरों में केयरटेकर का काम कर रहा था।
उसकी मां का निधन हो चुका है, जबकि पिता राजकुमार ने दो शादियां की हैं और वे ग्वालियर के बड़ा गांव में रहते हैं।
फिलहाल पुलिस ने वरुण को रिमांड पर लिया है और उससे लगातार पूछताछ कर रही है। इससे इस मामले में आगे और भी जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।