यूपीआई ट्रांजैक्शन नियमों के विरोध में एमपी के व्यापारी, कहा-70 से 80% व्यापार पर पड़ेगा असर

Aman Vaishnav | Sept 20, 2026, 10:15 IST
यूपीआई ट्रांजैक्शन नियमों के विरोध
यूपीआई ट्रांजैक्शन नियमों के विरोध
भोपाल में केंद्र सरकार के यूपीआई ट्रांजैक्शन और नए कर नियमों के विरोध में व्यापारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। इससे 80% व्यापार प्रभावित होने की आशंका है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • केंद्र सरकार यूपीआई लेनदेन के नियमों में बदलाव करने जा रही है।
  • भोपाल के व्यापारी संगठनों ने इसका खुलकर विरोध शुरू किया है।
  • चौक बाजार व्यापारी संघ ने शनिवार को प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
  • व्यापारियों का कहना है कि नए नियमों से 70 से 80% कारोबार प्रभावित होगा।
  • कई व्यापारी अब फिर से कैश लेनदेन अपनाने की बात कह रहे हैं।

व्यापारियों का बढ़ता विरोध

भोपाल में यूपीआई ट्रांजैक्शन लिमिटसे जुड़े नए प्रावधानों को लेकर व्यापारी वर्ग में नाराजगी है। चौक बाजार व्यापारी संघ ने शनिवार को प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संघ के अध्यक्ष का मानना है कि राजधानी के विभिन्न व्यापारिक संगठन भी इससे चिंतित हैं।



संघ का कहना है कि नए नियम लागू होने से शहर का लगभग 70 से 80 प्रतिशत व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। इससे व्यापारी एक बार फिर मजबूरी में नकद लेनदेन की तरफ लौट सकते हैं।



सर्राफा कारोबार पर सीधा असर

सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद सोनी के अनुसार, सर्राफा व्यापार में 95% कारोबार ऑनलाइन होता है। एक लाख रुपए से ऊपर की खरीद पर 0.4% का अतिरिक्त शुल्क भी जुड़ेगा। उनका कहना है कि इससे व्यापारियों का पहले से पतला मार्जिन, जो 0.25% से 0.50% तक है, और बुरी तरह प्रभावित होगा।



थोक कारोबारियों की चिंता

अन्न उद्योग व्यापार मंडल के महासचिव अनुपम अग्रवाल का कहना है कि थोक बाजार में मार्जिन बेहद कम है। उदाहरण के तौर पर, 50 किलो शक्कर के बोरे पर मार्जिन सिर्फ 10 से 15 रुपए ही होता है। उनके मुताबिक अगर इस पर 30 रुपए तक यूपीआई शुल्क कटता है, तो दाम बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।



लघु उद्योग भारती की राय

लघु उद्योग भारती के प्रांत सचिव विनोद नायर के अनुसार, संगठन से जुड़े सभी सेक्टरों पर नए प्रावधानों के संभावित असर की समीक्षा की जा रही है। उनका कहना है कि यदि नए नियम लागू हुए, तो व्यापारी और ग्राहक दोनों कैश लेनदेन की तरफ जाने लगेंगे।



वाहन डीलरों को भी झटका

मध्य प्रदेश एफएडीए (FADA – Federation of Automobile Dealers Associations) के चेयरपर्सन आशीष पांडे का कहना है कि टू और फोर व्हीलर के फाइनेंस और पार्ट पेमेंट में डीलरों को भारी नुकसान होगा। उनके अनुसार, सरकार को यूपीआई पर होने वाले 1,500 से 2 हजार करोड़ रुपए तक के खर्च का वहन खुद करना चाहिए।



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