भोपाल में दिखा अद्भुत नजारा, जब 12:20 बजे अचानक गायब हो गई सबकी परछाई!
राजधानी भोपाल के अरेरा हिल्स पार्क में शनिवार को अनोखा नजारा देखने को मिला। दोपहर 12:20 बजे हर चीज की परछाई पूरी तरह गायब हो गई। यह घटना जीरो शैडो डे के कारण हुई। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले बच्चों के लिए खास कार्यक्रम रखा था। यह नजारा रविवार को भी दोबारा देखने को मिलेगा।
अरेरा हिल्स में अनोखा नजारा
राजधानी भोपाल के अरेरा हिल्स अटलमूर्ति पार्क में शनिवार दोपहर अनोखा नजारा दिखा। नेशनल अवार्ड प्राप्त खगोलविज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने यहां एक विशेष कार्यक्रम रखा था।
जैसे ही घड़ी में दोपहर 12 बजकर 20 मिनट हुए, पार्क के प्लेटफॉर्म पर रखी चीजों की परछाई गायब हो गई। बेलनाकार पाइप, बोतलें और वहां खड़े लोगों तक की परछाई नहीं दिखी।
पैरों के नीचे सिमटी परछाई
कुछ मिनटों के लिए लोगों ने अपनी परछाई को अपने पैरों के नीचे सिमटते देखा। यह नजारा देखने वालों के लिए बहुत रोमांचक रहा। बच्चों और बड़ों दोनों ने इस पल को कैमरे में कैद किया।
क्यों होता है यह नजारा
सारिका ने बताया कि पृथ्वी झुकी हुई है। इस वजह से सूर्य की किरणें साल में सिर्फ दो बार ही कुछ जगहों पर सीधी पड़ती हैं। यह केवल कर्क रेखा (Tropic of Cancer) और मकर रेखा (Tropic of Capricorn) के बीच के स्थानों पर होता है।
साउथ भोपाल में उत्तरायण सूर्य के कारण यह घटना पहली बार 13 जून को होती है। इसके बाद दक्षिणायन सूर्य के लौटने पर 28 जून को भी ऐसा होगा। लेकिन तब मानसून के कारण इसे देख पाना मुश्किल हो सकता है।
बच्चों के लिए साइंस सीखने का तरीका
इस आयोजन का मुख्य मकसद बच्चों में वैज्ञानिक सोच बढ़ाना है। खेल-खेल में सीखी गई विज्ञान की बातें बच्चों के दिमाग पर गहरा असर छोड़ती हैं। ऐसे प्रयोग बच्चों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाते हैं।
रविवार को फिर मिलेगा मौका
सारिका ने कहा कि अगर किसी कारण से शनिवार को यह नजारा देखने से कोई चूक गया है तो निराश होने की जरूरत नहीं है। रविवार दोपहर में भी लगभग इसी रूप में यह घटना दोबारा देखी जा सकेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि सूर्य अपनी यात्रा के अंतिम चरण में 21 जून को कर्क रेखा पर स्थित शहरों में पहुंचेगा।
कैसे किया गया यह प्रयोग
इस प्रयोग के लिए एक सफेद कागज पर चार कप उल्टे रखे गए। इन कपों के सहारे एक पारदर्शी कांच की प्लेट रखी गई। इसके ऊपर एक खोखला पाइप सीधा खड़ा करके रखा गया।
जैसे ही दोपहर 12 बजकर 20 मिनट हुए, सूर्य की किरणें इस पाइप के बीच से सीधी निकल गईं। नीचे रखे कागज पर एक चमकती डिस्क दिखाई दी। इस दौरान पाइप की कोई परछाई नहीं बनी।
यह प्रयोग बहुत सरल था, लेकिन इसने विज्ञान का बड़ा सिद्धांत आसानी से समझा दिया।
FAQ
- जीरो शैडो डे क्या है?
यह वह दिन है जब सूर्य की किरणें सीधी जमीन पर पड़ती हैं। इस वजह से किसी भी वस्तु की परछाई नहीं बनती। यह साल में कुछ खास जगहों पर ही होता है। - भोपाल में यह घटना कब हुई?
यह घटना शनिवार दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर हुई। यह अरेरा हिल्स अटलमूर्ति पार्क में देखी गई। यह नजारा कुछ मिनटों तक रहा।
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परछाई नहीं दिखेगी