ब्यावरा जमीन विवाद: मंत्री नारायण सिंह पंवार बोले- इस्तीफा दे दूंगा पर जमीन नहीं दूंगा
मध्य प्रदेश के ब्यावरा के बांकपुरा गांव में 219 बीघा जमीन के मालिकाना हक को लेकर किसानों और एक निजी कंपनी के बीच गहरा विवाद छिड़ गया है।
दरअसल गांव की जमीन कंपनी को देने पर विवाद है। एक तरफ कंपनी का दावा है कि उन्होंने यह जमीन कानूनी रूप से खरीदी है। वहीं दूसरी ओर किसान इसे अपनी पीढ़ियों की आजीविका बताते हुए किसी भी कीमत पर देने को तैयार नहीं हैं। पूरा मामला जानने के लिए खबर आखिरी तक पढ़िए।
पहले इस्तीफा दूंगा फिर बात करूंगा
दरअसल ब्यावरा शहर के बांकपुरा गांव में 219 बीघा जमीन को लेकर बुधवार, 13 मई को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था। इस महापंचायत में किसानों को भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों का समर्थन मिला था।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार भी पहुंचे थे जहां उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी बड़ा उद्योगपति आ जाए, या मुख्यमंत्री (मोहन यादव) भी आ जाए, पहले मैं इस्तीफा दूंगा फिर बात करूंगा। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
एक इंच भी जमीन नहीं दी जाएगी
जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सौंधिया ने कहा कि दिलीप बिल्डकॉन या किसी भी निजी कंपनी को एक इंच भी जमीन नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह जमीन हमारे किसानों की आजीविका और आने वाली पीढ़ियों का अधिकार है।
इस मौके पर एसडीएम गोविंद कुमार दुबे, तहसीलदार आनंद जायसवाल और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। महापंचायत में करीब 50 गांवों के किसानों के शामिल होने का दावा किया गया है।
महापंचायत में किसानों ने विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें उन्होंने कहा कि यह जमीन किसी को भी नहीं दी जाएगी।
आंदोलन करने की चेतावनी
बांकपुरा और आसपास के किसानों का कहना है कि वे सालों से उस जमीन पर खेती कर रहे हैं। यह जमीन उनके परिवारों की आजीविका का जरिया रही है।
किसानों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने जमीन का सीमांकन कर निजी कंपनी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे किसानों में गुस्सा है। किसानों का कहना है कि गांव की जमीन किसी भी निजी कंपनी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जमीन को लेकर विरोध की स्थिति क्यों बनी?
दिलीप बिल्डकॉन कंपनी के मैनेजर अशोक तोमर का कहना है कि बांकपुरा में 219 बीघा जमीन पूरी तरह से वैध प्रक्रिया के तहत खरीदी गई है।
जिन जमीन मालिकों के पास पट्टे थे, उन्होंने शासन से विक्रय अनुमति लेने के बाद जमीन बेची थी। जमीन को 2-3 हिस्सों में खरीदा गया है। पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई है।
उन्होंने आगे बताया कि जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण और सीमांकन भी सही तरीके से किया गया है। कंपनी ने बांकपुरा में सीएनजी पंप भी स्थापित किया है।
मैनेजर का कहना है कि जमीन पर नेपियर घास (पशुओं का चारा) की खेती की जा रही है। हालांकि कुछ किसानों का जमीन पर कब्जा है। वे इसे छोड़ना नहीं चाहते इसी वजह से जमीन को लेकर विरोध की स्थिति बनी हुई है।
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