भोपाल की शराब कंपनियों पर शिकंजा, 62 करोड़ की बैंक गारंटी भुनाएगा आबकारी विभाग
News In Short
- भोपाल की तीन शराब कंपनियों ने 2025-26 की ड्यूटी फीस जमा नहीं की।
- अब आबकारी विभाग ने SBI को बैंक गारंटी भुनाने का आदेश दिया है।
- तीनों कंपनियों पर कुल 62 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है।
- SBI ने कहा कि डिमांड ड्राफ्ट 04 अप्रैल 2026 को जारी किया जाएगा।
- यह कार्रवाई बकाया राजस्व वसूली के लिए की जा रही है।
News In Detail
भोपाल में शराब कंपनियों पर 62 करोड़ का बकाया
भोपाल जिले में तीन शराब ठेकेदार कंपनियों ने 2025-26 की न्यूनतम एक्साइज ड्यूटी और जुर्माना जमा नहीं किया। अब आबकारी विभाग ने सख्त कदम उठाया है। सहायक आबकारी आयुक्त ने इन कंपनियों की बैंक गारंटी भुनाने यानी इन्वोकेशन (Partial Invocation) का आदेश दिया है।
ये हैं तीनों कंपनियां और उन पर बकाया
1. केंटबरी ट्रेडर्स एलएलपी
पहला मामला केंटबरी ट्रेडर्स एलएलपी (LLP - Limited Liability Partnership) का है। यह कंपनी भोपाल समूह क्रमांक-1 (BPL-01) की लाइसेंसी है। इस पर मार्च 2026 की न्यूनतम एक्साइज ड्यूटी के रूप में 24 करोड़ 36 लाख 34 हजार 315 रुपए बकाया हैं। इस पर जुर्माना 92 लाख 47 हजार 196 रुपए अलग से जुड़ा है।
इस तरह कुल बकाया 25 करोड़ 28 लाख 81 हजार 511 रुपए है। केंटबरी ट्रेडर्स ने दो बैंक गारंटियां दे रखी थीं। पहली गारंटी 23 करोड़ 79 लाख रुपए की और दूसरी तीन करोड़ सात लाख 90 हजार की है।
2. रिचमंडशाईन ट्रेडर्स एलएलपी
दूसरा मामला रिचमंडशाईन ट्रेडर्स एलएलपी का है। यह भोपाल समूह क्रमांक-2 (BPL-02) की लाइसेंसी है। इस पर ड्यूटी के रूप में 27 करोड़ 59 लाख 91 हजार 713 रुपए बकाया हैं और जुर्माना एक करोड़ 13 लाख 75 हजार 452 रुपए अलग है। कुल बकाया 28 करोड़ 73 लाख 67 हजार 165 रुपए बनता है। रिचमंडशाईन ने 29 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी दी हुई थी।
3. साउथवर्क ट्रेडर्स एलएलपी
तीसरा मामला साउथवर्क ट्रेडर्स एलएलपी का है। यह भोपाल समूह क्रमांक-4 (BPL-04) की लाइसेंसी है। इस पर बकाया ड्यूटी आठ करोड़ 23 लाख 64 हजार 69 रुपए और जुर्माना 12 लाख 91 हजार 352 रुपए है। कुल आठ करोड़ 36 लाख 55 हजार 421 रुपए की वसूली होनी है। इस कंपनी की 19 करोड़ सात लाख 37 हजार रुपए की बैंक गारंटी थी।
SBI ने क्या कहा?
SBI की एमपी नगर शाखा (05793) ने 2 अप्रैल 2026 को सहायक आबकारी आयुक्त को जवाबी पत्र भेजा है। इसमें बैंक ने बताया कि चारों बैंक गारंटियों की इन्वोकेशन (Invocation) प्रक्रिया शुरू हो गई है। बैंक ने स्पष्ट किया कि डिमांड ड्राफ्ट 4 अप्रैल 2026 को ACE (Assistant Commissioner Excise) भोपाल के पक्ष में जारी किया जाएगा।
कितनी बड़ी है यह वसूली?
तीनों कंपनियों से कुल मिलाकर करीब 62 करोड़ 39 लाख रुपए की वसूली होनी है। इसके लिए चार बैंक गारंटियों को भुनाया जाएगा, जिनकी कुल कीमत करीब 74 करोड़ 94 लाख रुपए है।
यानी बैंक गारंटी की राशि बकाए से ज्यादा है, इसलिए Partial Invocation की प्रक्रिया अपनाई गई है। इसका मतलब है कि बकाए के बराबर ही राशि वसूली जाएगी, पूरी गारंटी नहीं भुनाई जाएगी।
FAQ
- बैंक गारंटी इन्वोकेशन क्या होता है और शराब ठेकेदारी में यह क्यों होता है?
जब कोई कंपनी सरकार से शराब का ठेका लेती है, तो उसे बैंक गारंटी देनी होती है। यह एक तरह की सुरक्षा जमानत होती है। अगर कंपनी तय ड्यूटी नहीं चुकाती, तो सरकार बैंक को उस गारंटी को भुनाने यानी इन्वोकेशन का आदेश देती है। बैंक तब उस राशि का डिमांड ड्राफ्ट सरकारी विभाग के पक्ष में जारी करता है। इस तरह सरकार को बिना कानूनी लड़ाई के बकाया वसूलने का सीधा रास्ता मिलता है।
ये खबर भी पढ़िए...
एमपी में राजस्व संकट: शराब और रियल एस्टेट से एक दिन में चाहिए 6 हजार करोड़
अब शराब टेंडर में भाग ले सकेगी सोम डिस्टलरी, हाईकोर्ट से फौरी राहत; लाइसेंस पर अब भी संकट
शराब के शौकीनों के लिए बुरी खबर, भारत में बढ़ सकते है बीयर के दाम, जानें क्या है कारण
जबलपुर में शराब ठेकों की नीलामी अटकी, ठेकेदारों की चुप्पी से बढ़ा सस्पेंस