श्रमोदय आवासीय विद्यालय के खाने में परोसे छिपकली! 13 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती

Sumit Kumar | Oct 11, 2026, 20:35 IST
भोपाल के श्रमोदय आवासीय विद्यालय में खाना खाने के बाद 13 छात्रों की तबीयत बिगड़ी।
भोपाल के मुगालिया छाप-नीलबड़ स्थित शासकीय श्रमोदय आवासीय विद्यालय में शनिवार रात 13 छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। सभी को रात करीब 10:30 बजे जेपी अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि बॉयज हॉस्टल में खाना बांटते समय आलू की सब्जी में मरी छिपकली मिली थी।
Thirteen students fell ill at Bhopal's Shramodaya Residential School hostel amid allegations of a dead lizard being found in food.

इसकी जानकारी मिलते ही भोजन वितरण रोक दिया गया। हालांकि पुलिस ने खाने में छिपकली मिलने की पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच की जा रही है।



13 छात्रों की तबीयत बिगड़ी

भोपाल हॉस्टल में रहने वाले 13 बच्चों को पेट दर्द और उल्टी होने लगी। इनमें कक्षा छठवीं से नौवीं तक के छात्र शामिल हैं। बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई। रात करीब साढ़े दस बजे सभी जेपी अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्चों का इलाज शुरू किया। फिलहाल उनकी सेहत को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।



एक थाली में दिखी छिपकली

विद्यालय के हॉस्टल में रात आठ बजे खाना मिलना शुरू होता है। पहले छोटी कक्षाओं के बच्चों को भोजन दिया जाता है। शनिवार, 10 अक्टूबर को भी रोज की तरह खाना बांटा जा रहा था। इसी दौरान एक छात्र की थाली में छिपकली होने की बात कही गई। दावा किया गया कि वह आलू की सब्जी में थी। इसकी जानकारी मिलते ही भोजन वितरण रोक दिया गया। हालांकि छिपकली मिलने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।



रात 11 बजे के बाद मिला भोजन

खाने में छिपकली मिलने की शिकायत के बाद पुराना भोजन नहीं परोसा गया। हॉस्टल प्रबंधन ने बच्चों के लिए दोबारा खाना तैयार कराया। इस प्रक्रिया में देर रात हो गई। बच्चों को रात 11 बजे के बाद नया भोजन दिया गया। इस दौरान बीमार छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा जा चुका था।



गर्ल्स हॉस्टल में बनता है खाना

श्रमोदय विद्यालय (Shramodaya residential school bhopal) में भोजन बनाने की साझा व्यवस्था है। सभी बच्चों के लिए खाना गर्ल्स हॉस्टल की मेस में तैयार होता है। इसके बाद भोजन का एक हिस्सा बॉयज हॉस्टल भेजा जाता है। वहां छात्रों को खाना परोसा जाता है। घटना इसी भोजन वितरण के दौरान सामने आई। अब खाने की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।



हॉस्टल में रहते हैं 1120 बच्चे

शासकीय श्रमोदय आवासीय विद्यालय (Shramodaya Vidyalaya Bhopal) में छठवीं से बारहवीं तक पढ़ाई होती है। यहां कुल 1120 छात्र-छात्राएं हॉस्टल में रहते हैं। इनमें 560 छात्र और 560 छात्राएं हैं। लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग भवन हैं। विद्यालय की प्रत्येक कक्षा में 80 विद्यार्थियों की क्षमता बताई गई है। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के रहने से भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।



पुलिस जांच में जुटी

रातीबड़ थाना प्रभारी रासबिहारी शर्मा ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार रात घटना की सूचना मिली थी। कुछ बच्चों को खाना खाने के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई थी। इसके बाद उन्हें जेपी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। खाने में छिपकली मिलने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच से बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस के मुताबिक जांच में मिले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।



प्रिंसिपल से नहीं हो सकी बात

इस मामले में विद्यालय प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया। स्कूल की प्रिंसिपल रतना दुबे से संपर्क करने की कोशिश हुई। हालांकि उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि खाने में छिपकली कैसे पहुंची। बच्चों के बीमार होने की असली वजह भी जांच के बाद सामने आएगी।

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