नशे का नया ट्रेंड, इंजेक्शन के जरिए ब्लड का नशा कर रहे युवा

Aman Vaishnav | Apr 14, 2026, 10:42 IST
bhopal youth blood addiction dangerous trend
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में युवा अब खून का नशा करने लगे हैं। सोशल मीडिया देखकर वे ब्लड कंपोनेंट्स को इंजेक्शन से शरीर में डाल रहे हैं। इस खतरनाक नशे से उनकी जान जाने का भी खतरा है।

राजधानी भोपाल से युवाओं को लेकर एक बहुत ही चिंताजनक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां युवाओं में नशे का एक बेहद डरावना तरीका सामने आया है। यहां लड़के-लड़कियां अब ड्रग्स नहीं, बल्कि इंसानी खून का नशा कर रहे हैं। यह ट्रेंड न केवल अजीब है बल्कि पूरी तरह जानलेवा है।



ब्लड कंपोनेंट्स का नशा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में युवा ब्लड कंपोनेंट्स को इंजेक्शन के जरिए नशे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हाल ही में मनोरोग विशेषज्ञों के पास ऐसे पांच मामले पहुंचे हैं। वहीं सालभर में ऐसे12 केस सामने आ चुके हैं।



सबसे बड़ी हैरानी की बात तो ये है कि इनमें से ज्यादातर 18 से 25 साल के लड़के-लड़कियां हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो देखकर ये युवा इस ट्रेंड को अपना रहे हैं, उन्हें लगता है कि इससे नशा या ज्यादा ऊर्जा मिलती है जबकि मेडिकल साइंस में इसका कोई ठोस प्रमाण ही नहीं है।



ब्लड प्लाज्मा इंजेक्ट

इस ट्रेंड का पहला केस भोपाल के कोलार का है। यहां 20 साल के एक छात्र ने सोशल मीडिया से देखकर ब्लड प्लाज्मा इंजेक्ट करना शुरू कर दिया था। पहले ये सिर्फ जिज्ञासा थी, लेकिन धीरे-धीरे यह एक खतरनाक आदत बन गई।



कारण ये था कि उसे डोपामिन की चाह बढ़ने लगी। इससे उसका इम्पल्स कंट्रोल कम हो गया और वह आक्रामक हो गया। आखिरकार उसे साइकेट्रिस्टके पास ले जाना पड़ा।



Into my arms: Injecting drug use in New Zealand - NZ Drug Foundation


लैब टेक्नीशियन भी लेता था इंजेक्शन

भोपाल केसंतनगर से भी ऐसा ही मामला सामने आया। यहां 23 साल का एक लैब टेक्नीशियन पहले तो मजे के लिए खून का इंजेक्शन लगाने लगा, लेकिन फिर यह उसकी आदत बन गई।



बाद में इस पर खर्च बढ़ने लगा और वह लोगों से दूर रहने लगा। काउंसलिंग में उसने यह स्वीकार किया।



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खिलाड़ी करते हैं इस्तेमाल

विदेशों में खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए ब्लड डोपिंग का इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन यह ट्रेंड युवाओं में फैलना खतरनाक है। खून या उसके कंपोनेंट्स का इस तरह से इस्तेमाल करना बहुत खतरनाक होता है।



इन बातों का रखें ध्यान

ब्लड कंपोनेंट्स का इंजेक्शन या ट्रांसफ्यूजन सिर्फ तब लेना चाहिए जब डॉक्टर इसे किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए कहें। बिना डॉक्टर की सलाह के इसका इस्तेमाल करना न सिर्फ गलत है, बल्कि जान के लिए खतरे की बात हो सकती है।



सोशल मीडिया पर गलत जानकारी की वजह से कुछ लोग इन्हें नशे या एनर्जी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं।



  • गलत तरीके से या गलत ग्रुप का ब्लड चढ़वाने से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। इससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है और जान भी जा सकती है।
  • इस लापरवाही से HIV, हेपेटाइटिस बी और सी जैसे खतरनाक संक्रमण फैल सकते हैं।
  • ब्लड ट्रांसफ्यूजन से नसों में खून का थक्का जम सकता है। साथ ही शरीर में जहर फैल सकता है जिसे सेप्सिस कहते हैं।

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