सुदामा नगर मर्डर केस की सुलझी गुत्थी, मकान हड़पने भाइयों ने की थी दंपती की हत्या
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल के सुदामा नगर में बुजुर्ग दंपती हेमंत और शकुंतला बारीक की हत्या हुई थी।
- हत्या 24 जून की रात हुई थी, पुलिस को सुलझाने में 20 दिन लगे।
- प्रॉपर्टी ब्रोकर श्रीकांत चिंचलिया और उसके भाई शशिकांत ने वारदात की थी।
- आरोपी दंपती का दो करोड़ का मकान फर्जी दान पत्र से हड़पना चाहते थे।
- प्लान फेल होते देख दोनों भाइयों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
राजधानी भोपाल की सुदामा नगर कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्ग दंपती की हत्या ने पूरे शहर को हिला दिया था। हेमंत बारीक और उनकी पत्नी शकुंतला की 20 दिन पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझा लिया है।
पुलिस के मुताबिक हत्यारे कोई अजनबी नहीं थे। वे दंपती के करीबी और भरोसेमंद प्रॉपर्टी ब्रोकर निकले। कजलीखेड़ा के रहने वाले श्रीकांत चिंचलिया (40) और उसके भाई शशिकांत चिंचलिया (35) को गिरफ्तार किया गया है। शशिकांत पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट है।
मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
बता दें कि मुख्य आरोपी श्रीकांत शाहपुरा थाने का निगरानीशुदा बदमाश है। उस पर लूट, मारपीट और धोखाधड़ी के 8 केस पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि यह उसकी आदत में शुमार रहा है।
दो साल में जीता भरोसा
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के मुताबिक, हेमंत बारीक रेलवे से रिटायर्ड थे। शकुंतला कस्तूरबा अस्पताल से रिटायर्ड नर्स थीं। दोनों आरोपी करीब दो साल से इस दंपती के करीबी बने हुए थे।
आरोपी भाई दंपती की संपत्तियों की खरीद फरोख्त देखने लगे थे। कई बार उन्होंने दंपती को लोन भी दिलवाया था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने आगे की साजिश रची।
फर्जी दान पत्र की साजिश
जानकारी के अनुसार साल 2024 में आरोपियों ने दंपती का इटारसी वाला प्लॉट बिकवाया था। इसके बदले श्रीकांत को 1.50 लाख रुपए कमीशन मिला था। दस्तावेज बनवाते समय ब्रोकर ने धोखे से एक दान पत्र भी बनवा लिया था।
इस दान पत्र में लिखा था कि दंपती की मृत्यु के बाद सुदामा नगर की दो करोड़ की संपत्ति दोनों आरोपियों के नाम हो जाएगी। इसके बाद से दोनों भाइयों की दंपती के घर आवाजाही और बढ़ गई थी।
प्लान फेल हुआ, तो हत्या कर दी
आरोपियों को पूरा भरोसा था कि दंपती की स्वाभाविक मौत के बाद मकान अपने आप उनका हो जाएगा। लेकिन कुछ दिन पहले दंपती ने अचानक मकान बेचने का मन बना लिया।
दो करोड़ रुपए में सौदा भी तय हो गया। यह देखकर आरोपियों को अपना पूरा प्लान फेल होता दिखा। इसी वजह से उन्होंने दंपती की हत्या करने का फैसला किया।
रात 9:30 बजे चली गोली
आरोपियों ने 24 जून की रात 9.30 बजे दंपती को गोली मार दी। वारदात के बाद वे महज 12 मिनट में सुदामा नगर से पैदल निकल गए। आगे उन्होंने कार का इस्तेमाल कर फरारी काटी। पुलिस ने बाद में यह कार भी जब्त कर ली है।
पुलिस की 20 दिन की मेहनत
हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस की 20 टीमें लगाई गई थीं। जांच के दौरान 1500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए थे। साथ ही 100 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ भी हुई।
पुलिस ने कॉल डिटेल, लोकेशन, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल सबूत जुटाए। इन्हीं सुरागों के सहारे टीम दोनों आरोपियों तक पहुंच गई। फुटेज में दिखी उनकी चाल के आधार पर आखिरकार शिनाख्त भी हो गई। बता दें कि दोनों आरोपियों पर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम भी रखा था।
भाभी शिवानी पर भी शक
जांच में एक और नाम सामने आया है। मृतका शकुंतला के भाई विनोद की पत्नी शिवानी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक शिवानी पर 20 लाख रुपए का कर्ज है।
हत्या से कुछ दिन पहले उसके खाते में 6 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। पुलिस का कहना है कि वह आरोपियों के संपर्क में भी थी। संपत्ति के दस्तावेज में विनोद को नॉमिनी बनाया गया है, इसलिए परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच चल रही है।
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