भोपाल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, CM मोहन यादव से मुलाकात के बाद काम पर लौटे कर्मचारी

Sandeep Kumar | Nov 06, 2026, 21:16 IST
तीन दिन बाद खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, CM से मुलाकात के बाद लौटे काम पर
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भोेपाल में सफाई कर्मचारियों ने अपनी तीन दिन पुरानी हड़ताल खत्म कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन वापस लेने का फैसला किया। इसके बाद भोपाल के कुछ इलाकों में सफाई का काम भी शुरू हो गया है। नरेला विधानसभा क्षेत्र में भी कर्मचारी काम पर लौट आए हैं।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी होंगे नियमित

भोपाल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद सरकार ने उनकी मांगों पर सहमति जताई है। 25 दिन काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन 10, हजार 500 रुपए से बढ़ाकर 18 से 20 हजार रुपए तक किया जाएगा। वहीं, 29 दिन काम करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए एक महीने में रोडमैप तैयार होगा। इसके अलावा लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का भी निराकरण किया जाएगा। इन मांगों पर अमल के लिए संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।



समझौते में क्या-क्या तय हुआ?

  • 25 दिन काम करने वाले सफाई कर्मचारियों का वेतन 18 से 20 हजार रुपए तक किया जाएगा।
  • 29 दिन काम करने वाले दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने के लिए रोडमैप तैयार होगा।
  • संयुक्त कमेटी में कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।
  • अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा।

क्या थी सफाईकर्मियों की मांगें

सफाई कर्मचारी हर महीने मिलने वाले 10,500 रुपए वेतन को बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा उनकी तीन अन्य मांगें भी हैं। इनमें अनुकंपा नियुक्ति, नियमितीकरण और ठेका प्रथा खत्म करना शामिल है। कर्मचारियों के मुताबिक, प्रदेशभर में एक लाख से ज्यादा कर्मचारी इन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।



संघ बोला- इतनी कम सैलरी में घर चलाना मुश्किल

अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश मंत्री वसी सुल्तान ने बताया कि नगर निगम में करीब 7 हजार कर्मचारी 25 दिवसीय वेतन पर काम करते हैं। इन्हें हर महीने 10,500 रुपए मिलते हैं। उन्होंने कहा कि इतनी कम रकम में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है। इसलिए कर्मचारियों की मांग है कि उनका वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए।



ट्रेड यूनियन ने दी थी धमकी

ट्रेड यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि सफाई कर्मचारियों के अलावा कई विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल थे। इनमें कंप्यूटर ऑपरेटर, बाबू, जलप्रदाय, फायर, बिल्डिंग परमिशन, अतिक्रमण, विद्युत, यांत्रिकी, उद्यान और योजना प्रकोष्ठ के कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने कहा था कि अब आर-पार की लड़ाई होगी।



400 से ज्यादा कचरा गाड़ियां खड़ी रहीं

भोपाल में घरों से कचरा उठाने के लिए 400 से ज्यादा गाड़ियां लगाई गई हैं। सामान्य दिनों में हर गाड़ी रोजाना दो से तीन चक्कर लगाती है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों पर कचरा इकट्ठा किया जाता है। यहां से कैप्सूल टैंकरों के जरिए कचरा आदमपुर छावनी भेजा जाता है। हड़ताल के कारण Garbage Collection बंद हो गया था। कई जगह डस्टबिन भरने के बाद कचरा सड़कों पर फैल गया। कुछ लोग कचरा उठाने के बजाय उसे जला रहे थे। इससे प्रदूषण की समस्या भी बढ़ गई थी।



भोपाल के VIP इलाकों में भी बिगड़ी सफाई व्यवस्था

हड़ताल का असर शहर के पॉश इलाकों और प्रशासनिक केंद्रों में भी दिखाई दिया। मंत्रालय और वल्लभ भवन के आसपास कचरे के ढेर लग गए थे। चार इमली में कई मंत्रियों और वरिष्ठ IAS-IPS अधिकारियों के बंगले हैं। यहां हनुमान मंदिर और साईं मंदिर के पास भी कचरा जमा था। अटल पथ पर भी सफाई नहीं होने से कचरा फैला हुआ था। दो दिन पहले यहां बीजेपी की रैली हुई थी। कोलार रोड पर गेस्ट हाउस के सामने सिक्सलेन के सेंटर वर्ज में तीन दिन से कचरा जमा था। बुधवारा बाजार में सड़कों पर जानवरों के शव पड़े होने की जानकारी भी सामने आई थी।



कई इलाकों में पानी की परेशानी

कर्मचारियों ने गुरुवार को शुक्रवार से पानी की सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद शुक्रवार को कई इलाकों में नल नहीं खोले गए। टैंकरों से पानी पहुंचाने का काम भी बंद कर दिया गया। इससे गरीब बस्तियों में पानी का संकट पैदा हो गया। भोपाल में 2.30 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन हैं। हालांकि, कई जगह वॉल्व खोल दिए जाने से अब तक पानी का कोई बड़ा संकट नहीं बना।



हड़ताल खत्म, अब मांगों पर फैसले का इंतजार

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है। कुछ इलाकों में सफाई का काम भी शुरू हो गया है। अब कर्मचारियों को अपनी मांगों पर सरकार के फैसले का इंतजार है। देखना होगा कि वेतन वृद्धि और अन्य मांगों पर कब तक ठोस निर्णय लिया जाता है।



सफाई कर्मचारियों ने की थी मंत्री से मुलाकात

सीएम मोहन यादव से मुलाकात के पहले कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर से मुलाकात की थी। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने अपना आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया था, लेकिन सीएम मोहन यादव से मिलने की जिद पर अड़े थे।

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