भोपाल सीलिंग विवाद: 101 मामलों पर हाईकोर्ट में कल होगी सुनवाई

Sandeep Kumar | Sept 06, 2026, 22:58 IST
भोपाल सीलिंग विवाद
भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सीलिंग कार्रवाई का मामला फिर हाई कोर्ट पहुंच गया है। 7 सितंबर को 101 मामलों पर संयुक्त सुनवाई होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भोपाल में व्यावसायिक गतिविधियों पर सीलिंग हुई थी।
  • हाईकोर्ट ने निगम की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।
  • निगम ने रोक हटाने के लिए आवेदन दिया है।
  • हाईकोर्ट में 101 मामलों की संयुक्त सुनवाई होगी।
  • स्टे हटने पर सीलिंग कार्रवाई दोबारा शुरू होगी।

भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम ने सीलिंग कार्रवाई शुरू की थी। इस कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। अब निगम ने इस रोक को हटाने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है। हाईकोर्ट में 101 मामलों की संयुक्त सुनवाई 7 सितंबर यानी कल होगी।



कोर्ट में क्या होगा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सौ से ज्यादा मामलों की संयुक्त सुनवाई तय है। नगर निगम ने इन मामलों में स्टे हटाने के लिए आवेदन दिया है। साथ ही लिखित जवाब भी पेश किया गया है।



इन मामलों में चार केस अधिभोग उल्लंघन से जुड़े हैं। इन चार मामलों में राहत मिलते ही अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के कुछ हिस्सों में कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। यहां रहने वाले लोग और कारोबारी इस सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं।



24 घंटे का अल्टीमेटम

अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई से पहले संबंधित संपत्तियों को आखिरी मौका दिया जा सकता है। यह मौका 24 घंटे का होगा। इससे प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने या व्यवस्था करने का समय मिलेगा।



पांच अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले पर सुनवाई हुई थी। इसके बाद नगर निगम ने स्टे हटाने के लिए शुरुआत में 144 मामलों की सूची बनाई थी। बाद में यह संख्या घटकर 125 हुई। फिर यह आंकड़ा 107 पर पहुंचा। निगम सूत्रों के मुताबिक अभी कोर्ट में 101 मामले लंबित हैं।



क्या बोले ननि उपायुक्त?

भोपाल नगर निगम उपायुक्त भुवन गुप्ता ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि स्टे हटाने के लिए हाई कोर्ट में आवेदन दिया गया है। निगम ने अपना लिखित जवाब भी पेश किया है। मामलों में निगम अपना पक्ष मजबूती से रख रहा है।



8200 नोटिस, फिर भी सिर्फ 10 सील

नगर निगम अब तक आवासीय परिसरों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर 8200 से ज्यादा नोटिस जारी कर चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि शहर में यह समस्या कितनी बड़ी है।



पंचनामों में 170 से ज्यादा प्रतिष्ठानों के बंद होने की बात दर्ज है। इसके बावजूद निगम ने अब तक सिर्फ 10 संपत्तियों को सील किया है। इनमें से तीन संपत्तियों में सील तोड़कर दोबारा गतिविधियां शुरू करने की बात सामने आई थी। इन तीन मामलों में अभी आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई है।



मास्टर प्लान पर कांग्रेस का मार्च

इसी बीच रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोटरा सुल्तानाबाद इलाके में पैदल मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने जल्द मास्टर प्लान लागू करने की मांग की। इस मार्च में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी शामिल हुए। पार्षद वीनू सक्सेना ने भी मार्च में हिस्सा लिया।



कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान में देरी हो रही है। उनका कहना है कि इससे रहवासियों और कारोबारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लोगों को नहीं पता कि उनकी संपत्ति किस श्रेणी में आएगी।



आगे क्या हो सकता है

हाईकोर्ट के फैसले का असर सीधे हजारों परिवारों और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। अगर रोक हटती है तो निगम की टीमें फिर सक्रिय हो सकती हैं। वहीं राहत मिलने पर प्रभावित लोगों को कुछ समय की मोहलत मिल सकती है। अगली सुनवाई के नतीजे पर पूरे शहर की नजर रहेगी। खासकर अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के निवासी इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।



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