खेलने की उम्र में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, लंदन तक गूंजा भोपाल की जुड़वां बहनों का नाम
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल की जुड़वां बहनों ने 3 साल की उम्र में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया।
- दोनों ने यंगेस्ट फीमेल ड्रमर का खिताब जीता है।
- दोनों ने 21 मार्च 2026 को 1 मिनट 20 सेकंड तक बिना रुके ड्रम बजाया।
- उन्हें ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमंस में सम्मानित किया गया।
जब उम्र नहीं, हौसला बोलता है
अमूमन 3-4 साल के बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की दो नन्ही जुड़वां बहनों ने इस उम्र में वो कर दिखाया है, जिसे बड़े-बड़े लोग भी देखकर दंग रह जाएं।
महज 3 साल 9 महीने की सान्वी नाहर और समन्वी नाहर ने ड्रम सेट पर ऐसी धमाकेदार थाप बिखेरी है कि, उनका नाम सीधे लंदन की वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। इन दोनों नन्हे उस्तादों को यंगेस्ट फीमेल ड्रमर के खिताब से नवाजा गया है।
21 मार्च को रचा इतिहास
21 मार्च 2026 का दिन सान्वी और समन्वी के लिए खास था। दोनों ने एक निर्धारित ट्रैक पर 1 मिनट 20 सेकंड तक लगातार ड्रम बजाया था। एक पल भी नहीं रुकीं, एक बीट भी नहीं चूकी थी।
वर्ल्ड रिकॉर्डमान्य होने के बाद उन्हें प्रमाण-पत्र, मेडल और ट्रॉफी दी गई। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के आधिकारिक प्रकाशनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उनका नाम दर्ज हुआ।
हाउस ऑफ कॉमंस में मिला सम्मान
यह उपलब्धि यहीं नहीं रुकी। दोनों बच्चियों को ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमंस में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान
बच्चियों की मां डॉ. निकिता नाहर ने कहा कि यह हर उस परिवार के लिए संदेश है, जो अपने बच्चों की रुचि को नजरअंदाज करता है।
ड्रम सीखना क्यों है मुश्किल
बता दें कि ड्रमिंग संगीत की सबसे कठिन विधाओं में से एक है। इसमें दोनों हाथ और दोनों पैर एक साथ काम करते हैं। तालमेल जरा भी बिगड़े तो पूरी धुन बेकार हो जाती है।
इसीलिए विशेषज्ञ पांच साल की उम्र से पहले ड्रम सिखाने से मना करते हैं। लेकिन सान्वी और समन्वी ने सवा तीन साल की उम्र में ही ड्रम सीखना शुरू कर दिया था।
जब सब ने मना किया
बच्चियों के माता-पिता कई संगीत शिक्षकों के पास गए। लगभग सभी ने यह कहते हुए मना कर दिया कि इतनी छोटी उम्र में यह संभव नहीं।
तब भोपाल की एकेडमी के प्रशिक्षक ने यह चुनौती स्वीकार की। उन्होंने शुरुआती स्तर से प्रशिक्षण दिया। दो महीने में दोनों ने बुनियादी बीट्स सीख ली।
स्कूल कार्यक्रम से शुरू हुई यह यात्रा
एक स्कूल कार्यक्रम में सान्वी और समन्वी की प्रस्तुति ने सबको चौंका दिया था। उनके प्रदर्शन का वीडियो वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तक पहुंचा था। फिर वहीं से रिकॉर्ड की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हुई।
रिकॉर्ड के लिए शर्त थी कि एक निर्धारित ट्रैक पर लगातार 1 मिनट 20 सेकंड तक ड्रम बजाना होगा। दोनों ने एक महीने तक रोज उसी ट्रैक का अभ्यास किया। मेहनत रंग लाई।
डॉक्टरों के घर संगीत की धुन
सान्वी और समन्वी एक चिकित्सक परिवार से हैं। उनके दादा डॉ. अक्षय नाहर ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं। पिता डॉ. सक्षम नाहर सर्जन हैं और मां डॉ. निकिता नाहर दंत चिकित्सक हैं।
परिवार ने बच्चियों की रुचि पहचानी और उसे प्रोत्साहन दिया। नियमित अभ्यास के लिए सही माहौल बनाया। नतीजा दुनिया के सामने है।
भारत की पहली ट्विन यंगेस्ट फीमेल ड्रमर
प्रशिक्षक के अनुसार, इतनी कम उम्र में ड्रम बजाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली जुड़वां बच्चियां भारत में पहली हैं।
उनका कहना है कि भोपाल में ड्रमिंग को लेकर पहले इतना उत्साह नहीं था। अब सान्वी और समन्वी की कहानी दूसरे बच्चों और माता-पिता को भी प्रेरित करेगी।
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