भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने PWD मंत्री को घेरा, सीएम से लगाई गुहार
समझें क्या है पूरा मामला...
- शहपुरा का क्षतिग्रस्त पुल अब तक पूरी तरह चालू नहीं हो पाया है।
- भोपाल-जबलपुर का भारी ट्रैफिक पाटन मार्ग से निकाला जा रहा है।
- पाटन विधायक अजय विश्नोई ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हैं।
- उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण मंत्री की प्राथमिकता में नहीं है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जल्द काम शुरू कराने की मांग की गई है।
विधायक ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश की राजनीति में गुरुवार, 23 जुलाई को एक अलग तस्वीर दिखी। भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलकर सामने आए।
बीजेपी विधायक अजय बिश्नोई ने लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शहपुरा पुल का काम महीनों बाद भी पूरा नहीं हुआ है। इसका सीधा असर पाटन क्षेत्र के लोगों पर पड़ रहा है।
विश्नोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि भोपाल और जबलपुर का भारी ट्रैफिक पाटन की ओर मोड़ दिया गया है। इससे हर दिन नई परेशानी खड़ी हो रही है। उनका दावा है कि इसी कारण एक और व्यक्ति की जान चली गई।
शहपुरा पुल बंद होने से क्यों बढ़ी मुश्किलें
बता दें कि नेशनल हाईवे-45 पर शहपुरा का पुल लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद भारी वाहनों को दूसरे रास्ते से भेजा जा रहा है।
सबसे ज्यादा दबाव पाटन-जबलपुर मार्ग पर पड़ा है। भारी ट्रकों की लगातार आवाजाही से सड़क तेजी से खराब हो रही है। स्थानीय लोग रोज जाम और दुर्घटनाओं का सामना कर रहे हैं। व्यापार, खेती और आम सफर भी प्रभावित हो रहा है।
अजय विश्नोई ने कहा कि लोग कई महीनों से राहत का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं मिला है।
PWD मंत्री की प्राथमिकता पर सीधा हमला
विश्नोई ने अपने बयान में सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जबलपुर-पाटन सड़क को चौड़ा करने की योजना पहले से बजट में शामिल है। इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो सका।
विश्नोई ने आरोप लगाया कि यह परियोजना लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की प्राथमिकता में नहीं है। इसलिए फाइल आगे नहीं बढ़ रही है।
भाजपा के विधायक का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह सवाल विपक्ष ने नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल के नेता ने उठाया है। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री से की सीधे हस्तक्षेप की मांग
अजय विश्नोई ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने एक पत्र भी सौंपा।
विश्नोई ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पाटन-जबलपुर और पाटन-मानकेड़ी सड़क का निर्माण तुरंत शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द फैसला नहीं हुआ तो लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क सिर्फ विकास का सवाल नहीं है। यह लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा मामला है।
तीन साल में ही खराब करोड़ों का पुल
शहपुरा के पास बना रेलवे ओवरब्रिज करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ था। यह पुल भोपाल और जबलपुर के बीच एक अहम कड़ी माना जाता है।
वहीं निर्माण के लगभग तीन साल बाद ही इसमें गंभीर खराबी सामने आ गई। पहले एक लेन धंस गई। बाद में दूसरी लेन का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद प्रशासन को यातायात दूसरी दिशा में मोड़ना पड़ा।
यही वजह है कि पाटन मार्ग पर अचानक भारी ट्रैफिक बढ़ गया।
अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई
पुल की खराब हालत सामने आने के बाद मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने जांच कराई थी।
जांच में तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक और संभागीय प्रबंधक की भूमिका पर सवाल उठे थे। दोनों अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई। उनकी पेंशन रोकने के लिए भी पत्र जारी किया गया था।
इस कार्रवाई के बावजूद पुल का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
राजनीति से आगे जनता का बड़ा सवाल
इस पूरे विवाद ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। क्या विकास योजनाओं की रफ्तार राजनीतिक प्राथमिकताओं से तय होगी या जनता की जरूरतों से?
पाटन के लोग फिलहाल सुरक्षित सड़क और सामान्य यातायात चाहते हैं। लगातार बढ़ते हादसे इस मांग को और मजबूत बना रहे हैं। अब सबकी नजर मुख्यमंत्री के अगले फैसले पर है।
ये खबरें भी पढ़िए....
विधानसभा में कीड़ा विवाद पर स्पीकर बोले- रिकॉर्ड में विजयवर्गीय ने ऐसा शब्द नहीं कहा
विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे का रसूख, पुलिस के साथ मिलकर युवकों को पीटने का आरोप
भाजपा विधायक जगन्नाथ सिंह पर फायरिंग कराने के आरोप, बिजली काटी, पत्थरबाजी भी की!
भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य के बदले तेवर, अपने ही मंत्रियों को बताया था नाकारा