इस्लाम जहां-अशांति वहां, मुस्लिमों के तलवे चाटना बंद करें नेता-बोले कालीचरण महाराज

Aman Vaishnav | Jul 29, 2026, 11:53 IST
कालीचरण महाराज
संत कालीचरण महाराज ने कहा कि जहां-जहां इस्लाम रहेगा, वहां अशांति ही रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम और क्रिश्चियन कोई असली धर्म नहीं हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • राष्ट्रीय संत कालीचरण महाराज ने ब्यावरा में विवादित बयान दिया है।
  • मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने इस्लाम पर टिप्पणी की।
  • उन्होंने नाथूराम गोडसे का भी खुलकर समर्थन किया।
  • महाराज ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग दोहराई।
  • वे तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होने ब्यावरा पहुंचे हैं।

प्रेस वार्ता में क्या कहा

दरअसल कालीचरण महाराज मंगलवार,29 जुलाई को ब्यावरा में पत्रकारों से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस्लाम के कारण पूरी दुनिया में अशांति है। उनका दावा था कि जहां भी इस्लाम रहेगा, वहां शांति नहीं रह सकती।



महाराज ने आगे कहा कि इस्लाम और ईसाई धर्म असल में धर्म नहीं हैं। महाराज के अनुसार सिर्फ सनातन धर्म ही सच्चा धर्म है। उन्होंने तर्क दिया कि हर धर्म का उद्देश्य ईश्वर प्राप्ति होता है।



कालीचरण महाराज ने कहा कि इस्लाम में यह लक्ष्य नहीं है। उनके अनुसार इसमें पुनर्जन्म और कर्मफल का कोई सिद्धांत भी नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने इसे धर्म मानने से इनकार किया।



हिंदू राष्ट्र की उठी मांग

कालीचरण महाराज ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने हिंदुओं से जातिवाद छोड़कर एकजुट होने की अपील की। महाराज ने राष्ट्रवादी सरकारें बनाने का आह्वान भी किया।



मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महाराज ने कहा कि सिख, जैन और बौद्ध धर्म सनातन परंपरा का ही हिस्सा हैं। उनके मुताबिक सभी हिंदुओं को धर्म और राष्ट्र की उन्नति के लिए मिलकर काम करना चाहिए।



प्रेस वार्ता में महाराज ने गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग भी दोहराई। यह मांग वे पहले भी कई मंचों से उठा चुके हैं।



नाथूराम गोडसे का किया समर्थन

बता दें कि कालीचरण महाराज ने नाथूराम गोडसे को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने गोडसे को हिंदू धर्म का रक्षक बताया। महाराज ने कहा कि वे गोडसे के विचारों के कट्टर समर्थक हैं। उन्होंने गोडसे के कार्यों का भी समर्थन किया।



नेताओं पर भी साधा निशाना

महाराज ने देश के नेताओं पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता मुस्लिम समुदाय को खुश करने की राजनीति करते हैं। उनके अनुसार इसी वजह से भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन पाया है।



कालीचरण महाराज ने कहा कि यदि नेता धर्मसंगत राजनीति करें तो भारत विश्व गुरु भी बन सकता है। महाराज ने हिंदू समाज से शत-प्रतिशत हिंदू हित में मतदान करने की अपील की।



महाराज ने यह भी कहा कि जातिवाद और सब्जियों के भाव जैसे मुद्दों पर वोट देना उचित नहीं है। उनके अनुसार हिंदुओं को धर्म के आधार पर एकजुट होकर मतदान करना चाहिए।



गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन

बता दें कि कालीचरण महाराज तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव में भाग लेने ब्यावरा पहुंचे हैं। इस महोत्सव के तहत 29 जुलाई को निकुंबला महायज्ञ और गुरु दीक्षा का आयोजन होना है। इसी कार्यक्रम के दौरान प्रेस वार्ता में उनके यह बयान सामने आए हैं।



ये खबरें भी पढ़िए...

महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर रेप का आरोप, महिला ने गृह मंत्री-DGP तक भेजी शिकायत



RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, किताबों में हो हिंदू देवी-देवताओं की जानकारी



श्रीकृष्ण मुस्लिम थे बयान पर भड़के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, मौलाना को दे दी चेतावनी



राम मंदिर विवाद पर भड़के पंडित प्रदीप मिश्रा, बोले यह सनातन के खिलाफ षड्यंत्र



Tags:
  • सनातन धर्म
  • कालीचरण महाराज
  • इस्लाम
  • नाथूराम गोडसे
  • ईसाई धर्म
  • संत कालीचरण महाराज