भोपाल में आज रात से थमेंगी करीब 3500 टैक्सियां, जानें पूरी वजह
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल में 18 अगस्त से टैक्सी हड़ताल रहेगी।
- करीब 3500 टैक्सियों का संचालन प्रभावित हो सकता है।
- दो टैक्सी संगठनों ने संयुक्त मोर्चा बनाया है।
- चालक एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी से नाराज हैं।
- सरकार से टैक्सी किराया तय करने की मांग है।
भोपाल में 18 अगस्त की शुरुआत से टैक्सी सेवाएं प्रभावित होंगी। करीब 3500 टैक्सियों के चालक हड़ताल पर जा रहे हैं। टैक्सी संगठनों का आरोप है कि एग्रीगेटर कंपनियां मनमानी कर रही हैं। टैक्सी ड्राइवर सरकार से उचित किराया तय करने की मांग कर रहे हैं। 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्रदर्शन भी होगा।
आज रात से थमेंगे पहिए
भोपाल में टैक्सी चालकों का गुस्सा अब सड़क पर दिखने वाला है। सोमवार रात 12 बजे से शहर में टैक्सियां चलना बंद हो जाएंगी। यह ऐलान भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति ने मिलकर बनाए संयुक्त मोर्चा की तरफ से किया गया है।
भोपाल में करीब 3500 टैक्सियां रोज सड़कों पर दौड़ती हैं। इतनी बड़ी संख्या में टैक्सियां बंद होने से यात्रियों को दिक्कत हो सकती है। खासकर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जाने वालों को असर झेलना पड़ सकता है।
चालकों की सबसे बड़ी शिकायत
मोर्चा का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियां मनमाने तरीके से काम कर रही हैं। इसके साथ ही चालकों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने भी अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
इसी वजह से चालक आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। मोर्चा ने साफ कहा है कि इसी विरोध में वे हड़ताल पर जा रहे हैं। 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि पूरा बंद और धरना शांतिपूर्ण तरीके से ही होगा।
किराया सरकार तय करे: नागले
भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग सरकारी स्तर पर किराया तय करना है। उनके मुताबिक मौजूदा किराए में ईंधन, वाहन रखरखाव, बीमा और किस्त का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है।
नागले ने कहा कि परिवार चलाने का खर्च भी इसी कमाई से निकलता है। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था चालकों के लिए घाटे का सौदा बन गई है। यही वजह है कि वे लगातार सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
सिर्फ प्रतिशत बढ़ाना काफी नहीं
नागले ने यह भी कहा कि केवल 20 या 30 प्रतिशत किराया बढ़ा देने से समस्या हल नहीं होगी। उनके अनुसार 2014 में एग्रीगेटर कंपनियां बेस फेयर, टाइम चार्ज और प्रति किलोमीटर किराया तीनों जोड़कर भुगतान करती थीं।
लेकिन अब ज्यादातर मामलों में सिर्फ दूरी के आधार पर भुगतान हो रहा है। नागले का कहना है कि ड्राइवरों की लागत, वाहन रखरखाव, बीमा और ईंधन का खर्च देखते हुए पुरानी प्रणाली दोबारा लागू करना जरूरी है।
मांगें नहीं मानीं तो और सख्ती
संयुक्त मोर्चा ने साफ चेतावनी दी है। अगर एमपी सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो अनिश्चितकालीन बंद किया जाएगा। संगठन का कहना है कि जब तक उचित किराया तय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
एग्रीगेटर कंपनियों की कथित मनमानी पर रोक लगने तक भी यह विरोध थमने वाला नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल में टैक्सी सेवाओं पर असर लंबा खिंच सकता है। यात्रियों को फिलहाल वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
FAQ
- भोपाल में टैक्सियां कब से बंद रहेंगी?
भोपाल में सोमवार रात 12 बजे से टैक्सियां बंद हो जाएंगी। यह हड़ताल 18 अगस्त से शुरू होगी। संयुक्त मोर्चा ने इसका ऐलान किया है। - टैक्सी चालकों की मुख्य मांग क्या है?
चालकों की सबसे बड़ी मांग है कि सरकार किराया तय करे। उनका कहना है कि मौजूदा किराए में खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। वे पुरानी किराया प्रणाली दोबारा लागू करने की मांग कर रहे हैं।
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